Green Delhi Mobile Application of Delhi Government: यूं करेगा काम

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Green Delhi Mobile app

Green Delhi Mobile Application को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते 29 अक्टूबर को लॉन्च किया है। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण जिस तेजी से बढ़ रहा है, उस पर नियंत्रण पाने के लिए दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार ने मुहिम छेड़ रखी है। इसी के तहत दिल्ली सरकार की ओर से ग्रीन दिल्ली ऐप भी लॉन्च किया गया है, ताकि दिल्ली के आम नागरिक भी प्रदूषण के खिलाफ युद्ध का हिस्सा बन सकें।

इस लेख में आप जानेंगे:

  • Green Delhi App को लांच करने की वजह
  • ग्रीन दिल्ली ऐप क्या है?
  • लिंक किये गए हैं विभाग
  • ग्रीन दिल्ली ऐप को मिली शानदार प्रतिक्रिया

Green Delhi App को लांच करने की वजह

  • ग्रीन दिल्ली ऐप को दिल्ली सरकार ने इसलिए लॉन्च किया है, क्योंकि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या ने दिल्ली में विकराल रूप धारण कर लिया है। इसकी वजह से दिल्ली में वायु की गुणवत्ता बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हर तरह के इंतजाम किए जाने के बावजूद दिल्ली में वायु की गुणवत्ता का स्तर लगातार गिरता ही जा रहा है। यह चिंता का विषय है , क्योंकि लोगों के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर दुष्प्रभाव पर रहा है।
  • दिल्ली सचिवालय में एक ग्रीन वॉर रूम भी बनाया गया है, ताकि प्रदूषण की मॉनिटरिंग की जा सके। हर तरह के प्रयास करने के बाद भी जब दिल्ली सरकार को आशातीत सफलता नहीं मिल पाई तो ऐसे में सरकार की ओर से ग्रीन दिल्ली ऐप को लांच करने की योजना बनाई गई, ताकि आम नागरिकों को भी इस मुहिम से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके।

ग्रीन दिल्ली ऐप क्या है?

  • Green Delhi App को दिल्ली सरकार की तरफ से तैयार किया गया है, जो कि इस वक्त एंड्रॉयड पर उपलब्ध है। इस ऐप को बहुत जल्द दूसरे प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध कराए जाने की कोशिश जारी है। प्रदूषण से संबंधित हर तरह की शिकायत इस ऐप के जरिए आसानी से की जा सकती है।
  • उदाहरण के लिए यदि आप कहीं बाहर निकले हुए हैं और आपको कचरा जलते हुए कहीं दिख जाता है तो आपको उसकी फोटो खींच लेनी है या फिर उसका वीडियो बना लेना है और इस ऐप में इसे अपलोड कर देना है। इस तरीके से आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी।
  • वाहन से प्रदूषण हो रहा हो या फिर किसी औद्योगिक इकाई से प्रदूषण फैल रहा हो या फिर निर्माण कार्य की वजह से धूल अत्यधिक मात्रा में उड़ रहा हो, सभी के बारे में आप इस ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं।
  • Green Delhi Mobile Application की खासियत यह है कि आप इसमें जो भी वीडियो, फोटो या फिर ऑडियो अपलोड करेंगे, तो वहां आपको लोकेशन डालने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसमें खुद से लोकेशन आ जाती है। इससे दिल्ली सरकार को यह पता चल जाएगा कि यह फोटो या वीडियो कहां का है।
  • इस तरह से जो शिकायत आप दर्ज करा रहे हैं, वह ऑटोमेटिक तरीके से उस विभाग के पास पहुंच भी जाएगी, जिस विभाग के पास इस समस्या के निस्तारण की जिम्मेवारी होगी। शिकायत के निस्तारण के लिए भी समय सीमा भी तय कर दी गई है। यदि संबंधित विभाग तय समय सीमा के भीतर कार्यवाही नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।
  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक अलग-अलग तरह की शिकायतों को लेकर यह निर्धारित कर दिया गया है कि किस तरह की शिकायत कितने घंटे या कितने दिन में दूर की जाएगी। संबंधित विभाग को इन शिकायतों को उसी समय सीमा के अंदर हर हाल में निस्तारित भी करना पड़ेगा।
  • जो भी लोग दिल्ली में मौजूद हैं, वे अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं।
  • Green Delhi App के माध्यम से लोग प्रदूषण पैदा करने वालों के बारे में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ग्रीन दिल्ली ऐप के जरिए जितनी भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका निस्तारण हो रहा है या नहीं और उससे संबंधित जितनी भी तरह की गतिविधियां हैं, ग्रीन वॉर रूम से इन सभी की निगरानी होती रहेगी।
  • दिल्ली सरकार ने 70 ग्रीन मार्शल भी इन शिकायतों को निस्तारित करने में विभागों की सहायता करने के लिए नियुक्त कर दिए हैं।

लिंक किये गए हैं विभाग

  • दिल्ली ग्रीन ऐप की निगरानी के लिए दिल्ली सरकार ने कई विभागों को लिंक कर दिया है। इनमें दिल्ली विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, राजस्व विभाग, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली छावनी बोर्ड सहित 21 विभाग शामिल हैं।
  • एक नोडल अधिकारी को इन सभी विभागों में एक वरिष्ठ प्रमुख के साथ तैनात कर दिया गया है। इन विभागों से संबंधित जो शिकायतें ऐप के माध्यम से प्राप्त होंगी, ये अधिकारी ही इनके प्रभारी होंगे।
  • दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक हर शिकायत की जांच की जिम्मेवारी 12 को-आर्डिनेटर को दी गई है। समस्याओं का निस्तारण 48 घंटे के अंदर हो जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वे बैठक करेंगे और इनका समाधान निकालने की दिशा में तत्काल कदम भी उठाएंगे।
  • यह भी प्रावधान किया गया है कि शिकायतों का निस्तारण यदि सही समय पर नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी कर दी जाएगी।

ग्रीन दिल्ली ऐप को मिली शानदार प्रतिक्रिया

  • Green Delhi App को लांच होने के साथ ही दिल्ली के नागरिकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक केवल 3 दिनों में ही इस ऐप में 820 शिकायतें दर्ज करा दी गईं। इनमें से जहां 300 शिकायतें खाली जमीन पर कचरे के अवैध डंपिंग से जुड़ी हुई थीं, वहीं सड़क पर उड़ने वाली धूल के बारे में 130 शिकायतें थीं।
  • इनके अलावा 25 शिकायतें गार्डन के अपशिष्ट को जलाने की और 20 शिकायतें औद्योगिक इकाईयों से होने वाले प्रदूषण के बारे में थीं। वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी इस ऐप में लोगों ने शिकायतें दर्ज करवाई हैं।

निष्कर्ष

Green Delhi Mobile Application को लॉन्च करने के लिए दिल्ली सरकार की सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ मुहिम में जनता को प्रतिभाग करने का यह एक प्रभावी जरिया है। हालांकि, इसकी सफलता पूरी तरह से शिकायतों के सख्ती से निस्तारण पर निर्भर करेगी।

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