आखिर भारत में कैसे किया जाता है सरकार का गठन, आइए जरा विस्तार से जानें

1991
Government formation in India

साल 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने के बाद भारत एक लोकतांत्रिक देश बन गया। जिससे नागरिकों को अपने मतदान का हक भी मिला और देश को सुचारु रुप से चलाने के लिए उन्हें सरकार चुनने का मौका भी। अब्राहम लिंकन के द्वारा लोकतंत्र की दी गई परिभाषा के अनुसार समझें तो लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा चुनी गई’ सरकार का नाम है। ऐसे में भारत में भी जनता हर 5 साल में मतदान के जरिए अपनी सरकार चुनती है। बहुमत के आधार पर सरकार पर गठन होता है।

भारत में सरकार दो तरह के हैं।

  • केंद्र सरकार (लोकसभा)
  • राज्य सरकार (विधानसभा)

दोनों ही सरकारों के चयन के लिए चुनाव कराने का जिम्मा भारतीय चुनाव आयोग के जिम्मे होता है। ऐसे में आइए जानते हैं लोकसभा और विधानसभा चुनाव क्या है और क्या है इसकी प्रक्रिया।

                लोकसभा                  विधानसभा
लोकसभा चुनाव केंद्र में सरकार के बनाने के लिए आयोजित किया जाता है। विधानसभा चुनाव राज्यों और केंद्रशासित राज्यों में सरकार के गठन के लिए होता है।
लोकसभा चुनाव में जनता विभिन्न संसदीय क्षेत्रों से अपना प्रतिनिधि चुनती है। विधानसभा चुनाव में जनता अपने विधानसभा निर्वाचित क्षेत्र के लिए उम्मीदवार चुनती है।
लोकसभा चुनाव में जीते हुए प्रत्याशी को सांसद कहा जाता है। जो लोकसभा का सदस्य होता है। विधानसभा चुनाव जीते हुए प्रत्याशी को विधायक कहा जाता है। जो राज्य के विधानसभा का सदस्य होता है।
लोकसभा से पूरे देश का संचालन होता है। विधानसभा से राज्य का संचालन किया जाता है।
लोकसभा चुनाव पूरे देश में आयोजित होता है। जिस राज्य में चुनाव होता है, विधानसभा चुनाव का उसी राज्य में होता है।
लोकसभा चुनाव पूरे देश में एक साथ 5 सालों में होता है। विधानसभा चुनाव भी 5 सालों में होता है, लेकिन अलग- अलग राज्यों की ये अवधि अलग- अलग समय में पूरी होती है।
लोकसभा चुनाव के बाद देश के प्रधानमंत्री को चयन होता है। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के मुख्यमंत्री का चयन किया जाता है।

 

भारत में सरकार के गठन को समझने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की संरचना को समझना भी बेहद जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि क्या है केंद्र और राज्य सरकार की संरचना।

  • केंद्र सरकार के मुख्य रुप से तीन अंग हैं।
  1. कार्यकारी- इस अंग में राष्ट्रपति, उप- राष्ट्रपति और कैबिनेट मंत्री आते हैं। जिनका काम संसद में बने कानूनों को पास करना होता है।
  2. संसद का विधान मंडल- इसमें लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति आते हैं। इनका काम जनता के हित के लिए विधेयक बनाना होता है।
  3. न्यायपालिका- न्यायपालिका देश की कानून और व्यवस्था को बनाए रखने का काम करती है।
  • राज्य सरकार भी मुख्य रुप से तीन अंगों में विभाजित है।
  1. राज्य कार्यकारिणी- इसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा चुनाव में चुने गए जन प्रतिनिधि आते हैं। इनका काम राज्य के हितों के लिए बजट पेश करना और विधेयक पास करना है।
  2. विधान मंडल- विधान मंडल को विधान परिषद भी कहा जाता है और इसमें आने वाले सदस्यों को एमएलसी कहा जाता है।
  3. न्यायपालिका- न्यायिक जांच के लिए हर राज्य के पास अपने उच्च न्यायालय हैं। ये ही पूरे राज्यके न्यायिक व्यवस्था को नियंत्रित करता है।

इन सब के अलावे केंद्र शासित प्रदेश, ग्राम पंचायत, नगर निगम भी देश के सरकारी गठन का ही हिस्सा हैं।

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