नई मंजिल योजना क्या है? | What is Nai Manzil Scheme?

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Nai Manzil Scheme
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भारत सरकार की नई मंजिल योजना अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एकीकृत शिक्षा और आजीविका पहल हैं। नई मंज़िल योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के उन युवाओं को जोड़ा जायेगा, जो किसी कारणवश अपनी स्कूली पढ़ायी पूरी नहीं कर पाए हों, उनके कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रावधान भी इस योजना में सम्मिलित किया गया हैं। भारत सरकार का अल्पसंख्यक मंत्रालय इस योजना के तहत पिछली जनगणना के उन आंकड़ों के आधार पर कार्य कर रहा हैं, जिसमे यह बताया गया हैं की देश के  अल्पसंख्यक समुदाय में जरुरी स्कूली शिक्षा और कौशल विकास की कमी हैं , इनके प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर स्कूली पढ़ायी छोड़ने की दर बहुत उच्च हैं। अल्पसंख्यक मंत्रालय की इस पहल में केंद्र सरकार और विश्व बैंक ने  हाथ आगे बढ़ाया हैं। इस योजना में आने वाले कुल खर्च का 50 % विश्व बैंक और 50 % केंद्र सरकार वहन करेगी। आज के इस लेख में हम आपको नई मंजिल योजना क्या है? इस विषय में सभी जानकारी देंगे। 

नई मंजिल योजना | Nai Manzil Scheme

  • अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा 8 अगस्त 2015, में देश के अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के लिए नई मंज़िल योजना शुरू की गयी थी।
  • इस योजना के मुख्या उद्देश्यों में से एक अल्पसंख्यक युवाओं को रोजगार युक्त कौशल प्रदान करना हैं।
  • नवीनतम प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर 2021 तक इस योजना के द्वारा 6,57,802 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया हैं। इसी कारण से यह योजना सुर्खियों में हैं।
  • नई मंजिल योजना के तहत 9 महीने से 12 महीने का एक कोर्स शुरू किया जाता है। इस कोर्स की मदद से अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं को बोर्ड परीक्षा देने योग्य बनाया जाता है।
  • इस योजना के अंतरगर्त सभी अल्पसंख्यक समुदाय एवं मदरसों में पढ़ने वाले 17 से 35 वर्ष के युवाओं को सम्मिलित किया गया हैं।
  • नई मंज़िल योजना के अंतर्गत 30% लाभार्थी सीटें बालिका/महिला अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित की जाएंगी तथा 5%  लाभार्थी सीटें अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित दिव्यांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित की जाएंगी। अंतर-समुदाय एकता को प्रोत्साहित करने के लिए गैर-अल्पसंख्यक समुदायों के बीपीएल परिवारों से संबंधित 15% अभ्यर्थियों पर भी विचार किया जाएगा।
  • यदि इस योजना के अंतर्गत यथा निर्धारित आरक्षित श्रेणियां रिक्त रहती हैं, तो इन रिक्त सीटों को अनारक्षित समझा जाएगा। 

नई मंजिल योजना का उद्देश्य |Objectives of Nai Manzil Scheme

  • अल्पसंख्यक समुदायों के उन युवाओं, जो स्कूल ड्रॉपआउट्‌स है, को जुटाना और उन्हें राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान (एनआईओएस) अथवा अन्य राज्य मुक्त विद्यालय प्रणाली के माध्यम से कक्षा 8 अथवा 10 तक की औपचारिक शिक्षा उपलब्ध कराना और प्रमाण-पत्र देना है।
  • स्वास्थ्य एवं जीवन कौशलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संवेदनशील बनाना। कार्यक्रम के भाग के रूप में, युवाओं को बाजार प्रेरित कौशलों  में एकीकृत कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
  • कम से कम 70% प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी में प्लेसमेंट उपलब्ध कराना जिससे कि वे मूलभूत न्यूनतम मजदूरी प्राप्त कर सके और उन्हें अन्य सामाजिक सुरक्षा हकदारियां जैसे कि भविष्य  निधियां, कर्मचारी राज्य बीमा(ईएसआई) आदि मुहैया कराना। 

