फिजियोथेरेपिस्ट बनकर संवारें करियर, जानें कैसे?

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Career in Physiotherapy


वर्तमान समय में फिजियोथेरेपिस्ट की मांग बढ़ी है। केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अब फिजियोथेरेपिस्ट की नियुक्ति की जाने लगी है। ऐसे में Career in Physiotherapy के लिए भविष्य में असीम संभावनाएं मौजूद हैं। Career counselling में शामिल होकर आप इस बारे में जानकारी हासिल तो कर ही सकते हैं, लेकिन इस लेख में भी हम आपको बता रहे हैं कि एक फिजियोथेरेपिस्ट के तौर पर आप कैसे करियर बना सकते हैं।

इस लेख में आप पढ़ेंगे:

  • Physiotherapy careers के बारे में
  • Career in Physiotherapy के लिए योग्यता
  • फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के लिए प्रमुख संस्थान
  • कैसे होता है फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में चयन?
  • फिजियोथेरेपिस्ट की आय

Physiotherapy Careers के बारे में

आम तौर पर देखा जाए तो जिन अस्पतालों का संचालन स्वास्थ्य विभागों द्वारा होता है, उनमें फिजियोथेरेपिस्ट के पद मौजूद होते हैं। चाहे वे केंद्र सरकार के अंतर्गत चलने वाले अस्पताल हों या फिर राज्य सरकारों के अंतर्गत, इन सभी में फिजियोथेरेपिस्ट के पर मौजूद होते हैं, जो ग्रुप ‘सी’ स्तर के होते हैं। यही नहीं, मेडिकल शिक्षा संस्थानों के साथ रक्षा मंत्रालय के अधीन अस्पतालों एवं कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों जैसे एनपीसीआईएल और भारतीय खेल विकास प्राधिकरण आदि में भी फिजियोथेरेपिस्ट के पद मौजूद हैं।

खेल के क्षेत्र में भी आजकल फिजियोथेरेपिस्ट की आवश्यकता इसलिए पड़ रही है, क्योंकि खेलों के दौरान जब खिलाड़ियों को चोट लग जाती है, तो फिजियोथेरेपिस्ट ही उन्हें तत्काल आराम पहुंचाने में सक्षम होते हैं। किसी भी अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में जिन मरीजों को दाखिल किया जाता है, डॉक्टर या फिर संबंधित सर्जन से मिलने वाले निर्देशों के मुताबिक फिजियोथेरेपिस्ट फिजियोथेरेपी तकनीकों एवं उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए उनका इलाज करते हैं। अस्पतालों में भी अलग-अलग स्पेशलाइजेशन मौजूद होते हैं और इनमें दाखिल मरीजों को उसके मुताबिक फिजियोथेरेपी देनी होती है। ऐसे में फिजियोथेरेपिस्ट की यह जिम्मेदारी होती है कि डॉक्टरों ने जो निर्देश दिया है, उसी के मुताबिक वे मरीजों को एक्सरसाइज करवाएं।

उन्हें यह भी ध्यान रखना होता है कि मरीजों को एक्सरसाइज कितने दिनों तक करानी है। एक्सरसाइज कराने के लिए कौन-कौन से उपकरण इस्तेमाल में लाने हैं और मरीज की बीमारी के मुताबिक क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं, इन सभी चीजों का ख्याल फिजियोथेरेपिस्ट को रखना पड़ता है। इसलिए फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए जरूरी कौशल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा एक फिजियोथेरेपिस्ट को मरीजों के इलाज के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले उपकरणों एवं तकनीकों की भी अच्छी जानकारी होनी जरूरी है।

Career in Physiotherapy के लिए योग्यता

  • यदि आप एक फिजियोथेरेपिस्ट बनाना चाहते हैं तो किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या फिर संस्थान से आपका विज्ञान विषयों के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना जरूरी है। साथ में आपके पास 2 वर्ष का फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा कोर्स भी होना चाहिए। कई संगठन ऐसे भी हैं जो ऑपरेशन फिजियोथेरेपी में डिग्री की मांग करते हैं।
  • सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट यदि आप बनाना चाहते हैं, तो आपके पास उससे संबंधित स्पेशलाइजेशन में मास्टर्स की डिग्री होनी चाहिए। इतना ही नहीं किसी प्रतिष्ठित अस्पताल में आपके पास एक फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम करने का पहले का अनुभव भी होना चाहिए।
  • फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए यह भी जरूरी है कि संबंधित राज्य या फिर केंद्रीय फिजियोथेरेपी एसोसिएशन में आपने खुद को पंजीकृत करवा रखा हो।

फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के लिए प्रमुख संस्थान

  • इंडियन इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च, पटना
  • डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, तमिलनाडु
  • अपोलो फिजियोथैरेपी कॉलेज, हैदराबाद
  • महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन, केरल
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंस्टीट्यूट फॉर फिजिकली हैंडिकैप्ड, नई दिल्ली
  • पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़
  • जेएसएस कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, मैसूर
  • एसडीएम कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, कर्नाटक
  • केजे सौम्या कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, मुंबई

फिजियोथेरेपी कोर्स की फीस

फिजियोथेरेपी की पढ़ाई करने के लिए फीस करीब 30 हजार रुपये से शुरू होती है। यह अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अलग-अलग होती है। कई विश्वविद्यालय ऐसे भी हैं, जो छात्रवृत्ति भी प्रदान करते हैं।

Physiotherapy careers के लिए उम्र सीमा

  • Career in Physiotherapy के लिए यह जरूरी है कि आपकी उम्र 21 से 27 वर्ष की हो। वैसे, कई संस्थान ऐसे भी हैं, जो काम करने के अनुभव के साथ अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष की रखते हैं।
  • साथ ही आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत यदि आप आते हैं, तो सरकार की तरफ से अधिकतम सीमा में आपको नियमानुसार छूट भी मिलती है।

कैसे होता है फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में चयन?

फिजियोथेरेपिस्ट के तौर पर यदि आप चाहते हैं कि आपका चयन हो तो इसके लिए आपका शैक्षणिक रिकॉर्ड तो मायने रखता ही है, साथ में साक्षात्कार के दौरान आप का प्रदर्शन भी बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। कई बार रिक्तियों के सापेक्ष कहीं अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त हो जाते हैं, ऐसे में संबंधित संस्थान उम्मीदवारों का चयन करने के लिए लिखित परीक्षा भी ले लेते हैं। ऐसे में लिखित परीक्षा के लिए सबसे पहले आपको खुद को तैयार करना पड़ेगा।

फिजियोथेरेपिस्ट की आय

  • सातवें वेतन आयोग के वेतन मैट्रिक्स के लेवल-6 के अनुसार रुपये 35400-112400 की सैलरी फिजियोथेरेपिस्ट के पद पर नियुक्त होने के बाद आपको मिलती है। यदि आप किसी राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों में काम कर रहे हैं, तो राज्य के समकक्ष स्तर पर जो वेतनमान निर्धारित किया गया है, उसके मुताबिक आपको सैलरी मिलती है। अलग-अलग राज्यों में यह अलग-अलग होती है।
  • इसके अलावा भी निजी संस्थानों में आपको शुरुआत में 10 से 15 हजार रुपये की नौकरी मिल जाती है। आपको इंटर्नशिप करने का भी अवसर कई संस्थानों में मिलता है, जिस दौरान आपको पैसे भी मिलते हैं। यही नहीं, कई बार तो इंटरनेट से पी के बाद यह अपने यहां नौकरी पर भी रख लेते हैं।
  • जरूरी नहीं कि Physiotherapy careers केवल सैलरी पर ही आश्रित है। फिजियोथेरेपिस्ट बनने के बाद आप चाहें तो खुद का भी क्लिनिक या अस्पताल शुरू कर सकते हैं और अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं।

चलते-चलते

Career in Physiotherapy के बारे में इस लेख को पढ़ने के बाद आपको यह समझ आ गया होगा कि फिजियोथेरेपी का क्षेत्र किस तरह से संभावनाओं से भरा हुआ है। इसलिए यदि आप भी फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। एक फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में न केवल आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि एक सम्मानजनक जिंदगी भी गुजार सकते हैं। तो दोस्तों, यह लेख आपको कैसा लगा, इसके बारे में कमेंट सेक्शन में हमें जरूर बताएं। साथ ही इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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