दुनिया की वो शख्सियतें जिन्होंने जिंदगी में कभी हार नहीं मानी

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‘जिंदगी में कभी हार नहीं माननी चाहिए’ ऐसी प्रेरणात्मक बातें तो लोगों को बचपन से ही सुनने को मिलती हैं। कई लोग इससे सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं। कई लोग इसे अपने जिंदगी में शामिल तो करना चाहते हैं, लेकिन मुश्किलों को देखते हुए वे टूट जाते हैं। दुनिया में ऐसी कई महान शख्सियतें हैं, जिन्होंने असल में जिंदगी में कभी हार नहीं मानी, जिंदगी ने चाहे उनपर जितने भी सितम किए हों, लेकिन वो अपने मंजिल की ओर आगे बढ़ते गए। आज हम आपको कुछ ऐसी ही महान शख्सियतों की कहानी बताने जा रहे हैं।

  1. जे. के. रोलिंग
    हैरी पॉटर की अलग सी, खूबसूरत, काल्पनिक और मायावी दुनिया रचने वाली जे. के. रोलिंग की कहानी भी कोई कम प्रेरणादायक नहीं है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला ‘हैरीपॉटर’ फंतासी नॉवेल की लेखिका जे. के. रोलिंग ही हैं। जे.के.रोलिंग एक ब्रिटिश उपन्यासकार, पटकथा लेखिका और फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने अपने जीवन में बहुत बुरा दौर देखा है। रोलिंग की माता स्केलोरोसिस के रोग से ग्रसित थीं। लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। रोलिंग अपनी मां के बहुत करीब थीं। शादी के बाद रोलिंग घरेलू हिंसा की भी शिकार हुईं। एक महिने की बेटी के साथ उनके पति ने एक दिन रोलिंग को घर से बाहर निकाल दिया। जिसके बाद रोलिंग के पास अपनी बच्ची के दूध के लिए भी पैसे नहीं थे। रोलिंग ने हैरीपॉटर की स्क्रिप्ट कई प्रकाशकों को भेजी, लेकिन सभी ने छापने से इंकार कर दिया। बावजूद इसके रोलिंग ने हार नहीं मानी और आज अपनी लेखनी की बदौलत वे सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली और कमाई करने वाली लेखिका हैं।
  2. स्टीफन हॉकिंग
    साल 1974 में स्टीफन हॉकिंग ने दुनिया को अपनी सबसे महत्वपूर्ण खोज ब्लैक होल थ्योरी के बारे में बताया। मशहूर साइंटिस्ट स्टीफन हॉकिंग ने विज्ञान के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्टीफन हॉकिंग की जिंदगी शुरू से ही कठिनाईयों से भरी हुई रही। 21 साल के स्टीफन को एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस नामक बिमारी हो गई। इस बिमारी की वजह से स्टीफन के शरीर के कई हिस्सों ने धीरे- धीरे काम करना बंद कर दिया। इस बिमारी का कोई इलाज नहीं है। लेकिन फिर भी स्टीफन हॉकिंग ने अपने बचपन के सपने को साकार किया । स्टीफन ने दुनिया को ये सबक दिया कि कोई भी शख्स विकलांग नहीं होता ।
  3. निकोलस वुजिसिक (Nick Vujicic)-
    ऑस्ट्रेलिया में जन्म लेने वाले निक के बचपन से ही हाथ पैर नहीं थे| वे फोकोमेलिया नाम की एक दुर्लभ बीमारी के साथ पैदा हुए थे, जिसके कारण वे जन्म से ही अपंग थे| बिना हाथ- पैर के निक को बचपन से ही काफी ज्यादा शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने जिंदगी से संघर्ष करके अपनी इस कमजोरी को हरा दिया| आज निकोलस एक सफल लेखक, संगीतकार, कलाकार और प्रेरक वक्ता है। हाथ-पैर न होने के बावजूद वो फुटबॉल, गोल्फ खेलते हैं साथ ही उनको फिशिंग, पेंटिंग और स्विमिंग में भी काफी रूचि है।
  4. ओपरा विनफ्रे
    दुनिया की सफलतम महिलाओं में से एक ओपरा विनफ्रे एक ऐसी हस्ती हैं, जिन्होंने अपनी आवाज को अपना औजार बनाया। ओपरा एक बिन ब्याही मां की बेटी हैं। अपने बचपन में उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। ओपरा के अनुसार 9 साल की उम्र में उनका बलात्कार किया गया था और 13 की उम्र में ही उन्हें घर से भागना पड़ा था। 14 की उम्र में वे गर्भवती हो गयी और गर्भ में ही उनका बच्चा मर गया। ओपरा को अमेरिका में मीडिया की रानी कहा जाता है।

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