अगर चाहते हैं अच्छी नौकरी तो, रिज्यूमे में कभी भूलकर भी ना करें ये गलतियां

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पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश करना आम बात है। ज्यादातर लोगों को पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश होती है। इसके लिए लोग अपनी अच्छी सी रिज्यूम भी बनाते हैं। क्योंकि आजकल ज्यादातर नौकरियों की वेकेंसी निकलने पर पहला सेलेक्शन रिज्यूमे के जरिए ही होता है। उस वक्त आपका रिज्यूमे ही आपकी पर्सनेलिटी, आपका क्वॉलिफिकेशन, आपकी योग्यता और क्षमता को दर्शाता है। रिज्यूमे के अट्रैक्टिव और सही होने पर ही आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। हाल ही में हुए एक सर्वे में पता चला था कि नौकरी की तलाश करने वाले 57 फीसदी लोग अपने रिज्यूमे में गलत जानकारियां देते हैं। ऐसा करने से उम्मीदवारों का इंप्रेशन इंटरव्यू देने से पहले ही खराब हो जाता है। इससे बचने के लिए रिज्यूमे बनाते समय सामान्य गलतियों से लेकर उसमें लिखी जाने वाली हर बातों पर बेहद ध्यान देने की जरूरत होती है। तो आइए जानते हैं कि प्रोफेशनल रिज्यूमे बनाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है और इस रिज्यूमे में किन बातों को शामिल नहीं करना चाहिए।

  1. रिज्यूमे या सीवी ना लिखें
    कई लोगों की आदत होती है कि वे अपने रिज्यूमे के उपर सीवी या रिज्यूमे लिख देते हैं। ये करना बिल्कुल गलत हैं। भूलकर भी अपने प्रोफेशनल सीवी में ऐसा ना करें। क्योंकि सबको मालूम होता है कि ये आपका सीवी है। ऐसा ना करने से एक तो आपका स्पेस बचता है और आपकी इमेज भी खराब नहीं होती।
  2. रिज्यूमे को कलरफूल ना बनाएं
    रिज्यूमे आपके व्यक्तित्व का आइना होता है। इसलिए ये जितना साफ- सुथरा हो उतनी ही आपकी छवि प्रोफेशनल्स के सामने अच्छी बनेगी. रिज्यूमे को रेनबो कभी ना बनाएं। जहां जरुरत हो, बस वहीं हाईलाइट करें। हालांकि आजकल रिज्यूमे बनाने का पैटर्न अलग हो गया है, लेकिन वो भी कुछ स्पेशल कैटगरी के लिए ही सही होता है, जैसे – ग्राफिक डिजाइनर, मॉडल, कैमरापर्सन। अगर कोई इंजीनियर अपने रिज्यूमे को कलरफूल बना दे तो वो बिल्कुल सही नहीं होगा।
  3. दो पेज से ज्यादा लम्बा ना हो रिज्यूमे –
    हमेशा ये याद रखना चाहिए कि रिज्यूमे में हर चीज की लंबी जानकारियां देना जरूरी नहीं होता है, इसलिए दो पेज से ज्यादा लम्बा रिज्यूम ना बनाएं। प्रोफेशनल के पास इतना टाइम नहीं होता कि वो आपका लम्बा रिज्यूमे पूरा पढ़े। दो पेज से ज्यादा लंबा रिज्यूमे बोरिंग इंपेक्ट डालता है, इसलिए ध्यान रखें दो पेज में ही सारी बातें डालने की कोशिश करें।
  4. ग्रामर और स्पेलिंग में गलतियां ना हो-
    रिज्यूमे बनाने के बाद उसे बार- बार क्रॉस चेक जरूर कर लें। क्योंकि कई बार रिज्यूमे बनाते वक्त ग्रामर या फिर स्पेलिंग में गलतियां हो जाती हैं। इससे आपका इंप्रेशन बहुत ही खराब पड़ता है। ऐसे में प्रोफेशनल ये समझते हैं कि जो रिज्यूमे में इतनी गलतियां करता हो, वो अपने काम में परफैक्ट कैसे हो सकता है।
  5. इन शब्दों के प्रयोग से बचें-
    एक एग्जीक्यूटिव करियर कोच का कहना है कि कभी भी रिज्यूमे में I, Me, She, He or My जैसे शब्द नहीं लिखने चाहिए, क्योंकि सभी को मालूम होता है कि ये आपका ही रिज्यूमे है।
  6. कॉलेज से पास होने का साल-
    ज्‍यादातर लोगों की आदत होती है कि वो अपनी रिज्‍यूम में कॉलेज से पास होने का साल लिखते हैं। हालांकि फोर्ब्‍स का कहना है कि अगर आप हाल के पासआउट नहीं हैं तो आपको अपने सीवी में कॉलेज से पास होने का साल नहीं लिखना चाहिए।

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