न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र [New India and Commonweal Newspapers]

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Commonweal Newspaper

भारतीय स्वतंत्रता और भारतीय राजनीति को नया व निर्माणयक मोड देने में, 20वी शताब्दी की कुछ प्रमुख समाचार पत्रो की गिनती जब हम, करते हैं तो हमें, न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र। New India and Commonweal newspapers का एक प्रमुख गौरवमयी स्थान देखने को मिलता है क्योंकि इन समाचार पत्रो के मौलिक योगदान ने, इन्हें ये स्थान प्रदान किया हैं इसलिए हमने भी तय किया है कि, हम, आपको अपने इस लेख में, आज न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्रो की सभी उपलब्ध जानकारी प्रदान करेंगे साथ ही साथ ही हम, आपको इन समाचार पत्रो की सम्पादक अर्थात् डॉ. ऐनी बेसेंट के बारे में व उनके योगदान के बारे में भी अवगत करवायेगे ताकि आप उनके व उनके समाचार पत्रो का भारतीय राजनीतिक व भारतीय स्वतंत्रता मे, योगदान को समझ सकें, आत्मसात कर सकें और उनका सम्मान कर सकें।

कौन हैं न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र के सम्पादक?

भारतीय राजनीति को नया मोड देने में और भारतीय स्वतंत्रता को मुखर, स्पष्ट और तीक्ष्ण अभिव्यक्ति देने में, सभी भारतीय समाचार पत्रो के अमूल्य योगदान के साथ-साथ न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र के योगदान को भी भूलाया या कम नहीं आंका जा सकता हैं जिसका सम्पादन डॉ. श्रीमती ऐनी बेसेंट के द्धारा किया गया था इसलिए आज उनके बार में, जानना बहुत जरुरी हैं व इसीलिए उनकी एक संतुलित तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए हम, कुछ बिंदुओ का सहारा ले रहे हैं जो कि, इस प्रकार से हैं –

  • ऐनी बेसेंट का जन्म व उनकी मृत्यु कब हुई?

न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र की सम्पादक, डॉ. श्रीमति ऐनी बेसेंट का जन्म 1 अक्टूबर, 1847 को हुआ और उनकी मृत्यु 20 सितम्बर, 1933 को हुई।

  • किन उपलब्धियो की प्राप्ति की ऐनी बेसेंट ने?

ऐनी बेसेंट की उपलब्धियो को हम, इस प्रकार से अभिव्यक्त कर सकते हैं जैसे कि – ऐनी बेसेंट एक समाज सुधार, राजनीतिक दार्शनिक, लेखिका-प्रवक्ता, महिला कार्यकर्ता, 1916 में, हुए होम-रुल लीग की स्थापना में, योगदान, भारत हेतु स्वशासन की मांग और कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त करने वाली डॉ. ऐनी बेसेंट थियोसोफिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की अध्यक्षता भी कर चुकी हैं। इस प्रकार हमने, आपके सामने डॉ. ऐनी बेसेंट द्धारा प्राप्त की गई सभी उपलब्धियो को बिंदु-दर-बिंदु प्रस्तुत किया हैं।

  • ऐनी बेसेंट का शुरुआती जीवन?

ऐनी बेसेंट एक मध्यमवर्गीय परिवार में, जन्मी थी जिनका बचपन का नाम ऐनी वुड था जो कि, मूलत आयरिश मूल की थी। जब ऐनी बेसेंट 5 साल की थी तभी उनके पिता का देहांत हो गया था और उसके बाद उनकी माता ने, घर चलाने के लिए हैरो में, बालक छात्रावास की शुरुआत जिससे ऐनी बेसेंट को अल्पायु में यूरोप की यात्रा करने का मौका मिला जिससे उनकी विचारधारा व नजरियें में व्यापक बदलाव आया।

  • पूरे भारत की यात्रा की थी ऐनी बेसेंट ने

भारत को और उसके जन-जीवन को नजदीक से देखने के लिए ऐनी बेसेंट ने, पूरे भारत की यात्रा की थी जिससे उन्हें भारतीय जीवन, संस्कृति और सभ्यता को देखने का मौका मिला और साथ ही साथ अंग्रेजी शासन से मुक्ति पाने का संघर्षमयी उत्साह भी मिला।

इसी उत्साह के फलस्वरुप ऐनी बेसेंट ने, आम भारतीय जनता के विचारो व मांगो को अभिव्यक्ति देने के लिए न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र का सम्पादन किया जिसकी पूरी जानकारी हम, आपको आगे विस्तार से देंगे ताकि आप उन समाचार पत्रो के महत्व व उपयोगिता को समझ सकें।

अन्त, हमने आपके सामने सामने डॉ. श्रीमति ऐनी बेसेंट की एक संतुलित तस्वीर को प्रस्तुत करने का प्रयास किया हैं ताकि आप उनके व्यक्तित्व को समझ व आत्मसात कर सकें।

New India newspaper (न्यू इंडिया समाचार पत्र)

न्यू इंडिया समाचार पत्र, 20वीं शताब्दी के शुरुआती दशको में, ऐनी बेसेंट द्धारा सम्पादित प्रमुख समाचार पत्रो में से एक था जो कि, पूरी तरह से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम व संघर्ष को समर्पित एक प्रमुख व विशेष समाचार पत्र था जिसकी मदद से भारतीय स्वतंत्रता को अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया गया ताकि भारत स्वतंत्रता को प्राप्त करके अपने उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकें।

