वो 6 महिलाएं जिन्होंने आईएएस बनने में मुश्किलों को नहीं आने दिया आड़े

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शिक्षा हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। ये किसी के भी भविष्य की नींव होती है। लेकिन काफी लंबे समय तक हमारे समाज में महिलाओं को इससे बहुत दूर रखा गया। महिलाओं को अपने विकास के रास्ते पर कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन कई ऐसी भी महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने उपर आने वाले सभी बाधाओं को चुनौती देते हुए, उनका डटकर सामना किया है।

देश के सबसे कठिन परीक्षा यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन एक्जामिनेशन यानी कि यूपीएससीई के पिछले परिणामों को देखें तो यहां भी महिलाओं का वर्चस्व रहा है। आइए जानते हैं देश की उन 6 महिलाओं के बारे में जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में टॉप किया और हर महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनीं।

1. नंदिनी के आर
साल 2016- 17 के यूपीएससी एक्जाम में टॉप करने वाली नंदिनी के आर महिलाओं के लिए किसी प्रेरणास्त्रोत से कम नहीं है। नंदिनी कर्नाटक के कोलार गोरल्ड फील्ड की रहने वाली है। लोगों का मानना है कि सरकारी स्कूल से पढ़ने वाले बच्चे कभी भी आईएएस नहीं बन सकते, लेकिन नंदिनी ने लोगों के इस सोच को गलत साबित कर दिया। नंदिनी ने कन्नड़ मीडियम से पढ़ाई की है। नंदिनी ओबीसी वर्ग से आती हैं। नंदिनी अपने परिवार की पहली आईएएस ऑफिसर बनी। नंदिनी ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग में बतौर इंजीनियर काम किया। सिविल इंजनियरिंग में प्रतिष्ठित एमएस रमैय्या इंजनियरिंग कॉलेज बेंगलुरू से नंदिनी ने बी.टेक किया।

2. टीना डाबी
दिल्ली की रहने वाली टीना डाबी ने पहली ही बार में साल 2015-16 के यूपीएससी एग्जाम में टॉप कर सफलता का मुकाम हासिल किया। टीना डाबी ने आईएसएस की तैयारी स्कूल के समय से ही शुरू कर दी थी। टीना दलित वर्ग से आने वाली पहली महिला थी, जिसने आईएएस एग्जाम में टॉप किया।

3. इरा सिंघल
यूपीएससी एग्‍जाम 2014-15 की टॉपर इरा सिंघल सबके लिए एक प्रेरणा हैं। शारीरिक रूप से विकलांग होते हुए भी उन्होंने यूपीएससी की जनरल कैटगरी में टॉप किया और ऐसा करने वाली वे देश की पहली यूपीएससी प्रतिभागी भी बनीं। वर्तमान में इरा कस्‍टम एंड एक्‍साइज डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्‍यू सर्विस में बतौर असिस्‍टेंट कमिश्‍नर काम कर रही हैं। इरा ने 2010 में भी सिविल सर्विस का एग्जाम पास किया था, लेकिन विकलांग होने की वजह से उन्हें पोस्टिंग नहीं दी गयी । इरा हार मानने वालों में नहीं थीं, उन्होंने पोस्टिंग ना मिलने पर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में केस दायर किया और वे केस जीती। केस जीतने के बाद उन्हें हैदराबाद में पोस्टिंग भी मिली। लेकिन रैंक सुधारने के लिए इरा ने फिर कोशिश की और फिर यूपीएससी 2014 -15 की टॉपर बनीं।

4. रेनू राज
एक मिडिल क्लास फैमिली से तालुक्क रखने वाली केरल की रेनू राज ने साल 2014 के यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया। रेनू राज बेहद ही साधारण परिवार से नाता रखती है। रेनू के पिता रिटायर बस कंटेक्टर हैं। रेनू कोल्लम के अस्पताल में डॉक्टर थीं। रेनू का कहना है कि बतौर डॉक्टर वो 50 से 100 लोगों की मदद करती थी, लेकिन ऑफिसर बन कर वो हजारों लोगों की मदद करना चाहती है।

5.निधि गुप्ता-
दिल्ली की रहने वाली निधि गुप्ता भी महिलाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। निधि ने हार ना मानते हुए पांचवीं बार के प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा 2014 में पास किया। निधि गुप्ता को देशभर में तीसरा स्थान मिला था। उस वक्त निधि सहायक सीमा शुल्क एवं केंद्रीय आबकारी आयुक्त के तौर पर काम कर रहीं थीं।

6. वंदना राव
दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के छोटे से गांव कांगनहेड़ी की रहने वाली वंदना राव से जो कर दिखाया, वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। पढ़ाई में आने वाली तमाम परेशानियों की परवाह ना करते हुए वंदना ने आईएएस एग्जाम ना सिर्फ पास किया बल्कि देश भर में चौथा स्थान भी हासिल किया। पढ़ाई करने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली वंदना उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं, जो मुश्किलों के बावजूद ऑफिसर बनने का सपना देख रही हैं।

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