क्या है ATM? कैसे काम करता है ATM?

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ATM kya hai

हम सभी बैंको में, पैसे निकालने के लिए कभी ना कभी लम्बी कतारो के शिकार हुए हैं लेकिन अब इस प्रक्रिया मे, भारी कमी आई हैं जिसके पीछे का मूल कारण हैं ATM मशीन व ATM कार्ड की सुविधा।

ATM मशीन की मदद से हमें, बैंक जाने की जरुरत नहीं पडती हैं बल्कि हम, कहीं भी कभी भी ATM कार्ड की मदद से ATM मशीन से रुपय निकाल सकते हैं और इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि, ATM मशीन क्या हैं, कैसे काम करता हैं ATM और ATM के कितने प्रकार होते हैं यदि नहीं जानते हैं तो आपको हमारा आज का आर्टिकल ध्यानपूर्वक पढना चाहिए क्योंकि अपने आज के आर्टिकल में, हम, आपको इन मूलभुत चीजो की जानकारी प्रदान करेंगे ताकि आप ATM की, इसकी कार्य-पद्धति की और ATM के अलग-अलग प्रकारों की जानकारी प्राप्त कर सकें और इनका लाभ प्राप्त कर सकें।

ATM क्या है? (What is ATM?)

हम, आपको कुछ बिंदुओ की मदद से ATM व इससे संबंधित मूलभुत जानकारीयां प्रदान करेंगे जो कि, इस प्रकार से हैं –

  • ATM क्या है? (what is ATM?)

ATM बैंकिंग क्षेत्र का एक बहुत ही आम और खास शब्द हैं जिसे सुनते, कहते या पढते ही हमारे सामने एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन की तस्वीर घूमने लगती हैं जिसे हम, सरल शब्दो में, ATM मशीन कहते है जिसका पूर्ण नाम इस प्रकार से हैं – ऑटोमैटिक टैलर मशीन ( Automatic Teller Machine )।

  • ATM का इतिहास क्या है?

हर वस्तु का अपना एक इतिहास होता हैं और इसी प्रकार ATM का भी अपना एक इतिहास हैं अर्थात् ATM का सर्वप्रथम आविष्कार 1960 के दशक में, किया गया था जिसे उस समय ’’ स्वचालित मशीन ’’ भी कहा जाता था। 27 जून, 1967 को सबसे पहले ब्रिटेन के लन्दन बैंक अर्थात् बारक्लेज बैंक ने, लंदन स्थित एनफील्ड टाउन शाखा में, स्थापित किया था जिसे बनाने का पूरा श्रेय जॉन शैफर्ड बैरन को जाता हैं  जिसे उस समय बकोग्राफ के नाम से जाना जाता था।

  • ATM पिन 4 अंको का ही क्यूं होता है?

हम, सभी जानते हैं कि, ATM का पिन 4 अंको का होता हैं जिसके पीछे का मूल कारण ये हैं कि, ATM मशीन निर्माता बैरन ने, ATM के लिए कुल 6 अंको की सीमा तय की थी लेकिन उनकी पत्नी को ये 6 अंक याद रखने मे, बहुत समस्या होती थी जिसे दूर करने के लिए ही बैरन ने, ATM पिन में, सिर्फ 4 अंको की ही वयवस्था की जो कि, आज तक प्रचलन में, हैं।

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कैसे काम करता है ATM?

ATM कैसे काम करता हैं इसे आपको बेहतर व सरल ढंग से समझाने के लिए हम कुछ बिंदुओ का सहारा लेंगे जो कि, इस प्रकार से हैं –

  • डिजिटल तरीके से काम करता है ATM

ATM की कार्य पद्धति को सरलता से समझने के लिए हम, कह सकते हैं कि, ATM डिजिटल तरीके से काम करता हैं क्योंकि ATM कई तरह के इनपुट व आउटपुट वस्तुओ का संग्रह होता हैं जैसे कि – मॉनीटर, की-बोर्ड व माउस आदि। ATM डिजिटल तरीके से काम कर सकें इसके लिए उसे इन्टरनेट से जोडा जाता हैं जिसके बाद ये ’’ डाटा टर्मिनल ( Data Terminal ) ’’ की मदद से होस्ट-प्रोसेसर से जुड जाता हैं और जब कोई व्यक्ति ATM मशीन मे, अपना कार्ड डालता हैं तो उसका कार्ड सीधे होस्ट-प्रोसेसर से जुड जाता हैं जिसकी मदद से वे आसानी से रुपयो का लेन-देन कर पाता हैं।

  • क्या होता है Magnetic Strip?

