हिंदी दिवस: हिंदी कैसे बनी भारत की राजभाषा?

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Hindi day

लगा रहे प्रेम हिंदी में, लिखूं मैं हिंदी, पढूं मैं हिंदी, चलू मैं हिंदी,चलन में हिंदी।।शहीदे आजम राम प्रसाद बिस्मिल की ये पंक्तियां ये बतलाने को काफी हैं कि आज हम अपनी बात करेंगे, आप की बात करेंगे, अपनी भाषा, अपनी हिंदी की बात करेंगे।

14 सितंबर 1949 को हिंदी को राज भाषा का दर्जा मिला था। तब से हर साल आज का दिन हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

तारीख 15 अगस्त, साल 2019 को इस देश नें 73 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है, आजादी के इतने सालों के बाद भी देश में अगर कोई ये बोलता है कि उसकी हिंदी कमजोर है तो उसे काफी मॉडर्न या फैशनेबल मान लिया जाता है, लेकिन अगर किसी नें ये कह दिया, वो भी ख़ासकर मेट्रो सिटी या फिर बॉलीवुड में जिसे दुनिया हिंदी सिनेमा के रूप में जानती है कि ‘मेरी थोड़ी अंग्रेजी कमजोर है।’ तो उसे तो पूरा ठेठ अनपढ़ ही मान लिया जाता है।

इस पर बात करने से पहले अभिनेता इरफान खान स्टारर ‘हिंदी मीडियम’ के एक डायलॉग को भी आप याद करिए कि ‘इस देश में अंग्रेजी ज़बान नहीं क्लास है।’

वैसे तो ये फिल्म की कहानी बच्चे के स्कूल में दाखिले के इर्द गिर्द बुनी गई थी, लेकिन इसमें असली कटाक्ष उस सो कॉल्ड अपने आपको एलीट क्लास कहने वाले लोगों की सोच पर की गई थी, जो भाषा से इंसान के अस्तित्व को तौल लिया करते हैं, जो तुरंत अपने अंग्रेजी चश्में से ये जज कर लिया करते हैं कि सामने वाला अगर हिंदी भाषा या अपने क्षेत्र की बोली बोल रहा है तो उसका आई क्यू लेवल क्या है?

ऐसे लोगों को आज बड़े तहजीब से ये बताने की ज़रूरत है कि हां, हम हिंदी में बात करते हैं लेकिन हमको अंग्रेजी की भी समझ है क्योंकि हमको भाषा में किसी की क्लास नहीं जज्बात दिखते हैं।

आज हिंदी दिवस है तो कुछ पहलुओं पर भी नज़र डाल लेते हैं।

इस लेख के मुख्य बिंदु-

  • क्या है हिंदी दिवस का इतिहास?
  • पहली बार हिंदी दिवस मनाने का फैसला कब हुआ था?
  • हिंदी भाषा का इतिहास-
  • क्या कहता है भारतीय संविधान का अनुक्छेद 343 (Article 343 in Hindi)?
  • क्या कहती है भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची?
  • आखिर हिंदी कैसे बनीं राजभाषा?
  • एक नजर कुछ दिलचस्प फैक्ट्स पर-
  • सरांश-

क्या है हिंदी दिवस का इतिहास?

आपको बता दें कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा के द्वारा हिंदी को भारत गणराज्य की मुख्य भाषा के रूप में चुना गया था। भारत में इतनी सारी भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती हैं। फिर हिंदी को ही क्यों चुना गया था? इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में इसके पीछे का कारण बताया है। उनके तथ्य के हिसाब से ये फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि भारत में 77 प्रतीशत लोग हिंदी बोलते और समझते हैं।

पहली बार हिंदी दिवस मनाने का फैसला कब हुआ था?

 आपको अवगत करा दें कि साल 1952 में पहली बार हिंदी दिवस मनाने का फैसला हुआ था।

आज जब हम जज़्बात की बात कर ही रहे हैं तो थोड़ी सीधी मगर रोचक बातें हिंदी की भी जान ही लेते हैं वो भी आसान भाषा में-

हिंदी भाषा का इतिहास-

History.com की रिपोर्ट के अनुसार-

  • हिंदी का मतलब है हिन्द में रहने वाले लोग जो भाषा बोलते हैं, हिंदी शब्द की उत्पत्ति सिंधू नदी से हुई, आज के ईरान यानी उस दौर के फारस (परसिया) से आए लोग ‘स’ को ‘ह’ बोलते थे, उन्होंने सिंधू को हिंदू कहा, इसी हिंदू से बना हिन्द और उसी से बनी हिंदी।
  • इस देश में संस्कृत को आदि भाषा कहा गया है, इसे सबसे पुरानी भाषा माना जाता है, हिंदी का मूल भी संस्कृत ही है, लेकिन बाहर से आए शब्दों को भी हिंदी नें काफी उदारता के साथ लिया है।