न्यू इंडियां समाचार पत्र को हम, महात्मा गांधी के हरिजन और बाल गंगाधर तिलक के केसरी आदि समाचार पत्रो के समकक्ष मान सकते हैं क्योंकि, New India News Paper व इसके सम्पादकीय लेखो के माध्यम से इसकी सम्पादक डॉ. ऐनी बेसेंट ने, भारतीय स्वतंत्रता को नई व शक्तिशाली अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया और साथ ही साथ भारतीय जनता को जागरुक और आत्मनिर्भर बनने के लिए आह्वान भी किया।

प्रथम विश्व युद्ध के बाद जब डॉ. ऐनी बेसेंट भारत वापस लौटी तब वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुडी और साथ ही साथ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में, भागीदारी की और अपनी इसी भागीदारी और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डॉ. ऐनी बेसेंट ने, New India News Paper को अपनी मुखर अभिव्यक्ति का साधन बनाया जिसके माध्यम से उन्होंने एक तरफ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का समर्थन किया तो वही दूसरी तरफ उन्होनें न्यू इंडिया समाचार पत्र की मदद से अंग्रेजो का विरोध किया और उनकी दार्शनिक, अवसरवादी  व आत्मपराणयता वाली अनैतिकता को उजागार किया।

बेसेंट ने, 1914 में, भारत की राजनीतिक व आर्थिक स्तर को संतुलित और स्थायी बनाने के लिए ’’ होम-रुल ’’ की मांग की जिसका अनुभव उन्होंने आयरलैंड में हुए होम-रुल आंदोलन से प्राप्त किया था। होम-रुप आंदोलन की मदद से बेसेंट चाहती थी कि, भारत को संतुलित और स्थायी बनाने के लिए सबसे पहले उसके गिरे हुए राजनीतिक व आर्थिक स्तर को संतुलित किया जायें जिसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जायेगी और इस पूरी प्रक्रिया में, उन्होने अलग-अलग तरीको से न्यू इंडिया समाचार पत्र का दूरगामी व प्रभावी प्रयोग किया।

बेसेंट द्धारा न्यू इंडिया समाचार पत्र की मदद से 1 सितम्बर, 1916 को होम-रुल लीग का न्यू इंडिया के नाम से शुभारम्भ कर दिया गया और ठीक इसी समय ब्रिटिश सरकार के लिए घातक सिद्ध हो रहे उग्र बाल गंगाधर तिलक ने, भी होम-रुल लीग की स्थापना की घोषणा कर दी जिसे ब्रिटिश सरकार ने, एक खतरे के तौर पर देखा और उन्हें रोकने के लिए हिरासत में, ले लिया।

अंत, हम, कह सकते हैं कि, न्यू इंडिया समाचार पत्र ने व अपने इस समाचार पत्र की मदद से बेसेंट ने, भारतीय राजनीति के निर्माण और स्वतंत्र भारत के निर्माण में, एक प्रासंगिक योगदान दिया है।

Commonweal newspaper (कॉमनव्हील समाचार पत्र)

कॉमनव्हील समाचार पत्र वो दुसरा साप्ताहिक समाचार पत्र हैं जो कि, बेसेंट द्धारा सम्पादित किया गया था। यह समाचार पत्र जनवरी 1914 में, हमारे सामने एक साप्ताहिक समाचार पत्र के रुप में, सामने आया था जिसमें बेसेंट ने, भारतीय स्वतंत्रता के साथ-साथ भारतीय सामान्य हित की बात की थी।

Commonweal newspaper की मदद से बेसेंट ने, भारतीय एकता और समृद्धता को एक सतत अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया था ताकि एक आम भारतवासियों को अपने अधिकारो और सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति जागरुक किया जा सकें इसके साथ ही साथ बेसेंट ने, अपने Commonweal News Paper की मदद से कोशिश की थी आम भारतवासियो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जायेगा ताकि हर भारतवासी आत्मनिर्भर होकर अपना विकास कर सकें और मजबूती से भारत के लिए स्वतंत्रता की प्राप्ति में अपना योगदान दे सकें।

अंत, इस प्रकार हम, कह सकते है कि, डॉ, ऐनी बेसेंट ने, अपने दोनो समाचार पत्रो अर्थात् New India and Commonweal newspapers की मदद से भारतीय राजनीति और भारतीय स्वतंत्रता को नई पहचान देने प्रयास किया हैं साथ ही साथ आम भारतवासियों को आत्मनिर्भर बनाकर ब्रिटिश गुलामी से मुक्त करने का भी भरसक प्रयास किया हैं जिसके फलस्वरुप हम, आज स्वंतत्र हैं और स्वतंत्रतापूर्वक अपने जीवन और उज्जवल भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

न्यू इंडिया समाचार पत्र व कॉमनव्हील समाचार पत्र से संबंधित प्रश्नावली

सवाल 1 – न्यू इंडिया व कॉमनव्हील समाचार पत्रो का सम्पादन किसने किया?

जबाव 1 – डॉ. ऐनी बेसेंट ने।

सवाल 2 – कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्षा कौन थी?

जबाव 2 – डॉ. ऐनी बेसेंट।

सवाल 3 – डॉ. ऐनी बेसेंट के न्यू इंडिया व कॉमनव्हील समाचार पत्रो को किनके समाचार पत्रो के समकक्ष माना जाता हैं?

जबाव 3 – महात्मा गांधी के हरिजन व बाल गंगाधर तिलक के केसरी समाचार पत्र के समकक्ष माना जाता हैं।

सवाल 4 – डॉ. ऐनी बेसेंट को होम-रुल का मौलिक विचार कहां से मिला था?

जबाव 4 – आयरलैंड से।

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