नई मंजिल योजना का लक्ष्य

  • डिस्टेंस एजुकेशन माध्यम से कक्षा 8 और कक्षा 10 तक की शिक्षा देना तथा प्रमाण पत्र बांटना।
  • दसवीं के बाद चार पाठ्यक्रमों विनिर्माण, इंजीनियरिंग, सेवाएँ तथा सरल कौशल में कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
  • कार्यक्रम देश के सभी क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 100,000 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों के प्रशिक्षण का कुल वास्तविक लक्ष्य 5 वर्षों की कार्यान्वयन अवधि में पूरा किया जाएगा। आशा  की जाती है कि लक्ष्य का लगभग 2%  प्रथम प्रथम वर्ष  में कवर किया जाएगा और बकाया आने वाले वर्षों  में वितरित किया जाएगा।

पात्रता मापदंड

  • प्रशिक्षणार्थी राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के अंतर्गत यथा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय (अर्थात्‌ मुस्लिम, इसाई, सिक्ख, बौद्ध, जैन एवं पारसी) से संबंधित होना चाहिए।
  • अल्पसंख्यक युवा शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में बीपीएल परिवार से होना चाहिए।
  • यह एक आयु सम्बंधित मापदंड है जिसे उम्मीदवार को पूरा करना होगा. उनकी आयु 17 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • 8 वीं कक्षा के ब्रिज कोर्स के लिए नामांकन करने वाले उम्मीदवारों के पास 5 वीं कक्षा में उपस्थित होने का अकेडमिक प्रमाण पत्र होना चाहिए. इसी तरह 10 वीं कक्षा के ब्रिज कोर्स के लिए 8 वीं कक्षा का अकेडमिक प्रमाण पत्र होना चाहिए।

नई मंज़िल योजना से कैसे जुड़े? | How to connect to Nai Manzil Scheme?

नई मंज़िल योजना से जुड़ने के लिए उम्मीदवार को इसके ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म को भरना आवश्यक हैं। इसके आवेदन फॉर्म को आप अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं तथा ऑनलाइन फॉर्म को आप सीधे इसी साइट के माध्यम से भर सकते हैं। आपकी उम्मीदवारी की सत्यता जाँच के लिए आपसे कुछ जरुरी दस्तावेजों की जानकारी एवं फोटोकॉपी मांगी जाएगी, इसके बाद आपकी सत्यता जाँच पूर्ण होने पर आपको किसी सरकारी अधिकृत संस्था या एजेंसी द्वारा नई मंज़िल योजना का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

नई मंज़िल योजना में शुल्क एवं छात्रवृत्ति 

  • नई मंज़िल योजना पूर्णतः निशुल्क योजना हैं, इसके उम्मीदवार या लाभार्थी से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क सम्बंधित एजेंसी से नहीं लिया जायेगा।
  • केंद्र सरकार का अल्पसंख्यक मंत्रालय नई मंज़िल योजना को वित्तपोषित कर रहा हैं। इस योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति लाभार्थी पर 56,500 रूपये की धनराशि खर्च कर रहा हैं।
  • इस धनराशि में प्रशिक्षण खर्च, आपूर्ति खर्च, उम्मीदवार अनुदान खर्च एवं अन्य खर्च शामिल हैं। ये सभी खर्च केंद्र सरकार द्वारा सम्बंधित इकाई को 3 अलग- अलग किस्तों में दिया जायेगा।
  • योजना के लाभार्थी को छात्रवृत्ति के रूप में 6 माह के अकेडमिक प्रशिक्षण के दौरान हर माह 1000 रूपये एवं कौशल प्रशिक्षण के दौरान हर माह 1500 रूपये दिए जा रहे हैं।
  • प्लेसमेंट के बाद, उम्मीदवार पोस्ट प्लेसमेंट अनुदान के रूप में 2 माह की अवधि के लिए 2000 रूपये का अनुदान प्राप्त करेगा। 

नई मंज़िल योजना क्यों प्रारम्भ की गयी हैं? | Why Nai Manzil Scheme has been started?

