कैसे कसी Taiwan ने COVID-19 पर लगाम? प्रेरणा देने वाली है ये कहानी

2351
Taiwan defeat Coronavirus

जिस COVID-19 के सामने समूची दुनिया ने अपने घुटने टेक दिये। जिस कोरोनावायरस से लड़ने में दुनिया की बड़ी-बड़ी महाशक्तियों तक की सांसें फूल गईं, उस कोरोनावायरस पर सफलतापूर्वक नियंत्रण प्राप्त करने में एक ऐसे देश ने विजय प्राप्त की है, जिसे चीन के साथ दुनिया के बहुत से देश ‘वन चाइना पॉलिसी’ के अंतर्गत चीन से इतर एक अलग संप्रभु देश के तौर पर मान्यता तक नहीं देते। ऐसे में पूरी दुनिया आज इस सवाल “How Taiwan successfully controlled COVID-19?” का जवाब जानना चाह रही है और इस लेख में हम आपको इसी का जवाब हर पहलू पर प्रकाश डालते हुए उपलब्ध करा रहे हैं।

  • क्या कहती है BBC की रिपोर्ट?
  • JAMA के अनुसार Taiwan की COVID 19 Strategy 
  • Johns Hopkins University के मुताबिक COVID-19 Strategy of Taiwan
  • Taiwan के लिए क्यों बजाएं तालियां?

क्या कहती है BBC की रिपोर्ट?

बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि ताइवान की आबादी 2 करोड़ 30 लाख लोगों की है, फिर भी कोरोनावायरस का स्रोत माने जाने वाले चीन से सटा होने के बावजूद गत 17 मई तक इस देश में कोरोनावायरस के संक्रमण के मजह 440 मामले सामने आए थे और इनमें से मौत भी केवल सात जनों की ही हुई थी।

ये भी जाने, आवश्यक है ! – Health Policy -The savior in Coronavirus Crisis

JAMA के अनुसार Taiwan की COVID 19 Strategy 

JAMA जो कि जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के लिए प्रयुक्त होता है, इसकी एक रिपोर्ट में ताइवान में स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे विश्वस्तरीय करार दिया गया है। एक नजर डालते हैं रिपोर्ट की प्रमुख बातों पर जो COVID19 strategy of Taiwan पर सटीक प्रकाश डाल रही है:

  • सीवियर एक्यूट रिस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) नामक एक महामारी ने जब 2003 में दस्तक दी थी तो चीन व हॉन्गकॉन्ग के साथ ताइवान पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ा था। इस द्वीप की दूरी लगभग 180 किमी दक्षिण-पूर्वी चीन के समुद्री तट से है, जहां क्वारंटीन में डेढ़ लाख लोगों को रखा गया था, जिनमें से 181 लोगों की जान चली गई थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक मार्स और सार्स की महामारी वर्तमान के COVID-19 के सामने कुछ भी नहीं थी। फिर भी इसने लोगों के मन में उन पुरानी खौफनाक यादों को ताजा तो कर ही दिया। यही वजह रही कि जहां दुनिया के बाकी देश शुरुआत में कोरोनावायरस को हल्के में लेने की भूल करते रहे वहीं न केवल ताइवान की सरकार, अपितु यहां की आम जनता ने भी कोरोनावायरस के खतरे को भांपते हुए इसे बड़ी गंभीरता से लिया।
  • अपनी सीमाओं को ताइवान ने तो जनवरी में ही COVID-19 के खतरे को देखते हुए बंद कर दिया था। जनता भी मास्क पहनकर ही सड़कों पर निकलती हुई नजर आ रही थी। Taiwan defeat Coronavirus की पहली झलक तो तभी देखने को मिल गई थी।
  • JAMA की इस रिपॉर्ट के अनुसार जैसे ही कोरोनावायरस के फैलने की खबर आई तो सार्स पर नियंत्रण पाने के लिए जो नेशनल हेल्थ कमांड सेंटर (NHCC) तैयार किये गये थे उसके अधिकारी हरकत में आ गए।
  • कोरोना के खतरे से निबटा कैसे जाए, इसके लिए NHCC की ओर से तत्काल कदम उठाने शुरू कर दिये गये। कोरोनावायरस से संबंधित आंकड़े जुटाने हों या फिर संसाधनों के वितरण के साथ संभावित मामलों एवं उनसे संपर्क की लिस्ट मेडिकल अधिकारियों को तैयार करनी हो, कमांड सेंट्रल के कारण यह बेहद आसान हो गया। इससे कोरोना संक्रमितों की पहचान कर तत्काल उन्हें आइसोलेट किया जाने लगा।
  • प्रोफेसर जैसन वांग, जो कि इस रिपोर्ट के सहायक लेखक हैं, उन्होंने इस रिपोर्ट में बताया है कि 124 सूत्रीय एक्शन प्लान ताइवान ने पांच सप्ताह के अंदर तैयार कर लिया। केवल सीमाएं बंद कर देने से COVID-19 के खतरे से निबटना पर्याप्त नहीं होगा, यह बात ताइवान अच्छी तरह से समझ रहा था।
  • दुनिया के अन्य देश जब कोरोनावायरस से लड़ने के लिए किसी प्रकार के एक्शन को लेकर उधेड़बुन में ही थे कि तब तक इस जानलेवा वायरस से युद्धस्तर पर लड़ना ताइवान ने शुरू भी कर दिया था।

