इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021

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India Biodiversity Awards 2021

22 मई ‘अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ के अवसर पर भारत में ‘इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021’ का आभासी आयोजन किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता केंद्रीय राजयमंत्री वन एवं पर्यावरण बाबुल सुप्रियो के द्वारा की गयी। इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड पुरस्कार पाने वाले प्रत्येक व्यक्ति या संस्था ने बायोडायवर्सिटी के संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करके इस सम्मान को प्राप्त किया है। भारत बायोडायवर्सिटी के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। विश्व के 7-8% जंतु और पादप हमारे देश में पाए जाते हैं, विश्वभर में स्थित 34 बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट में से 4 हमारे देश में हैं। हमारे पास 100 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान हैं , 500 से अधिक वन्यजीव अभ्यारण्य हैं, 50 से अधिक टाइगर रिज़र्व है। दोस्तों आज के इस लेख में हम ‘इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021’ के बारे में बात करंगे तथा साथ में बायोडायवर्सिटी से जुडी जानकारी प्राप्त करेंगे।

इस लेख में हम आपके लिए लाये हैं –

  • इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021
  • इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021 पुरस्कार सूची
  • जैवविविधता क्या होती है?(
  • भारत में जैवविविधता विरासत स्थल.
  • क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस?

‘इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड’ 2021 या ‘भारतीय जैविविधता पुरस्कार’ 2021

· 22 मई 2021 को ‘अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ के अवसर पर ‘इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021’ का आभासी आयोजन किया गया था। इस आयोजन में केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो द्वारा पुरस्कारों का वितरण किया गया।

· भारत जैव विविधता पुरस्कार, जैवविविधता के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगो को चिन्हित करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण ,वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए},तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) आदि का संयुक्त प्रयास है।

· इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड का यह पांचवा संस्करण है। इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड, साल 2012 में प्रारम्भ किये गये थे।

· इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड, जैव विविधता संरक्षण, जैविक संसाधनों के सतत उपयोग और शासन के लिए जमीनी स्तर से उत्कृष्ट मॉडलों को पहचानता है और उनका सम्मान करता है।

· इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड, ऐसे संस्थानों/व्यक्ति विशेष को दिया जाता है ,जो जंगली लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण प्रसार में तेजी, आवास के प्रबंधन की दिशा में प्रयासरत हैं।

· किसी स्थान की जैवविविधता में पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों की एक विस्तृत विविधता शामिल है, जिसमें प्रत्येक प्रजाति के भीतर आनुवंशिक अंतर शामिल हैं, उदाहरण के लिए, फसलों की किस्मों और पशुओं की नस्लों के बीच।

· इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड, में प्रत्येक व्यक्ति को एक स्मृति चिन्ह ,प्रमाण पत्र , 2 लाख रूपये नकद पुरुस्कार तथा प्रत्येक संस्थान को एक स्मृति चिन्ह ,प्रमाण पत्र , 5 लाख रूपये नकद पुरुस्कार प्रदान किया जाता है।

इंडिया बायोडायवर्सिटी अवार्ड 2021 पुरस्कार सूची

जैवविविधता क्या होती है? (What is Biodiversity?)

· जैव विविधता जीवन और विविधता के संयोग से निर्मित शब्द है जो आम तौर पर पृथ्वी पर मौजूद जीवन की विविधता और परिवर्तनशीलता को प्रदर्शित करता है।

· सरल शब्दो में समझे तो , किसी जीव -जंतु , पादप की जातियों में पायी जाने वाली अनेक प्रकार की विभिन्नताओं तथा विशेषताओं को ही जैव विविधता कहते हैं।

· परिभाषा – जैव विविधता का तात्पर्य स्थलीय, अर्द्धस्थलीय, समुद्री और अन्य जलीय पारिस्थितिक तंत्रों एवं पारिस्थितिक परिसरों में विविधता तथा सजीवों के मध्य होने वाली परिवर्तनशीलता से है, इसमें प्रजातियों व पारिस्थितिक तंत्रों के मध्य विविधता भी शामिल होती है।

· जैव विविधता किसी जैविक तंत्र के स्वास्थ्य का द्योतक है। पृथ्वी पर जीवन आज लाखों विशिष्ट जैविक प्रजातियों के रूप में उपस्थित हैं।

· साल 2010 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा जैव -विविधता का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया गया था ।”जैव विविधता एक प्राकृतिक संसाधन है जिससे हमारी जीवन की सम्पूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति होती है।”

