केंद्रीय बजट 2022 (Union budget 2022): कब होगा पेश और उम्मीदें

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Union Budget 2022

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Union budget 2022 का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है, जो कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। इससे हर क्षेत्र की उम्मीदें बंधी हैं।

Union Budget India में इन दिनों लगभग हर किसी की जुबां पर है, क्योंकि हर कोई यह अनुमान लगाने में जुटा हुआ है कि आखिर आगामी 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2022 को पेश करते वक्त केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण किस क्षेत्र के लिए क्या-क्या घोषणाएं करने वाली हैं। देश इस वक्त दुनिया के कई अन्य देशों की भांति भयानक कोरोना महामारी से जूझ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पैदा हुई आर्थिक मंदी की वजह से सबसे बुरी तरीके से मध्यमवर्गीय परिवार और नौकरीपेशा लोग प्रभावित हुए हैं। साथ ही उद्योग-धंधों पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ा है। ऐसे में इन सभी को केंद्रीय बजट 2022 से खासी उम्मीदें हैं। इस लेख में हम आपको केंद्रीय बजट 2022 से विभिन्न क्षेत्रों की बंधी उम्मीदों के साथ बजट से जुड़ीं कुछ महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकारी भी उपलब्ध करा रहे हैं।

हलवा समारोह

जब भी केंद्रीय बजट को पेश किया जाता है, तो उससे 10 दिन पहले हलवा समारोह का आयोजन वित्त मंत्रालय में किया जाता है। जिस जगह पर बजट की छपाई होती है, यहां तैयार किए गए हलवे को उसी जगह पर परोसा जाता है। दरअसल हलवा समारोह को बजट की छपाई का  प्रतीक माना जाता है और जो सरकारी अधिकारी बजट बनाने में शामिल होते हैं, वे हलवा समारोह मनाते हैं।

भारत का केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली महिला

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी देश का केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली महिला थीं। जब इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थीं, उसी दौरान उन्होंने वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के इस्तीफा दे देने के बाद वित्त विभाग भी अपने पास रखा हुआ था। इस तरह से प्रधानमंत्री के तौर पर ही उन्होंने वित्त मंत्री की भूमिका निभाते हुए बजट को पेश किया था। निर्मला सीतारमण ने जब वर्ष 2019 में 5 जुलाई को केंद्रीय बजट पेश किया, तो इस तरह से  भारत का केंद्रीय बजट पेश करने वालीं वे भारत की प्रथम पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बन गईं।

भारत का प्रथम केंद्रीय बजट

Union Budget India में सबसे पहले वर्ष 1860 में 18 फरवरी को पेश किया गया था। इस बजट को वायसराय की कार्यकारी परिषद ऑफ इंडिया के वित्त सदस्य स्कॉट्समैन जेम्स विल्सन ने पेश किया था। विल्सन ने ही द इकोनॉमिस्ट और चार्टर्ड बैंक की स्थापना की थी। वर्ष 1969 में चार्टर्ड बैंक का स्टैंडर्ड बैंक में विलय हो गया था।

स्वतंत्र भारत में बजट

सबसे पहली बार वर्ष 1947 में 26 नवंबर को आजाद भारत का बजट पेश किया गया था, जिसे कि आरके षणमुखन शेट्टी ने प्रस्तुत किया था। प्रधानमंत्री की बात करें, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू वर्ष 1958 में बजट पेश करने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए थे, जब तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णमाचारी ने त्यागपत्र दे दिया था। बाद में 1970 में इंदिरा गांधी को भी ऐसा करना पड़ा था। इसके बाद राजीव गांधी को भी वित्त मंत्री वीपी सिंह के इस्तीफा दे देने की वजह से वर्ष 1987-88 का केंद्रीय बजट पेश करना पड़ा था।

Union budget में आये बदलाव

  • केंद्रीय बजट के पेश किए जाने में आए बदलावों की बात करें, तो वर्ष 2000 तक यह परंपरा चली आ रही थी कि फरवरी के अंतिम दिन शाम 5 बजे इसे प्रस्तुत किया जाता था। इसके बाद जब यशवंत सिन्हा मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इसी साल बजट को पेश किए जाने के समय को बदल कर सुबह 11 बजे कर दिया था।
  • एक और महत्वपूर्ण बदलाव बजट में तब आया, जब वर्ष 2017 तक जो भारतीय बजट और रेल बजट अलग-अलग पेश किए जा रहे थे, उसका केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विलय कर दिया गया और बजट पेश किए जाने की तारीख भी 1 मार्च से 1 फरवरी कर दी गई।