देश की 2011  जनगणना के अनुसार देश में 20.2% लोग अल्पसंख्यक श्रेणी में आते हैं , इसमें सबसे ज्यादा प्रतिशत लगभग 14.23% मुस्लिम लोगों का हैं , इसके बाद सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन तथा अन्य धर्म के लोग आते हैं। अल्पसंख्यकों की स्कूल ड्रॉपआउट दर बहुत उच्च है जो प्राथमिक स्तरों 14% तथा माध्यमिक स्तर पर 18% बनती है। अल्पसंख्यकों की कार्य बल सहभागिता दर भी राष्ट्रीय औसतसे निम्नतर है जो समुदाय में रोजगारपरकता कौशलों  के अभाव को दर्शाता  है।

भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति संबंधी सच्चर समिति की रिपोर्ट (2005) भी विभिन्न कारणों जैसे कि गरीबी, शिक्षा  से प्रतिफल की न्यून संभावना, स्कूलों तक कम पहुंच आदि के कारण मुस्लिमों में कम शिक्षा  परिणामों का उल्लेख करती है। इसी कारण से तद्‌नुसार शिक्षा  और कौशल विकास की समेकित योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के समग्र विकास की तैयारी की गई है जिसका उद्देश्य  शिक्षा  प्राप्ति और अल्पसंख्यकों की रोजगारपरकता की कमी को दूर करना है।

अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अन्य सरकारी योजनायें

नया सवेरा योजना:  इस योजना को साल 2017 में केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया था। इस योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब बच्चों को विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी हेतु निशुल्क कोचिंग दी जा रही हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के ऐसे बच्चे जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 6  लाख से कम हैं ये इस योजना का लाभ ले सकते हैं। यह सुविधा किसी भी लाभार्थी को केवल एक बार प्रदान की जाएगी तथा इसके लिए उसे कोचिंग संस्थान की प्रवेश परीक्षा पास करना जरुरी होगा।

पढो परदेश योजना : इस योजना की शुरुआत अल्पसंख्यकों के लिए साल 2014 में की गयी थी।  इस योजना को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नकवी द्वारा  शुरू किया गया। योजना के अंतर्गत सरकार विदेशों में उच्च शिक्षा हेतु  अल्पसंखयक छात्र को ऋण के ब्याज पर 100% सब्सिडी प्रदान करती हैं।

सीखो और कमाओ योजना: इस योजना का प्रमुख उद्देश्य अल्पसंख्यक लोगों की बेरोजगारी में कमी लाना हैं। जिससे इन लोगों को संरक्षण प्राप्त करना, इनका विकास करना एवं इन बेरोजगार युवाओं को बाजार से जोड़ना हैं। इस योजना की शुरुआत साल 2013 -14  में केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा किया गया था।  इस योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के कई पुराने पारम्परिक कौशल को भी शामिल किया गया हैं। इस पाठ्यक्रम में सिलाई, बुनाई, कढ़ाई, लकड़ी का काम, चमड़े का सामान, कालीन जैसी चीजों को शामिल किया गया हैं। जिससे की ये लोग अपने लिए रोजगार जुटा सके।

नई रोशनी योजना: पीएम नई रोशनी योजना का आशय देश की अल्पसंख्यक वर्गो की महिलाओ को देश के विकास के साथ जोड़ना और उन्हे परस्पर सशक्त बनाना। इस योजना के तहत महिलाओ के लिए अलग अलग कार्यो का निर्माण किया गया है।

उस्ताद योजना :-14 मई 2015 को मोदी सरकार द्वारा इस योजना को अल्पसंख्यक बुनकरों, हस्तशिल्पकारों और पारंपरिक कला से संबंध रखने वाले कलाकारों को लाभ दिलाने के लिए लागू किया था।

चलते चलते

नई मंज़िल योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 650 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। जिसका लाभ अभी तक 6 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मिल चुका हैं। अभी सरकार का लक्ष्य 1 लाख और युवाओं को इसमें शामिल करने का हैं। मोदी सरकार अपने मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास के साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं। इस तरह की विभिन्न योजनाये चलाकर मोदी सरकार ने अपने मूल मंत्र को काफी हद तक सार्थक किया हैं। वर्तमान सरकार के इन्ही कार्यो के कारण मोदी सरकार की देश -विदेश में काफी वाह-वाही हो रही हैं। इस लेख के माध्यम से हम सरकार की इस तरह की योजनाओं की प्रसंशा करते हैं तथा भविष्य में भी सरकार के द्वारा अन्य कल्याणकारी योजनाओं की पहल की उम्मीद करते हैं, जय हिन्द !

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