देशभर में केंद्र सरकार ने की ‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट’ कार्यक्रम की शुरुआत, जानिए क्या है इसमें खास

1096
स्टूडेंट पुलिस कैडेट

देशभर के छात्रों में नैतिक मूल्यों को विकसित करने और नए भारत के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम की शुरुआत गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हरियाणा के गुरुग्राम से की। स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम लागू करने के पीछे केंद्र सरकार का मकसद पुलिस और युवाओं के बीच एक पुल तैयार करना है,जिससे कि देश से अपराधिक घटनाओं में कमी आ सकें और छात्रों में राष्ट्रीय भावना जागृत हो, साथ ही वे एक जिम्मेदार नागरिक बने।

स्टूडेंट पुलिस कैडेट क्या है?

स्टूडेंट पुलिस कैडेट की शुरुआत हरियाणा के गुरुग्राम में 21 जुलाई 2018 को शुरू की गई। एसपीसी कार्यक्रम आठवीं और नौंवी कक्षा के छात्र- छात्राओं के लिए हैं, जो पूरे देश भर में लागू किया जाएगा। इसके तहत देशभर के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को इसके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

स्टूडेंट पुलिस कैडेट से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  • इस कार्यक्रम के तहत दो विषयों को कवर किया जाएगा।
  • अपराध निवारण और नियंत्रण (Crime Prevention & Control)
  • मूल्य और नैतिकता (Value & Ethics)
  • दो विषयों के तहत ये निम्नलिखित विषय भी कवर किये जाएंगे।
  1. अपराध निवारण और नियंत्रण (Crime Prevention & Control)
  • Community Policing
  • Road Safety
  • Fight against Social Evils
  • Safety of Women & Children
  • Fight against Corruption and Disaster Management.
  1. मूल्य और नैतिकता (Value and Ethics)
  • Respect for Elders
  • Empathy & Sympathy
  • Tolerance
  • Patience
  • Attitude
  • Team Spirit
  • Discipline
  • एसपीसी कक्षा के लिए छात्रों को 1 महीने में केवल 1 ही क्लास करना होगा, जो कि वैकल्पिक होगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि छात्रों पर वर्कलोड ना बढ़े।
  • एसपीसी के कक्षाओं की ना तो कोई किताब होगी और ना ही इसकी किसी तरह की परीक्षा ली जाएगी।
  • छात्रों को पुलिस के कार्यों को बेहतर तरीके से समझने के लिए महिला पुलिस स्टेशनों, एनजीओ, ट्रैफिक पुलिस, फायर स्टेशनों और बाल संरक्षण गृहों में भी ले जाया जाएगा।
  • छात्रों को ग्रुप डिस्क्शन और ऑडियो- विजुअल के जरिए भी शिक्षा दी जाएगी।
  • केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम को कार्यान्वित करने के लिए राज्यों को 67 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
  • साथ हर एक स्कूल को प्रशिक्षण के लिए 50 हजार रुपए भी आवंटित के गए हैं।
  • एसपीसी ट्रेनिंग की अवधि दो साल होगी।
  • यह परियोजना पहले से ही केरल और गुजरात में एक पायलट परियोजना के रुप में चलाई जा रही है।

परियोजना प्रशासन

ये परियोजना राज्य, जिला और स्कूल स्तर के समितियों द्वारा किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता और शिक्षा और पुलिस महानिदेशक की सदस्यता वाली राज्य स्तरीय समिति इस पहल को लागू करेगी | जिला स्तर पर, जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली और स्कूलों के जिला निरीक्षक और पुलिस अधीक्षक की सदस्यता वाली जिला स्तरीय समिति इस एसपीसी कार्यक्रम को लागू करेगी |

 

Leave a Reply !!

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.