पहली बार में आईएएस बनने वाले नौजवानों की कहानी

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जब भी कोई बालक अपनी शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके माता-पिता, उसके बड़े होकर कलकक्टर बनने की कामना करते हैं। कुछ उत्साही युवक अपने माता-पिता की यह इच्छा पूरी कर भी देते हैं। भारत में प्रशासनिक सेवा में उच्च पदों के लिए यूपीएससी द्वारा आयोजित सिवित सेवा परीक्षा का वार्षिक रूप से आयोजन किया जाता है। वैसे तो इस परीक्षा को पास करने के लिए अनेक अवसर मिलते हैं। लेकिन कुछ मेधावी छात्र इस परीक्षा को एक ही बार में पास करके अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित करते हैं। ऐसे ही कुछ छात्रों का विवरण आपके लिए यहाँ उपलब्ध है।

  1. टीना डाबी (2016):

22 वर्षीय टीना डाबी ने 2016 में सिविल सेवल परीक्षा को पहली बार में पास करके सबसे पहला स्थान प्राप्त किया है। मूल रूप से भोपाल की रहने वाली टीना की शिक्षा दिल्ली के जीसस एंड मेरी स्कूल और लेडी श्रीराम कॉलेज से हुई थी। इनहोनें सिविल सेवा परीक्षा के लिए राजनीति शास्त्र को अपना मुख्य विषय चुना था। टीना अपनी सफलता का श्रेय अपने उच्चाधिकारी माता-पिता को देतीं हैं।

  1. एश्वर्या डोंगरे (2016):

मुंबई की एश्वर्या डोंगरे ने 22 वर्ष की आयु में सिविल सेवा परीक्षा को 196 रैंक के साथ पहली बार में ही पास कर लिया था। मुंबई के सेंट ज़ेवियर कॉलेज से डबल ग्रेजुएट अर्थशास्त्र और राजनीति शास्त्र का अध्ययन करके उन्होनें दिल्ली आकार इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। दो साल तक इस परीक्षा की तैयारी को करते हुए उन्होने 2016 के बैच में इस परीक्षा को एक भी बार में पास करके कीर्तिमान स्थापित कर दिये।

  1. अनमोल शेर सिंह बेदी(2016):

कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई करने वाले और अमृतसर के रहने वाले अनमोल शेर सिंह बेदी ने 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करके और पहली बार परीक्षा पास करके अपने परिवार का नाम ऊंचा कर दिया है। बचपन से ही किताबों के शौकीन अनमोल ने आईएफएस का चयन करके देश सेवा का निर्णय लिया है।

  1. आर्तिका शुक्ला(2015):

वाराणसी, उत्तर प्रदेश की 25 वर्षीय आर्तिका शुक्ला ने 2015 की सिविल सेवा परीक्षा को पहली बार में पास करके चौथा स्थान प्राप्त किया है। मेडिकल प्रोफेशन में पीडियाट्रिक में एम डी कर चुकी आर्तिका के बड़े भाई पहले ही 2012 में आईएएस की परीक्षा पास कर चुके हैं।

  1. अरुणराज (2014):

उत्तरप्रदेश के रहने वाले अरुण राज ने 2014 में पहली बार में सिविल सेवा परीक्षा पास करके 34वां रैंक हासिल किया था। आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद अरुण राज ने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी अपने बूते पर ही करी थी। उन्होनें इसके लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। अरुणराज ने मुख्य रूप से एनसीईआरटी की पुस्तकों के आधार पर ही अपने सभी विषयों की तैयारी करी थी। उनका मानना है की अगर नियमित रूप से पढ़ाई की जाये तो यह परीक्षा एक बार में पास करना कठिन कार्य नहीं है।

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