ATM मशीन मे, जब हम, कार्ड डालते हैं तो वो हमारा पूरा डाटा पढकर हमें, रुपयो के लेन-देन की सेवायें प्रदान करता हैं जिसके लिए ATM कार्ड के पीछे Magnetic Strip लगी होती हैं जिसमें हमारे बैंक खाते की पूरी जानकारीयां कोड के रुप में, दर्ज होती हैं और इसे काले रंग की परत से ढक दिया जाता हैं ताकि कोई इन कोड्स को खराब ना कर सकें।

  • आइए जानते हैं कैसे काम करता है ATM?

ATM बहुत ही सरल और पारदर्शी डिजिटल ढंग से काम करता हैं जिसके तहत इन चरणो को पूरा किया जाता हैं-

  • सबसे पहले आपको अपने ATM कार्ड को एटीएम  मशीन (ATM machine) में, डालना होता है,
  • इसके बाद ATM मशीन आपके ATM कार्ड के पीछे की Magnetic Strip से आपके खाते की पूरी जानकारी प्राप्त करती हैं जो कि, होस्ट-प्रोसेसर तक जाती है,
  • इसके बाद जब आप ’’ पैसे निकालने ’’ के विकल्प पर क्लिक करते हैं तो Magnetic Strip मशीन और होस्ट प्रोसेसर के बीच एक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रासंफर की प्रक्रिया चालू हो जाती हैं जिसके अन्तिम चरण में, होस्ट-प्रोसेसर Magnetic Strip को एक कोड भेजता हैं जिसे हम, स्वीकृति कह सकते हैं और इसके बाद आपको Magnetic Strip से रुपय प्राप्त होते हैं ।

उपरोक्त सभी चरणो की मदद से ATM मशीन काम करता हैं।

ATM के प्रकार (Types of ATM)

ATM, 3 प्रकार के होते हैं जो कि, अलग-अलग उद्धेश्यो की पूर्ति के लिए बनाये जाते हैं जिनकी एक विस्तृत सूची हम, आपके सामने रखना चाहते हैं जो कि, इस प्रकार से हैं-

  • अलग-अलग बैंको द्धारा स्थापित ATM

जब हम, ATM के अलग-अलग प्रकारो की बात करते हैं तो सबसे पहले नंबर पर अलग-अलग बैंको द्धारा स्थापित ATM आते हैं जिन्हें बैंक खरीदता हैं, इस पर अपना प्रतीक चिन्ह लगाता हैं और प्रोग्राम करके इसका संचालन करता हैं व यह तकनीक ATM सेवा प्रदान करने की सर्वाधिक मंहगी तकनीक मानी जाती हैं।

  • ब्राउन लेबल ATM अर्थात् कम्पनी ATM

ब्राउन लेबल ATM, ATM के प्रकारो में, दूसरे नंबर पर आता हैं जो कि, अन्य कम्पनियो कें ATM होते हैं जिसमें बैंक सिर्फ नकद मुद्रा प्रबंधन का व Bank and Server Connectivity की भूमिका अदा करते हैं जिसके लिए वे अपने बैंक का प्रतीक चिन्ह विशेष तौर पर प्रदर्शित करते हैं।

  • व्हाइट लेबल ATM अर्थात् श्वेत ATM

व्हाइट लेबल ATM अर्थात् श्वेत ATM वो ATM होते हैं जो कि, किसी विशेष कम्पनी द्धारा खरीदें जाते हैं और संचालित किये जाते हैं जिनकी मुख्य विशेषता ये होती हैं कि, ये सभी बैंको के ग्राहको को अपनी सेवायें देते हैं लेकिन किस भी एक विशेष बैंक का प्रतीक चिन्ह प्रदर्शित नहीं करते हैं आदि।

अंत, हमने आपके सामने ATM के सभी 3 अलग-अलग प्रकारो की पूरी उपलब्ध जानकारी प्रदान की जिसकी मदद से आप ATM को लेकर अपने मौजूदा ज्ञान में, वृद्धि कर सकते हैं और ATM का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

अपने इस लेख में, हमने आपने सभी नियमित पाठको को ATM मशीन, इसकी कार्य-पद्धति व अलग-अलग प्रकारो के बारे में, विस्तार से जानकारी प्रदान की ताकि हमारे नियमित पाठक ATM से संबंधित अपने ज्ञान में, वृद्धि कर सकें और सहजता व सफलतापूर्वक ATM Machine का प्रयोग कर सकें।

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