ये भी जाने – 7 Things You Need To Do During Coronavirus Outbreak

Johns Hopkins University के मुताबिक COVID-19 Strategy of Taiwan

covid19 strategy of Taiwan

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने भी सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहे Taiwan defeat Coronavirus को लेकर एक अध्ययन किया है, जिसमें बताया गया है कि ताइवान coronavirus को लेकर सर्वाधिक खतरे में था, क्योंकि चीन से इसकी भौगोलिक नजदीकी तो है ही, साथ में चीन से इसके व्यापारिक संबध भी हैं। फिर भी ताइवान ने सफलतापूर्वक COVID-19 के खतरे से अपना बचाव काफी हद तक कर ही लिया। डालते हैं एक नजर इस रिपोर्ट के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर:

  • रिपोर्ट के मुताबिक COVID19 strategy of Taiwan के दो प्रमुख और प्रभावी निर्णय चीन से यात्रियों के ताइवान आने पर पाबंदी लगाना और होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर सजा का प्रावधान करना रहा।
  • मास्क के उत्पादन को घरेलू स्तर पर ताइवान के अधिकारियों की ओर से बढ़वा दिया गया।
  • बड़े पैमाने पर टेस्टिंग COVID-19 के मरीजों की पहचान के लिए कराई गई। न्यूमोनिया की वजह जिनमें स्पष्ट नहीं पाई गई, फिर से उनका टेस्ट करवाया गया।
  • कोरोनावायरस को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध ताइवान सरकार की ओर से कड़ी सजा का प्रावधान भी किया गया।
  • वर्ष 2003 की सार्स महामारी से सबक लेते हुए कोरोना की वजह से उपजे संकट पर विजय पाने के लिए ताइवान की सरकार ने मजबूत मैकेनिजम शुरुआत में ही तैयार कर लिया।
  • कोरोनावायरस से कैसा संकट आने वाला है, इसे पहचानने में नेशनल हेल्थ कमांड सेंटर के प्रशिक्षित व अनुभवी अधिकारियों ने तनिक भी देरी नहीं की। तत्काल कदम उनकी ओर से आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए उठाए गए।
  • हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल और फीवर चेक को सभी सार्वजनिक इमारतों में ताइवान सरकार की ओर से अनिवार्य कर दिया गया।
  • ताइवान सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी पूरी तरह से कमर कस ली और नियमित तौर पर लोगों को एसएमएस अलर्ट भेजकर लोगों को कोरोना के नये मामलों की जानकारी देना शुरू कर दिया।

Taiwan के लिए क्यों बजाएं तालियां?

चीन में तानाशाही चलती है और इसी तरीके से चलने वाले देश में COVID 19 पर नियंत्रण पाना संभव है, इस तरह की दलील दुनिया के कई देशों द्वारा दी जाती रही है, मगर जब हम ताइवान को देखते हैं कि किस तरह से लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाले इस देश ने भी कोरोनावायरस जैसी चुनौतियों से सफलतापूर्वक निबट लिया तो ऐसी दलीलें केवल बहाने के अतिरिक्त कुछ और नजर नहीं आतीं। नियमित रूप से ताइवान की ओर से coronavirus को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाती रही। ताइवान ने अपने नागरिकों के साथ सूचना शेयर करने में पूरी पारदर्शिता बरती। सबसे अधिक हैरान करने वाली बात तो ये रही कि बिना सख्त लॉकडाउन लागू किये भी ताइवान कोरोनावायरस पर लगाम कसने में कामयाब रहा।

ये भी जाने, आवश्यक है ! – जैव आतंकवाद (Bioterrorism)

निष्कर्ष

COVID 19 strategy of Taiwan की सफलता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आज ताइवान इतनी मजबूत स्थिति में खड़ा हो चुका है कि घरेलू आपूर्ति के लिए जो उसने फेस मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा था, उसे उसने अब हटा दिया है। यहां तक कि ताइवान की सरकार की ओर से यूएस, स्पेन, इटली, यूरोप के अन्य नौ देशों के साथ उन देशों को एक करोड़ मास्क दान में देने की घोषणा की गई है, जिनका उसके साथ कूटनीतिक संबंध है। इस तरह से ताइवान COVID-19 पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के मामले में पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनकर उभरा है।

5 COMMENTS

    • Let your friends know of this, do share the link with them. Your visit makes us happy, go nowhere, stay with us!

Leave a Reply !!

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.