9/11 Attacks – जब वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए विमान और देखते-ही-देखते ध्वस्त हो गए ट्विन टॉवर्स

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world trade center attack

September 11 को जब हम याद करते हैं तो उस प्रलयंकारी घटना की याद सबसे पहले आती है, जो कि 19 साल पहले घटी थी। इस प्रलय को लाने वाले कोई और नहीं, बल्कि आतंकवादी थे। इन आतंकवादियों ने दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर इस तरीके से हमला किया कि पलक झपकते ही लगभग 3000 मासूम लोगों की जानें चली गईं। 11 सितंबर, 2001 को घटी यह घटना आज भी दुनियाभर में लोगों के जेहन में एकदम ताजा है।

इस लेख में आपके लिए है:

  • Al-Qaeda ने दिया अंजाम
  • ऐसे लगाएं भयावहता का अंदाजा
  • September 11 Attack की टाइमलाइन
  • मलबा हटाते-हटाते लग गए थे 9 महीने
  • नष्ट होने वाली कलाकृतियां 10 करोड़ की थीं
  • 9/11 Attack से हुआ बड़ा नुकसान
  • फिर चुप कैसे बैठता अमेरिका?

Al-Qaeda ने दिया अंजाम

  • अमेरिका में World Trade Centre attack को अंजाम आतंकवादी संगठन अल-क़ायदा ने दिया था। अमेरिका में एक साथ चार ठिकानों पर हमला करने की उसने योजना बनाई थी और इसमें वह कामयाब भी हो गया था।
  • Al-Qaeda के आतंकवादियों ने चार अमेरिकी विमानों का अपहरण कर लिया था। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टॉवर से दो विमान उन्होंने टकरा दिए थे। इस वजह से दोनों टॉवर्स में आग लग गई थी और ये दोनों ही टॉवर्स देखते-ही-देखते धराशाई होकर राख में तब्दील हो गए थे।
  • अमेरिका में हुए इस खौफनाक हमले को अंजाम देने में अलकायदा के 19 आतंकवादी शामिल थे। इनमें से 15 आतंकवादी सऊदी अरब के थे, जबकि बाकी आतंकवादी लेबनान, मिश्र और यूएई के रहने वाले थे।
  • मोहम्मद अत्ता इन 19 आतंकवादियों का सरगना था। पायलट की ट्रेनिंग वह पहले ही ले चुका था। इस हमले में जो आतंकवादी मारे गए, उनके साथ मोहम्मद अत्ता भी मारा गया था।
  • बाद में जब World Trade Centre attack की जांच हुई तो पता चला कि खालिद शेख मोहम्मद इस हमले का मास्टरमाइंड था। उस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का खालिद शेख मोहम्मद बड़ा ही खास आदमी था।
  • 9/11 attack की तैयारी तो आतंकवादियों ने वर्ष 1996 से ही शुरू कर दी थी। पांच वर्षों तक तैयारी करने के बाद आखिरकार 11 सितंबर, 2001 को आतंकवादी इसे अंजाम देने में कामयाब हो ही गए। इस तथ्य तक पहुंचने के बाद जांचकर्ता भी हैरान रह गए थे।

ऐसे लगाएं भयावहता का अंदाजा

  • September 11 attack कितना भयावह था और इसे कितने बड़े पैमाने पर अंजाम दिया गया था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आतंकवादियों द्वारा अगवा किया गया तीसरा विमान वाशिंगटन डीसी के बाहर स्थित पेंटागन से टकराया था, जबकि चौथे विमान को आतंकवादियों ने पेंसिलवेनिया के खेतों में गिरा दिया था।
  • पूरी दुनिया इस आतंकवादी घटना से स्तब्ध रह गई थी। आतंकवाद से निपटने की चुनौती इस हमले के बाद पूरी दुनिया के सामने पैदा हो गई थी।
  • यह एक ऐसा हमला था, जिसके बाद से अपनी सीमाओं को अमेरिका ने इस कदर मजबूत बना दिया कि उसके बाद से आज तक किसी भी आतंकवादी संगठन की उसकी ओर आंख उठाकर भी देखने की हिम्मत नहीं हुई है।

