तमिलनाडु का कृषि के लिए अलग बजट

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TN Agriculture budget
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14 अगस्त 2021 को तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री एम. आर. के. पनीरसेल्वम ने पहली बार कृषि के लिए पृथक बजट विधानसभा मे पेश किया। कृषि के लिए पृथक बजट की घोषणा करने वाला तमिलनाडु देश का तीसरा राज्य है , इससे पहले कर्नाटक और आंध्र प्रदेश ऐसा कर चुके हैं। तमिलनाडु की द्रमुक सरकार द्वारा यह बजट किसान और विशेषज्ञों के साथ सुझावों और विचारों का मंथन करके पेश किया है। बतौर राज्य सरकार यह बजट आत्मनिर्भरता हासिल करने और गांवों में कृषि विकास के ध्येय को ध्यान मे रखकर बनाया गया है। आइये आज के इस लेख मे तमिलनाडु का कृषि के लिए अलग बजट “ के बिषय मे विस्तार से जानते हैं।

Tamil Nadu (TN) Agriculture Budget Highlights

  • प्रदेश के युवा कृषकों के लिए विशेष बजट
  • किसानों को पुरस्कृत किया जायेगा
  • किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा
  • अनुपयोगी भूमि पर भी की जाएगी कृषि
  • किसानों की आवश्यकता को दी गयी है प्राथमिकता
  • प्राकृतिक आपदा में भी सरकार किसान के साथ
  • गन्ना किसानों को विशेष प्रोत्साहन
  • जैविक खेती को दिया प्रोत्साहन
  • घरो में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा
  • कृषि बजट से सम्बंधित अन्य मुख्य बातें

प्रदेश के युवा कृषकों के लिए विशेष बजट

  • प्रदेश के युवाओं में लोक गीतों और कृषि गीतों के माध्यम से कृषि के प्रति रूचि पैदा करने के लिए चेन्नई में एक कृषि संग्राहलय स्थापित किया जायेगा। संग्रहालय के लिए 2 करोड़ रूपये की लागत का बजट आवंटित किया गया है।
  • राज्य में ग्रामीण युवा कृषि कौशल विकास मिशन’ योजना की शुरुआत की जाएगी। जिससे प्रदेश के शिक्षित युवाओं को कृषि विकास के लिए प्रेरित किया जा सके।
  • इस योजना के अंतगर्त 5 करोड़ रुपये  की लागत से शुरुआती चरण में प्रदेश के 2500 युवाओं को ग्राफ्टिंग, लेयरिंग, बागवानी मशीनरी संचालन आदि का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
  • कृषि मंत्री के अनुसार कृषि क्षेत्र तेज गति से तभी समृद्ध होगा जब युवा नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनेंगे। इसके लिए छात्रों को ग्रेजुएशन के दौरान एग्री-बिजनेस फर्मों और पूर्व छात्रों की मदद से क्षमता निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह योजना68 करोड़ रुपये की लागत से लागू की जाएगी।

किसानों को पुरस्कृत किया जायेगा

  • राज्य के इनोवेटिव किसानों को जिन्होंने कृषि से सम्बंधित नए -नए उपकरणों का अविष्कार किया है उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। राज्य में जैविक विधि से खेती करके अत्यधिक उत्पादन करने वाले कृषकों को भी पुरस्कार दिए जाने की योजना है।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा

  • राज्य के सभी गांवों मे कृषि विकास एवं आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए45 करोड़ लागत की एक योजना लाने का प्रस्ताव है। इस योजना का नाम पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणानिधि के नाम पर रखा जायेगा।
  • इस योजना को प्रथम चरण मे राज्य की 2500 ग्राम पंचायतों मे लागू किया जायेगा। अगले पांच वर्षों मे इस योजना को सभी ग्रामों मे लागू करने की योजना है।

