पीएम-डिवाइन योजना क्या है | What is PM-DevINE Scheme?

1129
PM-DevINE Scheme

PLAYING x OF y
Track Name
00:00

00:00


PM-DevINE scheme यानी कि पीएम-डिवाइन योजना तब से चर्चा का विषय बनी हुई है, जब से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2022-23 के बजट में इसकी घोषणा की गई है।

What is PM-DevINE scheme? यह सवाल आपके भी जेहन में जरूर आया होगा, जब आपने इसके बारे में अखबारों में या कहीं पर भी पढ़ा होगा। दरअसल, एक सप्ताह पहले जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश कर रही थीं, तो इस दौरान उन्होंने इस योजना की घोषणा की। इस योजना का पूरा नाम प्राइम मिनिस्टर्स डेवलपमेंट इनीशिएटिव फॉर नॉर्थ ईस्ट है। केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर के विकास के लिए यह एक महत्वकांक्षी योजना है और इस योजना के पूरी कुशलता के साथ संचालन के लिए सरकार की ओर से इस नई योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए भी आवंटित कर दिए गए हैं।  इस लेख में पीएम-डिवाइन योजना के बारे में हम आपको विस्तार से जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।

PM-DevINE scheme की पृष्ठभूमि

  • पूर्वोत्तर में विकास की गति को बढ़ाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार काफी समय से प्रयासरत है। अपने इन्हीं प्रयासों को और गति प्रदान करते हुए पीएम-डिवाइन योजना की शुरुआत की गई है, जिसे कि वित्त मंत्री के मुताबिक नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल यानी कि पूर्वोत्तर परिषद के माध्यम से लागू किया जाएगा।
  • इस योजना के बारे में यह बताया गया है कि जिस तरह से पीएम गति शक्ति योजना काम कर रही है, बिल्कुल उसी तरीके से पूर्वोत्तर के इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हीं के अनुसार वहां न केवल बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, बल्कि सामाजिक विकास से जुड़ीं जितनी भी योजनाएं हैं, उन सभी का वित्तपोषण इस योजना के माध्यम से किया जाना मुमकिन होगा।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना के बारे में यह बताया है कि महिलाओं के लिए आजीविका से जुड़े जितने भी क्रियाकलाप होंगे, इस योजना के जरिए वे पहले से बेहद आसान हो जाएंगे। इसके अलावा युवाओं के लिए भी इस योजना में ऐसे विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके जरिए अपनी आजीविका के लिए रास्ता बनाना उनके लिए भी सुगम हो जाएगा।
  • इन सबके अलावा PM-DevINE scheme के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में जो इस वक्त बड़ा अंतर मौजूद है, उसे भी खत्म किए जाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्तमान में जो केंद्रीय और राज्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं, पीएम-डिवाइन योजना उनका विकल्प नहीं होगी।
  • वित्त मंत्री ने यह बताया है कि केंद्रीय मंत्रालय भी अपनी परियोजनाओं का संचालन यहां करते रहेंगे, मगर राज्य सरकारों की ओर से जो परियोजनाएं पेश की जाएंगी, उन्हें अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।
  • PM-DevINE योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर भारत में वैज्ञानिक ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही गुवाहाटी में पूर्वोत्तर भारत के लिए बाल चिकित्सा एवं व्यस्क होमोलिम्फाइड कैंसर (सिर और गर्दन का कैंसर) के इलाज के लिए समर्पित सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।
  • इन सभी के अलावा नेटकेयर आजीविका संवर्धन परियोजना को भी इसमें शामिल किया गया है। सिक्किम के पश्चिमी इलाके में संगा-चौलिंग के लिए पैलिंग हेतु यात्री रोपवे सिस्टम को विकसित किया जाएगा। पश्चिम दिशा की ओर आइजोल बाईपास का निर्माण किया जाएगा।
  • मिजोरम के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग जगहों पर संपर्क के लिए बांस के परिवहन वाली सड़कों का निर्माण इस योजना के अंतर्गत किया जाएगा। साथ ही दक्षिण सिक्किम में धैप्पर से भाले धुंगा तक ऐसे रोपवे सिस्टम को भी विकसित किए जाने का प्रस्ताव है, जो कि पर्यावरण के अनुकूल होगा।

What is PM-DevINE scheme और कैसे होगा यह लागू?

