Major Changes in CBSE Board Class 10th Mathematics Exam 2020

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Major Changes in CBSE Board Class 10th Mathematics Exam 2020

गणित को लेकर अक्सर देखा गया है कि बहुत से स्टूडेंट्स तनाव में रहते हैं, क्योंकि उन्हें गणित का भय सताता है। ऐसे में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इसे लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, जो कि ऐसे स्टूडेंट्स के लिए कारगर साबित होने वाला है, जिन्हें गणित कठिन लगता है और जो दसवीं से आगे की पढ़ाई गणित के साथ नहीं जारी रखना चाहते हैं। CBSE Class 10 Maths exam pattern में बदलाव करते हुए अब गणित के दो तरह के पेपर सीबीएसई की ओर से लिये जाएंगे, जिनमें से एक मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड और दूसरा मैथेमेटिक्स बेसिक होगा। रजिस्ट्रेशन के वक्त स्टूडेंट्स से इन दोनों में से एक विकल्प को चुनने के लिए कहा जा रहा है। मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड में विषय का स्तर वही रहेगा, जो वर्तमान में चला आ रहा है, जबकि मैथेमेटिक्स बेसिक इसकी तुलना में आसान होगा। यहां हम आपको CBSE class 10th Board exam 2020 के तहत Changes in CBSE board 10th Mathematics paper के बारे में विस्तार से समझा रहे हैं।

Changes in CBSE board 10th Mathematics paper

Change in pattern of CBSE class 10th exam 2020 के अंतर्गत गणित के पेपर को लेकर जो सीबीएसई की ओर से बदलाव किये गये हैं, वे इसी सत्र से लागू होने जा रहे हैं। इसका मतलब यह हुआ कि सीबीएसई की जो 2020 की 10वीं की परीक्षा होगी, उसमें Pattern change in CBSE Board 2020 देखने को मिलेगा। आइए, समझें इस बदलाव को।

ऐसे कर पाएंगे चुनाव

रजिस्ट्रेशान के वक्त ही स्टूडेंट्स को विकल्प चुनना पड़ रहा है कि वे गणित की परीक्षा मैथेमेक्टिस स्टैंडर्ड पेपर के साथ देना चाहते हैं या फिर मैथेमेटिक्स बेसिक पेपर के साथ। एक बार जो विकल्प स्टूडेंट्स चुन लेगें, उसमें वे बदलाव नहीं कर सकते हैं। CBSE Class 10 Maths exam pattern में बदलाव के तहत यह व्यवस्था हालांकि दी गई है कि यदि मैथेमेटिक्स बेसिक का विकल्प चुनने वाले जो स्टूडेंट्स 11वीं में गणित लेकर पढ़ना चाहते हैं, वे 10वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड पेपर के साथ दे सकते हैं। वैसे, इसके लिए यह जरूरी होगा कि उन्होंने 10वीं की परीक्षा मैथेमेटिक्स बेसिक के पेपर में उत्तीर्ण की हो। सप्लीमेंट्री परीक्षा 10वीं का परिणाम घोषित होने के बाद अगले साल जुलाई में आयोजित होगी।

Mathematics Standard

CBSE class 10th Board exam 2020 पिछली बार से अलग इसलिए होने जा रहा है कि मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड और मैथेमेटिक्स बेसिक का विकल्प पहली बार स्टूडेंट्स को दिया जा रहा है। मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड में वैसा ही है, जैसा कि 10वीं का गणित होता आया है। इसमें पाठ्यक्रम में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। जो स्टूडेंट्स विकल्प में मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड लेते हैं, उनके लिए आगे की पढ़ाई गणित विषय के साथ करने का विकल्प खुला रहेगा। मैथेमेटिक्स स्टैंडर्ड के स्तर को हालांकि सीबीएसई ने कठिन माना है। यही वजह है कि मैथेमेटिक्स बेसिक का भी विकल्प स्टूडेंट्स के लिए इस बार से मुहैया कराया जा रहा है।

Mathematics Basic

यह Changes in CBSE board 10th Mathematics paper का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि जो स्टूडेंट्स खुद को गणित में कमजोर मानते हैं, वे रजिस्ट्रेशन के वक्त इसे चुन सकते हैं। इससे जिन बाकी विषयों में उनकी रुचि है, उसमें बिना किसी तनाव के वे पढ़ाई में समय दे पाएंगे। मैथेमेटिक्स बेसिक में स्तर को आसान बनाया गया है। ऐसे में इसमें थोड़ी-सी भी तैयारी करके स्टूडेंट्स परीक्षा में उत्तीर्ण हो पाएंगे। मुख्य रूप से मैथेमेटिक्स बेसिक वैसे स्टूडेंट्स के लिए सीबीएसई की ओर से लाया गया है, जो 10वीं के बाद इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ना चाहते हैं।

सिलेबस नहीं, केवल प्रश्नपत्र अलग-अलग

Change in pattern of CBSE class 10th exam 2020 के अंतर्गत जो मैथेमेटिक्स पेपर में बदलाव किये गये हैं, उसमें यह बात ध्यान रखने योग्य है कि सीबीएसई ने मैथेमेक्टिस स्टैंडर्ड और मैथेमेक्टिस बेसिक के दो विकल्पों के तहत पाठ्यक्रम को दो हिस्से में नहीं बांटा है। कहने का तात्पर्य है कि सिलेबस दोनों का एक ही रहेगा, जो पहले से चला आ रहा है, मगर दोनों विषयों के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगे। मैथेमेक्टिस स्टैंडर्ड में पूछे जाने वाले सवाल जहां कठिन होंगे और कंसेप्ट पर आधारित होंगे, वहीं मैथेमेक्टिस बेसिक के पेपर में आने वाले सरल होंगे। स्कूल में होने वाली परीक्षाओं से ही इस बदलाव को लागू कर दिया जायेगा, ताकि बोर्ड परीक्षा तक स्टूडेंट्स इसके लिए तैयार हो सकें।

निष्कर्ष

Pattern change in CBSE Board 2020 सीबीएसई की ओर से उठाया गया सराहनीय कदम कहा जा सकता है, क्योंकि लंबे अरसे से यह महसूस किया जा रहा था कि गणित के तनाव की वजह से अन्य विषयों में पारंगत स्टूडेंट्स की प्रतिभा दब जा रही है। गणित के प्रश्नपत्र को दो हिस्सों में बांटने से उन स्टूडेंट्स के लिए राहें आसान हो गई हैं, जो 10वीं के बाद वाणिज्य और मानविकी संकाय आदि में भी अपने लिए कॅरियर बनाना चाह रहे हैं।

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