September 11 Attack की टाइमलाइन

  • प्रातः 8 बजकर 46 मिनट पर आतंकवादियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टॉवर से अमेरिकन एयरलाइंस के उस बोइंग 767 विमान को टकरा दिया था, जिसने बोस्टन से लॉस एंजिल्स की उड़ान भरी थी और जिसे आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। विमान के टॉवर से टकराने के बाद पूरे टॉवर में भयानक आग लग गई थी। विमान में 92 यात्री सवार थे।
  • प्रातः 9 बजकर 30 मिनट पर अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा इसे आतंकवादी हमला घोषित किया गया था।
  • प्रातः 9 बजकर 37 मिनट पर पेंटागन से आतंकवादियों ने अमेरिकन एयरलाइंस के उस बोइंग 757 विमान को टकरा दिया, जिसे कि पांच आतंकवादियों ने अपहृत कर लिया था और जिसने वाशिंगटन डलास से लॉस एंजिल्स के लिए उड़ान भरी थी। इस विमान में 64 यात्री सवार थे।
  • प्रातः 9 बजकर 42 मिनट पर सभी विमानों के आवागमन पर यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से रोक लगा दी गई थी।
  • प्रातः 9 बजकर 59 मिनट पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का दक्षिण टॉवर गिर गया। विमान की टक्कर के बाद इसे गिरने में 56 मिनट का वक्त लगा था।
  • प्रातः 10 बजकर 03 मिनट पर 44 यात्रियों को लेकर जा रहे यूनाइटेड एयरलाइंस के बोइंग 757 विमान को पेंसिलवेनिया में शैंक्सविले के पास दुर्घटनाग्रस्त करा दिया गया। यह विमान नेवार्क से सैन फ्रांसिस्को की ओर रवाना हो रहा था। चार आतंकवादियों ने इसे अगवा किया था।
  • प्रातः 10 बजकर 28 मिनट पर विमान के हमले के 42 मिनट के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का उत्तरी टॉवर गिर गया था और मैनहट्टन के आसमान में धूल और धुएं का भयानक गुब्बार फैल गया था।

मलबा हटाते-हटाते लग गए थे 9 महीने

  • 9/11 attack को अलकायदा ने ये आतंकवादी हमले इस तरह से किये थे कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पूरी तरह से तबाह हुआ था और यहां से 18 लाख टन मलबा बाहर निकला था।
  • मलबा इतनी विशाल मात्रा में था कि पूरी तरीके से इसे यहां से हटाने में 9 महीने का वक्त लग गया था। इस मलबे में डैमेज हुई गाड़ियों के साथ लाखों टन स्टील शामिल थे।
  • अमेरिकी प्रशासन के पास जितने भी उपकरण थे, इन सभी को मलबा हटाने और जगह की सफाई करने के काम में लगा दिया गया था।

नष्ट होने वाली कलाकृतियां 10 करोड़ की थीं

  • September 11 को History में इसलिए भी हमेशा याद किया जाएगा क्योंकि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, जिसमें कि दुनियाभर की कई दुर्लभ चीजें मौजूद थीं और जहां करीब 10 करोड़ रुपये की कीमत वाली कलाकृतियां सहेज कर रखी गई थीं, अलकायदा के आतंकवादियों द्वारा किए गए इस विनाशकारी हमले में ये सभी तबाह हो गईं।
  • न्यूयॉर्क की शान के तौर पर दुनियाभर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की पहचान थी, लेकिन 11 सितंबर, 2001 को कल्पना से भी पर हमले में इसका पूरी तरह से नामोनिशान मिट गया था।

9/11 Attack से हुआ बड़ा नुकसान

  • September 11 attack में विमान में सवार यात्रियों के साथ कुल 2974 लोगों की मौत हुई थी। इसकी वजह से अमेरिका को आर्थिक तौर पर भी जबरदस्त झटका लगा था और उसे करोड़ों डॉलर का नुकसान सहना पड़ा था।
  • जिन लोगों की इस हमले में मौत हुई, उनमें फायर विभाग के 343 अधिकारी व कर्मचारी एवं 60 पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।
  • इसके अलावा मृतकों में दुनियाभर के 70 देशों के नागरिक शामिल थे। हमले को अंजाम देने वाले सभी 19 आतंकवादियों की भी इसमें मौत हो गई थी।

फिर चुप कैसे बैठता अमेरिका?

  • World Trade Centre attack के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ठान लिया कि ओसामा बिन लादेन और इसके आतंकी संगठन अलकायदा को ख़तम करना ज़रूरी है।
  • अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति बुश ने ओसामा और उसके साथियों का पता लगाने के लिए अपनी सेना तो भेजी, लेकिन अरबों डॉलर खर्च कर देने के बाद भी बुश को कामयाबी नहीं मिल पाई थी।
  • बाद में जब बराक ओबामा राष्ट्रपति बने तो उन्हीं के शासनकाल के दौरान 2 मई 2011 की रात को अमेरिकी सेना ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले को अंजाम देकर लगभग 3000 लोगों की जान लेने वाले आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मौत के घाट उतार दिया ।
  • एक गुप्त कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों ने पाकिस्तान के एबटाबाद में की और 10 साल के बाद आखिरकार 9/11 attack का प्रतिशोध अमेरिका ने ले ही लिया।

अंत में

अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले के लिए September 11 को History में जरूर याद किया जाता है, लेकिन America ने जिस तरीके से इससे सीख लेकर अपने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया और इसके बाद अमेरिका में एक भी आतंकवादी हमला अपने देश पर नहीं होने दिया, उससे भारत सहित दुनिया के सभी देशों को प्रेरणा लेने की जरूरत है। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होने की यह सीख भी देता है।

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