भारत में जैवविविधता विरासत स्थल

· जैव विविधता विरासत स्थल ऐसे पारिस्थितिक तंत्र होते हैं जिसमें अनूठे, सुभेद्य पारिस्थितिक तंत्र स्थलीय, तटीय एवं अंतर्देशीय जल तथा समृद्ध जैव विविधता वाले निम्नलिखित घटकों में से किसी एक अथवा अधिक विशेषता युक्त समुद्री पारिस्थितिक तंत्र शामिल होते हैं:

I. दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजातियों की उपस्थिति।

II. क्रमिक विकास वाली प्रजातियाँ।

III. वन्य प्रजातियों के साथ-साथ घरेलू प्रजातियों या अंतर-विशिष्ट श्रेणियों की प्रचुरता।

IV. कीस्टोन प्रजाति।

V. उच्च स्थानिकता।

VI. महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक, नैतिक या सौंदर्य परक मूल्यों वाली सांस्कृतिक विविधता के रखरखाव के लिये महत्त्वपूर्ण।

VII. घरेलू/कृषि प्रजातियों या उन किस्मों की वन्य प्रजातियाँ।

VIII. पूर्व प्रधान जैविक घटकों का जीवाश्मों द्वारा प्रतिनिधित्व।

· भारत में निम्न स्थल, जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में चिन्हित किये गये हैं।

1. डैलोंग गाँव – मणिपुर

2. दार्जिलिंग फॉरेस्ट डिवीज़न पश्चिम बंगाल के अंतर्गत टोंग्लू बीएचएस और धोत्रे बीएचएस दार्जिलिंग, -पश्चिम बंगाल

3. माजुली – असम

4. चिल्कीगढ़ कनक दुर्गा -पश्चिम बंगाल

5. मंदसारु – उड़ीसा

6. अमीनपुर झील -तेलंगाना

7. नरो हिल्स -मध्य प्रदेश

8. नल्लूर टैमेरिंड ग्रोव – बेंगलुरु , कर्नाटक

9. हॉग्रेकान – चिकमंगलूर, कर्नाटक

10. कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय – बंगलूरु, कर्नाटक

11. अम्बरगुडा – कर्नाटक

12. अस्रामम – केरल

13. पूर्वतली राय – गोवा

14. ग्लोरी ऑफ आलापल्ली -महाराष्ट्र

15. घड़ियाल पुनर्वास केंद्र – उत्तर प्रदेश

क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस?

· हर साल 22 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस’, मानवीय गतिविधियों के कारण जैविक विविधता में होने वाले नकारात्मक परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।

· अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस है, मनाये जाने की शुरुआत साल 1993 से की गयी थी। इस दिवस को पहले 29 दिसंबर को मनाया जाता था।

· संयुक्त राष्ट्र के फैसले के साथ ही साल 2001 से ‘अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस’ 22 मई को मनाया जाने लगा।

· 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में जैव विविधता के मुद्दों के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से चुना गया।

· ‘अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस’, 2021 की थीम “हम समाधान का हिस्सा हैं” है।

· इस स्लोगन को पिछले साल उत्पन्न गति की निरंतरता के रूप में चुना गया था, जो कि अति-महत्वपूर्ण विषय के तहत था, “हमारे समाधान प्रकृति में हैं”, जो एक रिमाइंडर के रूप में कार्य करता है कि ‘जैव विविधता कई सतत विकास चुनौतियों का उत्तर है’।

चलते चलते

· व्यक्तिगत श्रेणी में ‘पालतू प्रजातियों के संरक्षण’ पुरस्कार पाने वाले शाजी एन.एम. केरल के रहने वाले हैं। उन्हें वहां ‘ट्यूबर मैन (Tuber Man)’ नाम से जाना जाता है। शाजी ने, जो अपने खेत में अधिक से अधिक याम, कम याम, एलीफैंट फूट याम, अरारोट, कोलोकैसिया, शकरकंद, कसावा और चीनी आलू सहित लगभग 200 कंद फसलों की एक विस्तृत श्रृंखला का संरक्षण किया है।

· व्यक्तिगत श्रेणी में ‘जैविक संसाधनों का सतत उपयोग” पुरस्कार पाने वाले फारेस्ट अफसर S सतीश मन्नार मरीन नेशनल पार्क की खाड़ी में 100 एकड़ मैंग्रोव जंगल उगाने और पाक खाड़ी क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन को बनाए रखने में शामिल रहे हैं। उन्हें इससे पहले International Ranger Award 2021, भी मिल चुका है।

· ‘जैविक संसाधनों का सतत उपयोग’ श्रेणी में पुरस्कार पाने वाला संस्थान खोनोमा नेचर कन्ज़र्वेशन और ट्रैगोपान सैंक्चुअरी(KNCTS) , नागालैंड को यह सम्मान खोनोमा क्षेत्र में जैव विविधता को बनाए रखने में मदद करने के लिए दिया गया है। खोनोमा क्षेत्र बहुत से स्थानिक पौधों और जानवरों का निवास स्थान है।

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