अनुपयोगी भूमि पर भी की जाएगी कृषि

  • बजट मे खेती क्षेत्र को 60% से 75% तक बढ़ाने के लिए 10 वर्षों में 75 लाख हेक्टेयर अनुपयोगी भूमि को कृषि भूमि में बदलने का भी निर्णय लिया है।

किसानों की आवश्यकता को दी गयी है प्राथमिकता

  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कृषि संबंधी योजनाओं की समीक्षा एवं किसानों की समस्याओं का समाधान हेतु राज्य स्तर पर कृषि के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जायेगा।
  • राज्य सरकार 50000 किसानों को कृषि उपकरण की एक किट प्रदान करने की योजना बना रही है, जिसमें फावड़ा, वीडर, लोहे के बर्तन, क्राउबार और दरांती शामिल हैं। इस योजना पर बजट द्वारा 15 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गयी है।
  • किसानों की सहायता के लिए 7,106 कृषि मशीनरी और उपकरण रियायती दर पर उपलब्ध कराएं जाएंगे। 10 हॉर्स पावर की क्षमता वाले सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप-सेट 70 फीसदी सब्सिडी पर उपलब्ध कराये जायेंगे।

प्राकृतिक आपदा में भी सरकार किसान के साथ

  • इस बजट में सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से किसान की फसल की रक्षा की चिंता करते हुए कृषि जोनल कमेटियों के गठन की बात कही है साथ में कृषि विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों से उम्मीद की गयी है कि ये कृषि जलवायु सम्बन्धी विषय किसानो को सही और सटीक सलाह देंगे।
  • राज्य में आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए वर्ष 2021-2022 के लिए फसल बीमा योजना के लिए 2,327 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

गन्ना किसानों को विशेष प्रोत्साहन

  • चीनी मिलों को उत्पाद की आपूर्ति करने वाले गन्ना किसानों को 2020-21 के पेराई सत्र के लिए 50 रुपये प्रति टन की दर से संक्रमणकालीन उत्पादन प्रोत्साहन का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • इसके अलावा, सरकार ने 150 रुपये प्रति टन गन्ना विशेष प्रोत्साहन’ के रूप में स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया है। इसे सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

जैविक खेती को दिया प्रोत्साहन

  • बजट के अनुसार, राज्य मे जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 03 करोड़ रुपये की लागत से ‘‘जैविक कृषि विकास योजना’’ लागू की जाएगी।

घरो में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा

  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गावों में 12 प्रकार के सब्जी के बीजों से युक्त दो लाख बीज किट का वितरित तथा शहरों में 6 प्रकार के सब्जी के बीजों से युक्त बीज कीटों का वितरण किया जायेगा। शहरी क्षेत्रों में 1 लाख टैरेस गार्डन किट भी रियायती दर पर वितरित किये जायेंगे।