इसके साथ ही ये भी माना जाता है कि 1000 ईसवीं के आस-पास ही हिंदी की स्वतंत्र सत्ता स्थापित हो गई थी, इसका मतलब आज जो हमारी हिंदी है वो सबसे पहले 1000 ईसवीं में अस्तित्व में आई थी।

  • अंग्रेजी काफी समृद्ध भाषा है लेकिन हिंदी उससे कम नहीं है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ऑक्सफर्ड इंग्लिश डिक्शनरी नें साल 2018 में वुमेन एम्पावरमेंट के लिए ‘नारी शक्ति’ को हिंदी शब्द चुना था।
  • आपको बता दें कि हिंदी के ऐसे कई शब्द हैं जिन्हें अंग्रेजी नें बड़े सम्मान से नवाज़ा है, जैसे कि हिंदी का एक शब्द है ‘अवतार’ जिसे अंग्रेजी नें अपनाया और ये शब्द वेस्टर्न कंट्रीज को काफी पसंद भी आया, इतना कि हॉलीवुड में सुपर हिट फिल्म भी बन चुकी है जिसका नाम है ‘अवतार’।

क्या कहता है भारतीय संविधान का अनुक्छेद 343 (Article 343 in Hindi)?

राजभाषा विभाग की आधिकारिक वेब साईट के अनुसार-

  • भारतीय संविधान के आर्टिकल 343 से लेकर आर्टिकल 351 तक राज भाषा संबधी प्रावधान किये गये हैं।
  • भारतीय संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी। सरकारी दस्तावेजों में अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।
  • भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राज भाषा विभाग का गठन भी किया गया है।
  • साल 1963 में राष्ट्रपति के आदेश के बाद राजभाषा अधिनियम पारित हुआ था।

क्या कहती है भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची?

आपको बता दें कि भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची भाषाओं से संबंधित है। इस अनुसूची में 22 भारतीय भाषाओं को जगह दी गई थी।

  • फिर साल 1992 में तीन और भाषाओं को इसमें जोड़ा गया था। ये भाषाएं थीं- कोंकणी भाषा, नेपाली भाषा और मणिपुरी भाषा।

आखिर हिंदी कैसे बनी राजभाषा?

साल 1947 के दौर में जब भारत आज़ाद हो रहा था। तब सभी के मन में भाषा को लेकर काफी दुविधा थी। इसके पीछे कारण भी लाज़मी था क्योंकि में भारत में सैंकड़ो बोलियाँ बोली जाती थीं।

  • 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान के अंतिम प्रारूप को मंजूरी दी थी।
  • आज़ाद भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया था।
  • राजभाषा को लेकर सभी के अंदर असमंजस के स्थति बनी हुई थी। काफी मीटिंग्स के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नये भारत की भाषा चुना गया था।
  • 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा मान लिया था।

एक नजर कुछ दिलचस्प फैक्ट्स पर

हिंदी सिनेमा के मशहूर गायक कुंदनलाल सैगल का वो गाना तो आपको याद होगा ही ‘एक बंगला बनें न्यारा…’ बता दें कि अंग्रेजी में बड़े आकार के मकानों को ‘बंगलो’ कहा जाता है और ये शब्द भी हिंदी के शब्द ‘बंगला’ से ही आया है।

  • इसी के साथ हम हिंदी की बात करें और हिंदी सिनेमा की दिवंगत सदाबहार अभिनेत्री श्रीदेवी को ना याद करें तो ये बेईमानी होगी। याद आता है फिल्म ‘चांदनी’ में श्री देवी के ऊपर फिल्माया गया खूबसूरत गाना –‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियाँ हैं, थोड़ा ठहरो सजन मजबूरियाँ हैं।।।’ बता दें कि अंग्रेजी में चूड़ी को ‘बैंगल्स’ कहा जाता है जो हिंदी के शब्द बांगड़ी से लिया गया है, इसका मतलब भी एक तरह की चूड़ियाँ ही होती हैं।

सरांश

आज के दौर में हम हिंदी का कितना सम्मान करते हैं। ये तो हमारे ऊपर है। लेकिन हमको जान लेना चाहिए कि मताएँ और भाषाएँ अपने शामियानों से नहीं बल्कि अपने बेटे और बेटियों से जानी जाती हैं, जिसको हमें पढ़ना चाहिए, समझना चाहिए और इनकी इज्जत करनी चाहिए।