सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान

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Surakshit Hum Surakshit Tum

8 जून 2021 को भारतीय नीति आयोग ने पीरामल फाउंडेशन के साथ मिलकर देश के 112 आकांक्षी जिलों में सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान’ की शुरुआत की है। सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान’ Covid प्रभावित ऐसे व्यक्तियों को होम-केयर की सुविधा प्रदान करता है , जिनमे कोरोना के हल्के लक्षण हैं या कोई भी लक्षण नही हैं। पीरामल फाउंडेशन जिले के डीएम के साथ मिलकर तथा स्थानीय NGOs , सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं स्थानीय नेताओं को साथ लेकर इस अभियान का कार्यान्वयन करेगी। आइये इस लेख के माध्यम से सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान’ से जुड़ी जानकारी प्राप्त करते हैं। 

इस लेख मे हम जानेंगे

  • सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान
  • क्या है नीति आयोग और कैसे काम करता हैं?
  • पीरामल फाउंडेशन’ का परिचय
  • क्या होते हैं आकांक्षी जिले या एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट?

सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान

  • ‘सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान’ की शुरुआत वेबीनार के माध्यम से नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त द्वारा की गयी। यह नीति आयोग तथा पीरामल फाउंडेशन का संयुक्त अभियान हैं।
  • नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के अनुसार, “सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान’ एक महत्वपूर्ण पहल है जो तत्काल जरूरतों को पूरा करती है और यह Covid-19 के स्थायी प्रभाव को संबोधित करते हुए आकांक्षी जिलों में भारत के सबसे गरीब समुदायों को दीर्घकालिक सहायता प्रदान करेगी।”
  • अभियान का उद्देश्य देश 112 जिलों के उन सभी Covid रोगियों को सुविधा तथा साहस देना है , जिनमे Covid के हल्के लक्षण हैं या कोई लक्षण नहीं हैं।
  • पिरामल समूह के अध्यक्ष अजय पिरामल के अनुसार, “पिरामल फाउंडेशन के सेवा के मूल्य के अनुरूप, हमारा लक्ष्य 112 आकांक्षी जिलों के प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक पहुंचना है। हम सभी हितधारकों- सरकार, एनजीओ, समुदायों और अन्य लोगों से हाथ मिलाने और आकांक्षी जिले सहभागिता की इस पहल में अपनी सेवा देने के लिए आह्वान करते हैं।”
  • यह अभियान उस विशेष पहल का हिस्सा है जिसमें स्थानीय नेता, नागरिक संगठन और स्वयंसेवक जिला मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर कार्य करेंगे ताकि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में उभरती समस्याओं का समाधान किया जा सके।
  • इस अभियान के तहत 1000 से अधिक NGOs, 1 लाख प्रशिक्षित स्वयं सेवक, पीरामल फाउंडेशन तथा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर कार्य करंगे।
  • इस अभियान के लिए स्वयं सेवकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी NGOs को दी जाएगी। प्रत्येक प्रशिक्षित स्वयंसेवक को 20 परिवारों की जिम्मेदारी सौपी जाएगी।
  • प्रशिक्षित स्वयंसेवक होम केयर में रह रहे Covid -19 से प्रभावित लोगों का वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य और मनोबल बढ़ाने का कार्य करेंगे।
  • पिरामल फाउण्डेशन के द्वारा प्रत्येक आकांक्षी जनपद में एक एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर व दो फेलो नियुक्त किये जायेंगे जो कि फैसीलिटेट करके जनपद में ’’ सुरक्षित हम सुरक्षित तुम’’ अभियान में सफल क्रियानव्यन हेतु जिला प्रशासन को सहयोग प्रदार करेंगे।
  • सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान में जिले के मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी जायेगी।
  • यह अभियान लगभग 70 प्रतिशत कोविड मरीजों के घर पर ही प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ कम करने और लोगों के डर को ख़त्म करने के लिए जिलों की तैयारियों मे महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • यह अभियान इन जिलों को आपूर्ति किए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही इस्तेमाल के लिए नागरिकों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करेगा जिससे की इसका प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।
  • इस अभियान के तहत कोविड मरीजों की कॉल सुनने और जवाब देने के लिए एक लाख से अधिक स्वयंसेवको को सूचीबद्ध और प्रशिक्षित किया जाएगा।

क्या है नीति आयोग और कैसे काम करता हैं?

  • नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को केन्द्रीय मंत्रीमण्डल के संकल्प के माध्यम से किया गया था।
  • नीति आयोग का 65 साल पुराने योजना आयोग के स्थान पर किया गया था। योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950  को भारतीय संविधान के तहत किया गया था।
  • योजना आयोग का कार्य पंचवर्षीय योजना बनाना , विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करना तथा प्रधानमंत्री की विशेष सलहकार समिति के रूप में कार्य करना था।
  • योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग की परिकल्पना का आधार , योजना आयोग का पुराना, कम प्रासंगिक होना तथा प्रभावहीन होना था।
  • नीति आयोग का  कार्य राष्ट्र हित मे आर्थिक तथा रणनीतिक नीतियां बनाना है। संघीय सहभागिता की भावना को बढ़ाने के लिये राज्यों को निरंतर संरचित समर्थन तंत्र के माध्यम से सहयोग प्रदान करना है।
  • इसके अतिरिक्त नीति आयोग प्रमुख हितधारकों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय थिंक टैंक जैसे शैक्षिक और नीति अनुसंधान संस्थानों के बीच भागीदारी को प्रोत्साहित भी करता है।
  • नीति आयोग भारत सरकार का प्रमुख नीतिगत ‘थिंक टैंक’  के रूप में कार्य करता है। इसके दो भाग है , टीम इंडिया हब और ज्ञान एवं अभिनव हब।
  • टीम इंडिया हब का कार्य राज्यों और केंद्र के बीच इंटरफेस करना है तथा  ज्ञान एवं अभिनव हब का कार्य नीति आयोग के थिंक-टैंक की भाँति कार्य करता है।
  • नीति आयोग ने तीन दस्तावेज़ जारी किये हैं, जिसमें 3 वर्षीय कार्य एजेंडा, 7 वर्षीय मध्यम अवधि की रणनीति का दस्तावेज़ और 15 वर्षीय लक्ष्य दस्तावेज़ शामिल हैं।
  • नीति आयोग का अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है , वर्तमान मे इसके अध्यक्ष नरेंद्र मोदी जी हैं।
  • नीति आयोग का उपाध्यक्ष प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त कोई व्यक्ति होता है, वर्तमान मे डॉक्टर राजीव कुमार नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं जो एक अर्थशास्त्री हैं।
  • नीति आयोग के संचालन परिषद के सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री तथा केंद्रशासित प्रदेशो के उपराज्यपाल होते हैं।
  • नीति आयोग के अंशकालिक सदस्य अग्रणी विश्वविद्यालय, शोध संस्थानों और संबंधित संस्थानों से अधिकतम दो पदेन सदस्य होते हैं।
  • वर्तमान मे नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य श्री वी.के. सारस्वत, प्रो. रमेश चंद, डॉ. वी.के. पॉल हैं।
  • प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अधिकतम चार सदस्य नीति आयोग के पड़ें सदस्य होते हैं। वर्तमान मे  श्री राजनाथ सिंह(रक्षा मंत्री), श्री अमित शाह(गृह मंत्री), श्रीमती निर्मला सीतारमण(वित्त मंत्री और कॉरपोरेट कार्य मंत्री), श्री नरेन्द्र सिंह तोमर(कृषि और किसान कल्याण मंत्री; ग्रामीण विकास मंत्री; पंचायती राज मंत्री) आदि नीति आयोग के पदेन सदस्य हैं।
  • नीति आयोग मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भारत सरकार का सचिव जिसे प्रधानमंत्री द्वारा एक निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है। वर्तमान मे नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री अमिताभ कांत हैं।

