अधिक समय तक बिना बोरियत के पढ़ाई करने के तरीके

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लगातार बिना विश्राम किये पढ़ाई करने और एक ही विषय को पढ़ने से बोरियत होती है। यह आम आदमी की सोच है। परीक्षा लंबे समय तक चलती है, ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई के वैज्ञानिक तरीकों को अपना कर कुछ नया करना चाहिए।

वैज्ञानिक तथा मनोवैज्ञानिक सफल तरीके…

दुनियाभर में पढ़ाई को मनमोहक बनाने के लिए लगातार शोध हो रहे हैं। नए मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक तरीकों का साक्षात्कार हो रहा है, ताकि सभी विद्यार्थी बिना बोर हुए कम समय में ज्यादा से ज्यादा पढाई कर सकें। आज हम इस शोध में कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बात करेंगे, जिसे दुनिया भर के वैज्ञानिकों और मनोवैज्ञानिकों ने मान्यता दी है। विज्ञान और शोध पर आधारित वैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में निम्नलिखित है :-

कुछ समय विश्राम अवश्य करें…..

हम धारावाहिक देखते समय छोटा सा ब्रेक लेते हैं, खेलने में भी ब्रेक लेते हैं, तो पढ़ाई में ब्रेक क्यों नहीं। आखिर हम इंसान हैं। एक ही चीज लगातार लंबे समय तक बिना ब्रेक के नहीं कर सकते हैं। दुनियाभर के बहूत से मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि परीक्षा के समय 20 से 50 मिनट का समय निर्धारण करके ही पढ़ना चाहिए। इसमें 5 से 10 मिनट का विश्राम जरूर लेना चाहिए। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि निर्धारित समय में पढ़ने से दिमाग में चीजें अधिक समय तक और स्पष्ट रहती हैं।

एक ही विषय को लगातार न पढ़े…

लगातार गणित के सूत्र , रसायन विज्ञानं के अभिलेख… आपको बोर कर सकते हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि परीक्षा के दौरान छात्र एक ही विषय को लगातार तब तक पढ़ते हैं जब तक उसकी तैयारी पूरी नहीं हो जाती। हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। मनोवैज्ञानिक का कहना है कि जैसे आप एक ही खाना बार-बार खाकर बोर हो जाते हैं, वैसे ही मनुष्य का दिमाग एक ही विषय को अधिक समय तक पसंद नहीं करता है। इसलिए सब विषयों को मिला कर पढ़ें। पढ़ाई रोचक एवं स्वादिष्ट तथा ज्ञान वर्धक होगी।

पढाई के लिए स्थान बदलते रहें….

जैसे एक ही जगह दिनभर लगातार कई दिनों तक रहना रोमांचक नहीं होता वैसे ही पढ़ाई एक जगह पर लगातार करने में आनंद नहीं आता ।
सभी बड़े मनोवैज्ञानिक ने माना है कि पढ़ने के स्थान में बदलाव करते रहना चाहिए। एक शोध के मुताबिक कुछ विद्यार्थियों को कुछ शब्दों की सची दी गई। इसे दो बार बोल कर पढ़ना था। एक टीम ने इसे दो अलग अलग स्थानों पर पढ़ा। दूसरी टीम ने दोनों बार एक ही जगह का प्रयोग किया।
शोध में यह पाया गया कि पहली टीम का प्रदर्शन अधिक बेहतर रहा। इसके पीछे का विज्ञान यह था कि मनुष्य का दिमाग पढ़ते वक्त पृष्ठभूमि और अनुभूतियों को भी ग्रहण करता है। इसलिए एक स्थान की बजाय लाइब्रेरी, कॉफी हाउस, अध्ययन कक्ष इत्यादि का प्रयोग पढाई के लिए करना चाहिए।

अध्यन टिपण्णी को रोचक बनाये ….

सिर्फ पुस्तक से पढ़ने से बोरियत महसस हो सकती है। इसलिए अध्यन टिपण्णी को रोचक तरीके से बनाना चाहिए। अध्यन टिपण्णी बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली बात यह है कि आप उसे रेगुलर किताबों में लिखी चीजों के जैसा न लिखें और न ही उनका विस्तारपूर्ण तरीका प्रयोग करें। कुछ महत्वपूर्ण तथ्य की एक श्रेणी तैयार करें, जिससे आप उस विषय से सम्बंधित जितने भी महत्वपूर्ण बिंदु हैं, उनको अपने दिमाग में आसानी से दोहराई के दौरान बिठा पाएं।

अच्छा तरीका अपनाएं…

आज अच्छे काम की जीत होती है। इसलिए अपनी सहूलियत के मुताबिक अपने आप अच्छे तरीके उत्पन्न करें। आज कल वीडियो मोड का चलन बहूत अधिक चल रहा है आप भी इसे इस्तेमाल कर सकते है। वैज्ञानिक और मनोविज्ञानिक मानते हैं आंखों से देखी और कानों से सुनी हर चीज दिमाग में जल्दी बसती हैं।

विद्यार्थी एक काम और कर सकते हैं कि वह अपने मन में पढ़ने की बजाए बोलकर पढ़ें। लिखकर पढ़ने से भी चीजें दिमाग में लंबे समय तक रहती हैं। इससे अभ्यास भी होती है।

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