यूं समझें CAB, CAA, NRC और NPR के बीच का Connection, दूर हो जायेगा हर Confusion

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Union Cabinet formation in India

CAB, CAA, NRC और NPR इस वक्त सुर्खियां बटोर रहे हैं, क्योंकि इसने देश की राजनीति में भूचाल सा लाकर खड़ा कर दिया है। अधिकतर लोगों को तो इनके बारे में ठीक से मालूम भी नहीं है। Confusion की वजह से स्थिति और नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। ऐसे में यहां हम आपको विस्तार से CAB, CAA, NRC और NPR के बारे में बता रहे हैं, ताकि इसे लेकर आपका हर तरह का confusion दूर हो जाए।

What is CAB?

CAB का मतलब है Citizenship Amendment Bill, जिसे हिंदी में नागरिकता संशोधन विधेयक के नाम से जानते हैं। केंद्र सरकार की ओर से CAB को इस उद्देश्य के साथ सदन में पेश किया गया कि नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव लाया जाए। नागरिकता प्रदान किये जाने संबंधी नियमों में इसके जरिये परिवर्तन किया जा रहा है। यह संशोधन इसलिए किया गया है ताकि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिंदुओं के साथ जो सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी भारत में आ रहे हैं, उन्हें वैध दस्तावेज के बिना भी भारत की नागरिकता प्रदान की जा सके।

CAB से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2016 को सबसे पहले लोकसभा में वर्ष 2016 में 19 जुलाई को पेश किया गया था। संयुक्त संसदीय समिति के हवाले इसे 12 अगस्त 2016 को कर दिया गया था। बीते जनवरी में समिति ने इसे लेकर अपनी रिपोर्ट भी दे दी थी, जिसके करीब 11 माह के बाद बीते 9 दिसंबर को दोबारा लोकसभा में इस विधेयक को प्रस्तुत किया गया, जिसने ध्वनिमत से इसे पारित भी कर दिया।
  • इसके बाद राज्यसभा में बीते 11 दिसंबर को इस विधेयक को पेश किया गया, जहां से यह पारित भी हो गया। इस तरह से बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हिंदुओं के अलावा सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई एवं पारसी समुदाय के गैरकानूनी प्रवासी लोगों के भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
  • नागरिकता अधिनियम, 1955 में अप्रवासी नैसर्गिक नागरिकता केवल उसी स्थिति में हासिल कर सकते हैं, जब वे 12 महीने से आवेदन करने से ठीक पहले से भारत में निवास कर रहे हों और बीते 14 वर्षों में से 11 वर्ष तक निवास भारत में ही किया हो। इसी की अनुसूची 3 में संशोधन करने का प्रस्ताव नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2016 में लाया गया, ताकि वे 11 साल की जगह 6 साल ही पूरे होने पर ये नागरिकता के हकदार बन सकें।
  • किसी भी कानून का उल्लंघन करने पर भारत के विदेशी नागरिक यानी कि Overseas Citizen of India- OCI कार्डधारक का पंजीकरण रद्द किये जाने का प्रावधान है।

CAB को लेकर विवाद क्यों?

विवाद CAB को लेकर इस वजह से है कि इसमें गैरकानूनी प्रवासियों के धर्म को उनके भारत की नागरिकता हासिल करने का आधार बनाया गया है, जबकि इससे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, जिसमें समानता का अधिकार दिया गया है, इसका उल्लंघन हो रहा है। जब आप इस सवाल का जवाब ढूंढेंगे कि What is CAB, तो इसमें आपको यह भी मालूम चलेगा कि इसमें OCI का पंजीकरण किसी भी कानून का उल्लंघन करने पर रद्द करने का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि मामूली अपराध जैसे कि No Parking Area में Parking भी इसका आधार बन सकता है।

What is CAA?

CAA को लेकर सबसे पहला सवाल जो मन में आता है, वह यही कि आखिर What is CAA? नागरिकता संशोधन विधेयक यानी कि CAB को ही दोनों सदनों में मंजूरी मिलने के बाद जब राष्ट्रपति ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए तो इसने कानून का रूप ले लिया और यही कानून नागरिकता संशोधन कानून यानी कि CAA है। धार्मिक प्रताड़ना की वजह से बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जो हिंदू, ईसाई, बौद्ध, सिख पारसी एवं जैन धर्म के लोग 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आ गए हैं उन्हें CAA के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी। एक अहम बात यह भी है कि CAA के आने से पहले जिस तरह से अन्य देशों के नागरिकों को नागरिकता प्रदान की जा रही थी, वह बिल्कुल वैसे के वैसे ही है। नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6 के तहत ये लोग उसी तरह से आवेदन कर सकते हैं। गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकड़े के मुताबिक बीते 6 वर्षों में पाकिस्तान के 2 हजार 830, अफगानिस्तान के 912 एवं बांग्लादेश के 172 नागरिकों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई है। वर्ष 2014 में भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा समझौता भी हुआ था, जिसमें कि 50 से अधिक इलाकों को सम्मिलित कर लिया गया था। इसके बाद से अब तक 14 हजार 864 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता मिल गई है।