‘पीरामल फाउंडेशन’ का परिचय

  • ‘पीरामल फाउंडेशन’ भारत का एक अग्रणीय गैर-लाभकारी संगठन है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा , आजीविका निर्माण तथा युवा सशक्तिकरण पर कार्य करता है।
  • ‘पीरामल फाउंडेशन’ की स्थापना साल 2006 मे पीरामल समूह के प्रमुख अजय पीरामल द्वारा की गयी थी। वर्तमान मे इसके चेयरमैन श्री अजय पीरामल जी है तथा सीईओ परेश परासनिस हैं .
  • ‘पीरामल फाउंडेशन’ का मुख्यालय मुंबई मे है। पीरामल फाउंडेशन द्वारा विभिन्न प्रोग्राम्स के माध्यम से फाउंडेशन का कार्य किया जाता है, जैसे – पीरामल स्वास्थ्य , उदगम, पिरामल फेलोशिप प्रोग्राम, सर्वजल, पिरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप आदि।
  • ‘पीरामल फाउंडेशन’ जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत जनजातीय स्वास्थ्य के लिए कार्य कर रही हैं। ‘जनजातीय स्वास्थ्य’ के प्रोग्राम मे पीरामल फाउंडेशन के साथ ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ भी कार्य कर रही है।
  • पिरामल फाउंडेशन ने नीति आयोग के साथ मिलकर सुरक्षित दादा दादी-नाना नानी अभियान की शुरुआत की हैं। जिसका उद्देश्य बुजुर्गो को लॉकडाउन के समय में सहायता पहुंचाना है। पिरामल फाउंडेशन पूरे देश में इस योजना को कार्यान्वित कर रही है।

क्या होते हैं आकांक्षी जिले या एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट?

  • नीति आयोग ने पीएम नरेंद्र मोदी के संकल्पना को ध्यान में रखते हुए देश के 112 जिलों को महत्वाकांक्षी जिला घोषित किया है।
  • नीति आयोग द्वारा एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के तहत हेल्थ एंड न्यूट्रीन, एजुकेशन, एग्रीकल्चर एंड वाटर रिसोर्सज, फाइनांशियल इन्क्लूजन एंड हैवी डिवेल्पमेंट और बेसिक इंफ्रा स्ट्रक्चर के आधार पर ऐसे जिलों का चयन किया जाता है। जिनका विकास अन्य जिलों की तुलना मे बेहद कम हैं।  इन जिलों को आकांक्षी जिले या ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’  कहा जाता है।
  • हाल ही में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने ये जानकारी देते हुए बताया था कि 112 जिलों में केवल 532 कोरोना वायरस के मामले हैं यानि कुल देश के कुल मामलों का 2.3 फीसदी हिस्सा जो बेहद कम है।
  • महराष्ट्र राज्य का एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट नंदुरबार उस समय सुर्ख़ियों मे आ गया था। जब देश और महाराष्ट्र राज्य कोरोना की भयंकर महामारी से गुजर रहा था उस समय यहाँ कोरोना के कारण परेशान नहीं थे। इसका श्रेय  डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉक्टर राजेंद्र भारुड को जाता है, उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के बेहतरीन प्रबंध किये थे।

चलते चलते

दोस्तों, हमारे मे शिक्षा, स्वास्थ्य , पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण,जल संरक्षण जैसे विषयों पर कार्य करने वाले बहुत से गैर-सरकारी संगठन है। बिरला फाउंडेशन, रिलायंस फाउंडेशन, महिंद्रा & महिंद्रा एजुकेशन फाउंडेशन आदि ऐसे बहुत से संगठन हैं जो समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यो मे भागीदारी निभाते हैं। इन संगठन के स्वयं सेवको की पहुंच समाज के हर कोने तक होती है जिस कारण से सरकार भी इनकी मदद से अनेक जनकल्याणकारी कार्यों का कियान्वयन करती है। आज के इस लेख मे हमने इस अभियान से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात आप तक पहुंचाने की कोशिश की है। आपको यदि हमारा यह लेख जानकारीपूर्ण लगा हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों तक अवश्य शेयर करें।

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