What is SATAT Initiative? जानें पूरी डिटेल्स

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SATAT initiative


What is SATAT Initiative? यह एक ऐसा सवाल है, जो लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अब पूछा जा रहा है। वर्तमान समय के मुताबिक इसकी प्रासंगिकता को देखते हुए भी इस सवाल का जवाब जानना हर किसी के लिए बहुत ही जरूरी है। इस वक्त पर्यावरण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। इसी से इसका सीधा संबंध है। इसी से छुटकारा पाने के प्रयासों से यह संबंधित है। यह वास्तव में एक पहल है, जिसके जरिए पर्यावरण में पैदा हुई समस्याओं से निजात पाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

इस लेख में आपके लिए है:

  • SATAT को यूं समझें
  • क्यों है SATAT Initiative महत्वपूर्ण?
  • SATAT से मिलने वाले लाभ
  • स्रोत और उत्पादन की क्षमता

SATAT को यूं समझें

  • SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) संपीड़ित बायोगैस के उत्पादन से संबंधित है। दरअसल, जो कचरे गड्ढे में जमा किए जाते हैं, उसके उत्सर्जन से जो गैस निकलती है या फिर जो कृषि ठूंठ जलाए जाते हैं, उससे जो इंधन प्राप्त होता है, उन्हें तेल और गैस की जगह पर प्रयोग में लाया जा सकता है।
  • यदि इनके प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए तो ऐसे में तेल और गैस पर जो हमारी निर्भरता बनी हुई है, वह कम हो जाएगी। यही नहीं, तेल और गैस का आयात भी हमें वर्तमान की तुलना में कम करना पड़ेगा।
  • साल 2018 में 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडियन आयल कारपोरेशन, एचपीसीएल और बीपीसीएल के साथ एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट का आमंत्रण देते हुए SATAT का आगाज किया था।
  • Compressed Bio-gas Plants की स्थापना कर संपीड़ित बायोगैस के उत्पादन के लिए देश भर में तेल विपणन कंपनियों के साथ गैस विपणन कंपनियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक सरकार की ओर से बड़ी संख्या में संपीडित बायो गैस के उत्पादन के इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए बड़ी संख्या में संयंत्रों को आशय पत्र देकर सम्मानित भी किया जा चुका है।
  • बहुत ही लंबे समय से यह आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि परिवहन के लिए एक किफायती व्यवस्था बने। ऐसे में सतत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कही जा सकती है। इससे वाहन का उपयोग करने वालों को तो लाभ मिलने ही वाला है, मगर साथ में इससे किसानों और उद्यमियों को भी बड़े पैमाने पर लाभ प्राप्त होने वाला है।
  • सतत पहल के तहत संपीड़ित जैव गैस संयंत्र बनाए जाने हैं। खासतौर पर जो स्वतंत्र उद्यमी हैं, उनके माध्यम से इनकी स्थापना किए जाने का प्रस्ताव लाया गया है। संपीडित बायोगैस का उत्पादन इन संयंत्रों में ग्रीन परिवहन के विकल्प के तौर पर विपणन के लिए किया जाना है।
  • बीते जुलाई में इंडियन ऑयल, एनटीपीसी और एसडीएमसी ने मिलकर आपसी सहयोग के एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किया था, जिसका उद्देश्य दिल्ली के ओखला लैंडफिल साइट पर गैसीफिकेशन तकनीक का प्रयोग करते हुए कचरे से ऊर्जा पैदा करना था।

क्यों है SATAT Initiative महत्वपूर्ण?

SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) कई मायनों में महत्वपूर्ण है। सबसे बड़ी बात है कि यह जो इंधन तैयार होने वाला है, यह कृषि अवशेषों से तैयार होगा। मवेशियों के गोबर से यह बनाया जा सकेगा। नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट का इसकी वजह से बेहतर तरीके से उपयोग हो पाएगा। संपीडित बायोगैस बाजार में इंधन के रूप में उपलब्ध कराई जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र उद्यमियों को इस पहल के तहत प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

SATAT से मिलने वाले लाभ

  • किसानों के लिए यह बड़ा ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें इनसे कृषि के अतिरिक्त भी कमाई हो पाएगी।
  • अपशिष्ट का प्रबंधन सही तरीके से हो पाएगा। इससे न केवल प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को भी कम किया जा सकेगा।
  • कच्चे तेल की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव हो रहे हैं, उस पर लगाम कसने में इससे काफी हद तक मदद मिलने वाली है।
  • उद्यमिता को इससे बढ़ावा मिलने वाला है। रोजगार के अवसर इससे बढ़ेंगे। यही नहीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी यह मजबूती प्रदान करेगा।
  • प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का आयात इस इस वक्त बड़े पैमाने पर हो रहा है, उसे कम करने में यह मददगार होगा।
  • जलवायु परिवर्तन पर लगाम कसने के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उसके लिए जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबद्धता जताई जा रही है, वह पहले से और भी मजबूत होगी।

स्रोत और उत्पादन की क्षमता

  • अलग-अलग स्रोत जो भारत में उपलब्ध हैं, उनसे एक अनुमान के मुताबिक हर साल 62 मिलियन टन संपीड़ित बायोगैस का उत्पादन किया जा सकता है।
  • लगभग 1500 सीएनजी स्टेशन के नेटवर्क इस समय देश में फैले हुए हैं। पूरी मजबूती के साथ करीब 32 लाख वाहनों का संचालन इनके जरिए हो रहा है। ये गैस आधारित हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं।
  • जैव ईंधन को लेकर राष्ट्रीय नीति, 2018 भी है। एक अखिल भारतीय मूल्य निर्धारण मॉडल की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप देने का काम इस वक्त चल रहा है। राष्ट्रीय नीति में जैव इंधन को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया है।
  • केंद्र सरकार की तरफ से गोबर-धन योजना यानी कि Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Money-Dung Money योजना को भी शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य था कि जो मवेशियों का गोबर निकल रहा है और जो खेतों से ठोस अपशिष्ट आ रहे हैं, उन्हें संपीड़ित बायोगैस के साथ कंपोस्ट में बदल दिया जाए।
  • वर्ष 2018-19 का जो केंद्रीय बजट पेश किया गया था, उसमें इस योजना के दो प्रमुख उद्देश्य बताए गए थे। इसमें पहला उद्देश्य गांव को साफ-सुथरा बनाना था और इसका दूसरा उद्देश्य पशुओं एवं अन्य तरह के जैविक अपशिष्ट से अतिरिक्त आय कमाना और ऊर्जा का उत्पादन करना था।
  • अलग-अलग तरह के बायोमास और अपशिष्ट स्रोतों से संपीड़ित गैस को पैदा किया जाना मुमकिन है। नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट के साथ मवेशियों के गोबर, सीवरेज उपचार संयंत्रों के अपशिष्ट, डिस्टलरी के अपशिष्ट, कृषि अवशेष और गन्ने का रस निकाल देने के बाद बचे अवशेष आदि से इसका उत्पादन हो सकता है।

निष्कर्ष

What is SATAT Initiative? इस लेख को पढ़ने के बाद आपको इसका जवाब मिल गया होगा। इसमें कोई शक नहीं कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह पहल बड़ी ही लाभकारी आने वाले वर्षों में साबित होने वाली है। जरूरत इस बात की है कि पूरे मनोयोग के साथ न केवल सरकार, बल्कि जनता भी इसमें अपना योगदान दे।

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