कृषि बजट से सम्बंधित अन्य मुख्य बातें

  • राज्य सरकार ने साल 2021-22 के कृषि बजट मे कृषि के लिए 34,220.65 करोड़ रुपये का ख़ाका तैयार किया है।
  • राज्य सरकार द्वारा यह फण्ड कृषि तथा पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी विकास, सिंचाई, ग्रामीण विकास, रेशम उत्पादन एवं वन जैसे संबंधित विभागों के लिए जारी किया गया है।
  • राज्य सरकार अनुसार यह बजट कृषि बजट किसानों की आकांक्षा और प्रकृति प्रेमियों का स्वप्न है”
  • इस बजट मे तमिलनाडु बिजली जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन के कृषि पंप सेटों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए 4,508.23 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • कावेरी डेल्टा क्षेत्र को कृषि औद्योगिक गलियारा घोषित किया जायेगा , जिससे डेल्टा क्षेत्र में किसानों और खेत मजदूरों के जीवन मे  समृद्धि आएगी तथा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
  • दोहरी फसल के रकबे को एक लाख हेक्टेयर से 20 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जायेगा। नये जल संसाधन स्थापित किये जायेंगे , राज्य के सूक्ष्म सिंचाई क्लस्टरों का विकास किया जायेगा।
  • तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय के लिए 24 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • इस बजट में ताड़ के पेड़ों पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य  सरकार 30 जिलों में पूरी सब्सिडी के साथ 76 लाख ताड़ के बीज और एक लाख ताड़ के पौधे किसानों को वितरित करेगी। 3 करोड़ रुपये का बजट इस योजना के लिए आवंटित किया गया है।
  • केंद्र तथा राज्य सरकार की संयुक्त योजना के तहत 85 करोड़ रूपये के फण्ड से राज्य के 13,300 किसान परिवारों को लाभ पहुंचने के उद्देश्य से एक एकीकृत कृषि प्रणाली लागू किये जाने की योजना है।
  • राज्य सरकार सभी प्रकार की मिट्टी में उगाई जा सकने वाली बागवानी फसलों के उत्पादन और सुधार पर भी कार्य करेगी। राज्य में फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 12 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।
  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए विभिन्न उपायों के लिए 95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 1 करोड़ रुपये की लागत से वडालूर में एक नया बागवानी पार्क स्थापित किया जाएगा।
  • राज्य में 50 करोड़ रुपये की लागत से नए किसान बाज़ारों की स्थापना की जाएगी तथा पुराने किसान बाज़ारों को आधुनिक किया जायेगा। कुड्डालोर, डिंडीगुल, इरोड, करूर, पुदुक्कोट्टई, तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, वेल्लोर और कल्लाकुरिची जिलों के नगर पंचायतों और अन्य शहरी क्षेत्रों में 10 नए उझावर संथाई(किसान बाजार) स्थापित किए जाएंगे।
  • ओडनचट्टीराम और पनरुती में आधुनिक कोल्ड स्टोरेज स्थापित किये जाने की योजना है।
  • बजट में कहा गया है कि सरकार 2 करोड़ रुपये की लागत से कुन्नूर और कोटागिरी की सीमा पर स्थित एडापल्ली गांव में एक एकीकृत ग्रामीण कृषि बाजार परिसर स्थापित करेगी।
  • राज्य सरकार 5 करोड़ रूपये से कुड्डालोर, विल्लुपुरम, सेलम, नमक्कल, कृष्णागिरी, इरोड, त्रिची, तंजावुर, पुदुकोट्टई, मदुरै, रामनाथपुरम में 28 सुखाने यार्ड का निर्माण करेगी।
  • सरकार 1 करोड़ रुपये की लागत से चेन्नई निगम के कोलाथुर में एक आधुनिक कृषि विपणन केंद्र’ स्थापित करेगी जिससे कि आस-पास के क्षेत्रों में ताज़ी सब्जी की सप्लाई की जा सके।
  • तमिलनाडु राज्य के कोल्ली हिल्स-काली मिर्च, पनरुट्टी-जैक और पोन्नी चावल जैसे पारंपरिक अद्वितीय उत्पादों के लिए सरकार जीआई टैग प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करेगी।
  • राज्य सरकार द्वारा कृष्णागिरि जिले के जीनूर में एक नया बागवानी कॉलेज बनाया जायेगा तथा इरोड के पास बवनीसागर में एक हल्दी अनुसंधान केंद्र भी बनाया जायेगा।

चलते चलते

तमिलनाडु देश का क्षेत्रफल के हिसाब से 11वां सबसे बड़ा राज्य है तथा जनसँख्या की दृष्टि से ये देश का 6ठा राज्य है। कृषि तमिलनाडु की आय का प्रमुख स्रोत है, राज्य की 70% आजीविका कृषि या इससे जुड़े क्षेत्रों से प्राप्त होती है। एक कृषिप्रधान राज्य में कृषि को समर्थित एक पृथक बजट लाना एक सराहनीय पहल है। हम आशा करते हैं कि इस कृषि बजट में पेश कि गयी सभी बातों पर सरकार अमल करके कार्य करेगी और देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगी, इसी के साथ हम आज का यह लेख यही समाप्त करते हैं। जय हिन्द !

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