सुडोकू से भी खुलते हैं समृद्धि के द्वार, पढ़ें कैसे?

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sudoku championships

अखबारों में अक्सर आपको बॉक्स में बने नंबर गेम वाली पहेलियां या पज्जल देखने को मिल जाते हैं, जिन्हें हल करके आप दिमागी कसरत करते हैं या फिर खाली समय में इन्हें सुलझा कर टाइम पास भी करते हैं। इसे सुडोकू कहा जाता है। सुडोकू दरअसल केवल टाइम पास की ही चीज नहीं है। इसकी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एवं ऑनलाइन भी प्रतियोगिताएं होती रहती हैं, जिनमें भाग लेकर सुडोकू को हल करके आप बहुत सारे पुरस्कार जीत सकते हैं और ढेर सारे पैसे भी कमा सकते हैं। सुडोकू को नंबर गेम की वजह से बहुत से लोग मैथ्स भी समझ लेते हैं, मगर वाकई में ऐसा है नहीं। इसे हर कोई खेल सकता है। यहां हम आपको सुडोकू की राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के बारे में बता रहे हैं।

सुडोकू की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं

  • भारत में हर साल भारतीय सुडोकू चैंपियनशिप (ISC) का आयोजन किया जाता है। इसमें जो वितेजा बनते हैं, उन्हें भारतीय सुडोकू चैंपियन कहा जाता है। इसके साथ ही इसके माध्यम से एशियाई सुडोकू चैंपियनशिप एवं वल्र्ड सुडोकू चैंपियनशिप के लिए राष्ट्रीय टीम का भी चयन होता है। इसमें थोड़े कठिन स्तर के कई सुडोकू होते हैं, जिन्हें हल करना होता है। इनके स्कोर को जोड़कर इसे आधार पर अंतिम रैंकिंग तैयार की जाती है।
  • लॉजिक मास्टर्स इंडिया की ओर से इसका आयोजन किया जाता है, जो कि भारत की ओर से वर्ल्ड पजल फेडरेशन से सम्बद्ध है। यह संगठन पूरे वर्ष कई प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है, जैसे कि टाइम्स सुडोकू चैम्पियनशिप, सुडोकू महाभारत, सुडोकू रामायण आदि। दुनिया भर में और भारत में सुडोकू का विकास करीब साथ-साथ ही हुआ है।
  • संगठन बुनियादी क्लासिक सुडोकू पहेली में लोगों को प्रशिक्षित करने का प्रयास करता है। इसकी प्रतियोगिताओं में कई प्रकार के चुनौतीपूर्ण संस्करण शामिल होते हैं, जैसे कि विषम-सम सुडोकू, जहां कुछ निश्चित वैरिएंट्स केवल विषम या सम संख्याएं ही हो सकती हैं।
  • अभी तक 13 बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है, जिनमें सबसे अधिक 7 बार रोहन राव विजेता बने हैं। तीन बार रितेश गुप्ता, दो बार ऋषि पुरी और एक बार प्रसन्ना शेषाद्रि विजेता बने हैं। लेटेस्ट आईएससी का आयोजन 21 जुलाई, 2019 को हुआ, जिसमें 7 बार के चैंपियन रोहन राव विजेता बनकर उभरे। भारत की राष्ट्रीय टीम 2007 से ही विश्व सुडोकू चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। भारतीय सुडोकू चैंपियनशिप वर्षों से ऑनलाइन और ऑफलाइन आयोजित किया जाता रहा है।

सुडोकू की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं

विश्व सुडोकू चैंपियनशिप (WSC) वल्र्ड पजल फाउंडेशन के एक सदस्य द्वारा आयोजित की जाने वाली एक वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय पहेली प्रतियोगिता है। पहली बार इसका आयोजन 2006 में लुक्का में हुआ था। राष्ट्रीय टीमें वल्र्ड पजल फाउंडेशन से संबद्ध रहती हैं। प्रतियोगिता में आमतौर पर 100 या अधिक पहेलियों को शामिल किया जाता है, जो सभी प्रतियोगियों द्वारा हल की जाती हैं। इसमें भारतीय क्लासिक सुडोकू, विविधताओं वाली और अन्य प्रकार की पहेलियां शामिल होती हैं।