  • यदि यह कहा जाए कि पीएम-डिवाइन योजना से पूर्वोत्तर का कायाकल्प होने जा रहा है, तो यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा, क्योंकि PM-DevINE scheme न केवल देश के पूर्वोत्तर इलाकों में बुनियादी ढांचे में जबरदस्त बदलाव लाने जा रही है, बल्कि वहां की सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।
  • जहां तक पीएम-डिवाइन योजना को लागू करने की बात है, तो वित्त मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) को यह अहम जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही गई है। इसका मतलब यह हुआ कि North Eastern Council (NEC) के जरिए ही इस योजना को लागू किया जाएगा।
  • इससे पूर्वोत्तर की अधिकांश जरूरतों को कुशलतापूर्वक पूरा किया जाना मुमकिन होगा, क्योंकि वहां की आवश्यकताओं के मुताबिक इस योजना में फंडिंग का प्रावधान किया गया है।

PM-DevINE scheme से पूर्वोत्तर को मिलने वाले महत्वपूर्ण लाभ

  • पीएम डिवाइन योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में कुछ ऐसे बदलाव होने वाले हैं, जिनसे वहां प्रगति तो होगी ही, मगर साथ में पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उदाहरण के लिए इसके अंतर्गत मिजोरम में बांस लिंक रोड का निर्माण होने जा रहा है। बांस लिंक रोड इसलिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके विकसित हो जाने के बाद जंगलों के रास्ते से इन सड़कों द्वारा बांस का परिवहन बेहद आसान हो जाएगा।
  • उसी तरीके से जो 500 करोड़ रुपए की लागत से आइजोल बाईपास का निर्माण होने जा रहा है, इससे भी पश्चिम दिशा की ओर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके जरिए उन वर्गों तक भी विकास का लाभ पहुंच पाएगा, जो अब तक इससे अछूते रह गए हैं और जिसकी वजह से उन्हें निर्धनता में जीवन-यापन करना पड़ रहा है।
  • पूर्वोत्तर के बहुत से इलाके ऐसे भी हैं, जहां कठिन भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाया है। पीएम-डिवाइन योजना में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दूर-दराज के इलाकों में भी सभी वर्गों तक और खासकर युवाओं एवं महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और उनके लिए सुगमता से आजीविका की व्यवस्था हो जाए।
  • PM-DevINE scheme के अंतर्गत महिलाओं को तरह-तरह की विधाओं में प्रशिक्षण दिए जाने का प्रस्ताव है। साथ ही युवाओं को भी कौशल से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उनके लिए भी अपने लिए एक बेहतर भविष्य बनाना आसान हो जाए।

पूर्वोत्तर के विकास के लिए पहल

  • PM-DevINE scheme के पहले से भी पूर्वोत्तर में विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से कई तरह के प्रयास किए जाते रहे हैं। फरवरी, 2018 में पूर्वोत्तर के लिए नीति मंच का गठन भी किया गया था।
  • इसका उद्देश्य यह था कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में त्वरित, समावेशी, मगर सतत आर्थिक विकास में जो भी बाधाएं आ रही हैं, उन सभी की पहचान की जाए और इन सभी बाधाओं को दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं।
  • नीति आयोग की ओर से गठित किया गया यह पहला क्षेत्रीय मंच भी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री इस मंच की अध्यक्षता करते हैं।
  • रेल के साथ सड़क एवं हवाई संपर्क में सुधार लाना, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का विकास करना, पूर्वोत्तर क्षेत्र में जल संसाधन की क्षमता का दोहन बढ़ाना और इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यनीतियां पूर्वोत्तर मंच की कार्यसूची में प्रमुखता से शामिल हैं।

और अंत में

PM-DevINE scheme को यदि पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाता है, तो निश्चित तौर पर पूर्वोत्तर की सूरत बदलने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारों एवं वहां रहने वाले लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। दोस्तों, यदि आपको यह लेख पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करना न भूलें। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह एक महत्वपूर्ण टॉपिक भी है।

Leave a Reply !!

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.