आम बजट से जुड़ीं कुछ रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियां

  • वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद जब पूर्व वित्त मंत्री यशवंत राव चव्हाण द्वारा वर्ष 1973-74 का केंद्रीय बजट पेश किया गया था, तब इसे करीब 550 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे के साथ प्रस्तुत किया गया था। इसके उस वक्त तक अधिकतम होने की वजह से इसे ब्लैक बजट भी नाम दिया गया था।
  • सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड दिवंगत वित्त मंत्री अरुण जेटली के नाम दर्ज है, जिन्होंने कि वर्ष 2014 में ढाई घंटे तक बजट भाषण दिया था।
  • वर्ष 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक नया उदाहरण पेश करते हुए पारंपरिक बजट ब्रीफकेस की जगह पर राष्ट्रीय प्रतीक के साथ एक लाल पैकेट में रिबन के साथ रखा हुआ बजट पेश किया गया, जो कि स्वदेशी बहीखाता भी कहा जाता है।

Union budget 2022: शिक्षा के क्षेत्र के लिए उम्मीदें

  • कोरोना महामारी की वजह से अब ऑनलाइन क्लासेज अधिक हो रहे हैं, ऐसे में उच्च गुणवत्ता वाले इंटरनेट की बड़ी आवश्यकता है। उम्मीद की जा रही है कि Union budget 2022 में संसाधनों तक सरकार विद्यार्थियों की पहुंच को मुफ्त या सब्सिडी वाले इंटरनेट की सुविधा देकर सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी।
  • केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई है, इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में मानव निर्मित सभी तरह की बाधाओं को दूर कर देना है। इसके अंतर्गत देशभर में चल रहे विश्वविद्यालय अपने यहां शोध व अनुसंधान को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। ऐसे में सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा स्टूडेंट्स को मुहैया कराने के लिए अनुसंधान एवं शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उसके द्वारा अनुसंधान निधि पर्याप्त मात्रा में मुहैया कराई जाएगी।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब पिछले आम बजट को पेश किया था, तब शिक्षा के लिए अपने आवंटन में उनके द्वारा 6 फ़ीसदी की कटौती कर दी गई थी और 93 हजार 223 करोड़ रुपये का कुल आवंटन प्राप्त हुआ था। ऐसे में सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय बजट 2022 में शिक्षा के क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा आवंटन में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी।

Union budget 2022: आम आदमी की उम्मीदें

  • Union Budget India में रहने वाले सभी लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे ही यह पता चलता है कि आम आदमी को किस तरह की राहत मिलने वाली है या फिर उसके लिए आगे का रास्ता कितना कठिन होने वाला है।
  • यूनियन बजट 2022 को लेकर मध्यमवर्गीय परिवार और नौकरी-पेशा लोगों को इस बात की उम्मीद है कि इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आयकर के नियम 80 सी का दायरा बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कि उन्हें राहत मिलेगी।
  • जहां तक आयकर की धारा 80 सी के तहत छूट का दायरा बढ़ाए जाने की बात है, तो इसके पीछे विशेषज्ञों का तर्क यह है कि इसके अंतर्गत 1.5 लाख रुपए तक के टैक्स पर सरकार छूट देती है। हालांकि, इससे आम लोगों एवं नौकरी करने वाले लोगों को कोई विशेष लाभ नहीं मिलता है। इसकी वजह यह है कि 1.5 लाख रुपये से भी ज्यादा पैसे तो लोगों के अपने बच्चों की स्कूल की फीस भरने में ही एक साल में खर्च हो जाते हैं।
  • उसी तरह से बचत के लिए भी जो आमजनों द्वारा निवेश किया जाता है, उससे भी उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए यह जरूरी है कि सरकार 80 सी के अंतर्गत छूट के दायरे को और बढ़ा दे।
  • आयकर स्लैब को पिछले कई वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है। ऐसे में सैलरीड क्लास लगातार इसमें बदलाव की मांग कर रहा है। उम्मीद है कि आगामी बजट में आयकर दरों में थोड़ा बदलाव किया जाए।

चलते-चलते

Union budget 2022 का हम में से हर किसी को बेसब्री से इंतजार है। साथियों, हम सभी की इस बजट से कोई न कोई उम्मीद तो बंधी ही है। ऐसे में हम अपनी वित्त मंत्री से यही अपेक्षा करते हैं कि उनके द्वारा ऐसा आम बजट पेश किया जाए, जो कि कोरोना महामारी के इस संकट के दौरान भी न केवल देश की अर्थव्यवस्था को और गति प्रदान करे, बल्कि महामारी की वजह से बुरी तरीके से प्रभावित हुई आम जनता के भी हितों की काफी हद तक पूर्ति हो सके।

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