  • शीर्ष क्वालीफायर में से आमतौर पर एक चैंपियन का चयन करने के लिए एक प्लेऑफ होता है। इसमें शामिल दो चरणों में एक रिले राउंड होता है, जिसमें पहेली के जवाब वाले अंकों से अगले सुडोकू की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद वर्ल्ड रिकॉर्ड राउंड होता है, जिसमें प्रतिभागी सबसे तेज सुडोकू हल करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। अब तक 13 बार इस चैंपियनशिप का आयोजन हो चुका है, जिसमें सर्वाधित चार बार जापान के कोटा मोरिनिशी को विजेता बनने का गौरव मिला है। यूएस के थॉमस सिंडर एवं पोलैंड के जैन म्रोजोवस्की तीन-तीन बार विजेता बने हैं।
  • वर्ष 2007 से यह भी टीम कंपीटिशन रहा है, जिसमें सर्वाधिक पांच बार 2007, 2012, 2014, 2015 एवं 2018 में खिताब जीतकर जापान सबसे कामयाब टीम रही है। क्रेज रिपब्लिक की टीम 2008 और 2016 में विजेता रही है। जर्मनी को 2010 एवं 2011, जबकि चीन को 2013 व 2017 में विजेता बनने का गौरव मिला है। वर्ष 2009 में स्लोवाकिया की टीम ने भी इसे जीता है। अब तक वर्ल्ड पजल फाउंडेशन के 30 देश सदस्य हैं।
  • वर्ष 2011 से इसका आयोजन वर्ल्ड पजल चैंपियनशिप के साथ ही होने लगा है। व्यक्तिगत रूप से भी कोई व्यक्ति इसमें हिस्सा ले सकता है, उसकी देश की कोई राष्ट्रीय टीम प्रतिनिधित्व करने के लिए नहीं है। सबसे हालिया WSC, जो 2018 में क्रेज रिपब्लिक में हुआ, उसमें प्रतिभागियों की संख्या उम्मीद से भी बढ़कर देखने को मिली। इसमें 34 देशों से 248 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

क्या आपके फ़ोन में है यह एप ?

अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर में आप ऑनलाइन गेम्स तो खेलते ही हैं, लेकिन यदि आपको सुडोकू हल करना जरा भी पसंद हैं और आप चुनौती स्वीकार करने के शौकीन हैं, तो आपको सुडोकू मास्टर ऐप को तुरंत अपने फोन में डाउनलोड कर लेना चाहिए, क्योंकि यहां जो आपको सुडोकू हल करने का अनुभव मिलेगा, वह और कहीं नहीं मिलेगा। सुडोकू मास्टर में सुडोकू को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है, ताकि आप आसान से कठिन वाले स्तर की ओर धीरे-धीरे बढ़ें और इसे हल करने में पारंगत भी बन जाएं। साथ ही इसे इस तरह से डिजाइन भी किया गया है कि आप इसमें पूरी तरह से डूब जाएंगे और दिमागी कसरत के साथ आपका मनोरंजन भी होगा। ग्राफिक्स का भी इसमें खास ख्याल रखा गया है, जो आंखों को भाता है। रिवॉर्ड प्वाइंट्स भी आपको इसमें मिलते हैं, जिससे आप और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इसे डाउनलोड करने वाले अधिकतर यूजर्स को ये ऐप बहुत भा रहा है। सुडोकू मास्टर को आप यहां क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैंः http://bit.ly/2YqgiJI

निष्कर्ष

सुडोकू की जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है, उसमें अभी भी प्रतिभागियों की संख्या कम है। आप यदि सुडोकू हल करना शुरू करते हैं और इसमें निपुण होते चले जाते हैं तो राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुडोकू के क्षेत्र में आप अपनी विशेष पहचान बनाने के साथ पुरस्कार के रूप में बड़ी राशि भी कमा सकते हैं। तो बताएं, आप हल करते हैं सुडोकू?

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