CAA से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी

  • अल्पसंख्यक के कानून के पहले की धारा 6 के अंतर्गत 31 दिसंबर, 2014 के बाद भारत आए लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी। उन्हें भी कम-से-कम कम 6 वर्ष भारत में निवास करना पड़ेगा। पहले के प्रावधान के अनुसार यह समयावधि 11 वर्ष की थी। कानून के बनते वक्त तक आए हुए सभी शरणार्थियों को इसका लाभ देने के लिए 31 दिसंबर, 2014 की तारीख तय की गई है।
  • इस अधिनियम की धारा 6 या धारा 6B के अंतर्गत आवेदन करते समय शरणार्थियों को अपने धार्मिक रूप से प्रताड़ित होने की घोषणा करनी पड़ेगी. उन्हें कोई विशिष्ट दस्तावेज धार्मिक उत्पीड़न के लिए सबूत के तौर पर जमा नहीं करने पड़ेंगे। कानून की अनुसूची 3 के अंतर्गत उन्हें केवल निर्धारित मानदंडों को पूरा करना पड़ेगा।

What is NRC?

इस वक्त NRC को लेकर जो बहस देशभर में छिड़ी हुई है, वैसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि What is NRC? NRC का मतलब है National Register of Citizens यानी कि नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर। नागरिकता अधिनियम की धारा 14A में केंद्र सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि भारत के हर नागरिक का पंजीकरण वह अनिवार्य रूप से कर सकती है और उन्हें राष्ट्रीय पहचान पत्र भी जारी कर सकती है। साथ ही केंद्र सरकार को इसके अंतर्गत भारत के नागरिकों का रजिस्टर तैयार करने एवं इसी उद्देश्य से एक राष्ट्रीय पंजीकरण प्राधिकरण की स्थापना करने का अधिकार है। महापंजीयक भारत के नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करेंगे एवं उसका अनुरक्षण भी करेंगे, ऐसा 2003 की नियमावली के नियम 3(1) में उल्लेख मिलता है। राज्य रजिस्टर, जिला रजिस्टर, उप जिला रजिस्टर और स्थानीय रजिस्टर जैसे उपखंडों में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर को विभाजित करने का प्रावधान है।

What is NPR?

CAB, CAA और NRC को जानने के बाद आप यह भी जानना चाहेंगे कि आखिर What is NPR? NPR का मतलब होता है National Population Register यानी कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर। वर्ष 2003 में जो केंद्र सरकार ने नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत नागरिकता नियम (नागरिकों का रजिस्ट्रेशन और राष्ट्रीय पहचान पत्र का वितरण) बनाए थे, वही NPR का आधार है। महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय के मुताबिक NPR देश के आम निवासियों की एक पंजी है, जिसमें किसी व्यक्ति के एक जगह पर पिछले छः माह या उससे अधिक समय तक रहने या फिर अगले 6 माह तक उसी जगह पर रहने का इरादा रखने वाले से संबंधित कुछ जानकारी दर्ज की जाती है। इसमें सामान्य जानकारी जैसे कि व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से उसका संबंध, पिता का नाम, माता का नाम, पति/पत्नी का नाम, लिंग, जन्म तिथि, आवास का मौजूदा पता, मौजूदा आवास पर रहने की अवधि, स्थाई आवासीय पता, पेशा और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी शामिल होती है। वर्ष 2015 में इसे अपडेट किया गया था। बीते 31 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गजट अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक असम को छोड़कर पूरे देश में NPR के तहत सूचनाएं एकत्रित किए जाने की बात कही गई थी।

CAA, NRC और NPR एक-दूसरे से Connected कैसे हैं?

  • प्रत्यक्ष रूप से CAA और NRC में कोई संबंध नहीं है। यह बात जरूर है कि देशभर में संभावित NRC के लागू होने पर जो लोग इससे बाहर रह जाएंगे, उन गैर-मुस्लिम प्रवासी नागरिकों एवं धर्म के आधार पर अभियोजन झेलने की वजह से बांग्लादेश, अफगानिस्तान व पाकिस्तान से भागकर 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आ गए लोगों के लिए यह मददगार होगा।
  • NPR का आधार वर्ष 2003 की नियमावली है। इसके नियम 3(5) में कहा गया है कि जनसंख्या रजिस्टर से ठीक से सत्यापन के बाद भारतीय नागरिक के स्थानीय रजिस्टर में लोगों का विवरण शामिल किया जाएगा। नियम 4(3) कहता है कि NPR में दर्ज विवरणों का सबसे पहले नागरिकों के स्थानीय रजिस्टर से सत्यापन NCR के निर्माण के लिए जरूरी होगा। संदिग्ध नागरिकों के नाम सत्यापन के बाद हटाकर NCR अंतिम रूप लेगा।

निष्कर्ष

इस लेख को पढ़कर आप यह समझ गए होंगे कि CAA, NRC और NPR एक-दूसरे से Connected कैसे हैं। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर ज़रूर बताएं।

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