मैं सेलिंग में असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा? By Frank Bettger: जोश की एक खुराक

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Main Selling Mein Asaphalta SE Saphalta Tak Kaise Pahuncha by Bettger Frank
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मैं सेलिंग में असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा? By Frank Bettger को पढ़ने के बाद आपके अंदर एक ऐसा जोश जगेगा, जो आपके अंदर से निराशा को हमेशा के लिए बाहर निकाल कर फेंक देगा।

आखिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ? अब बचा ही क्या है मेरी ज़िंदगी में? क्या फायदा कुछ भी करके जब मिलना कुछ है ही नहीं? मेरी किस्मत ही फूटी है, तो भला कहां से नसीब होगी मुझे एक बेहतर ज़िंदगी? इस तरह की सोच हम में से ज्यादातर लोगों के मन में तब आने लगती है, जब हम अपनी कोशिशों में नाकामयाब हो जाते हैं। ऐसी सोच हम पर तब हावी होने लगती है, जब हम उम्मीद करना ही छोड़ देते हैं। ऐसे में निराशा हमें चारों ओर से घेर लेती है और जो अंधेरा हमारी ज़िंदगी में छा जाता है, उससे बाहर निकल पाना हमारे लिए बहुत ही मुश्किल हो जाता है। यदि आप भी खुद को ऐसे ही अंधेरे में घिरा हुआ पा रहे हैं, तो आपको फ्रैंक बेट्गर की किताब ‘मैं असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा?’ एक बार जरूर पढ़नी चाहिए।

हम आपको यहां मैं सेलिंग में असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा? book summary in Hindi बता रहे हैं, जिसे पढ़ने के बाद आप यह समझ पाएंगे कि आखिर इस किताब को पढ़ना क्यों जरूरी है और इस किताब को पढ़ लेने के बाद आपकी ज़िंदगी को किस तरह से आगे बढ़ने के लिए एक नया रास्ता मिलेगा।

कौन हैं फ्रैंक बेट्गर?

इससे पहले दोस्तों कि हम इस किताब ‘मैं सेलिंग में असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा?’ के बारे में आपको बताएं, उससे पहले आपको हम यह बता देते हैं कि इस किताब के लेखक फ्रैंक बेट्गर आखिर हैं कौन। फ्रैंक का जीवन कठिनाइयों से भरा रहा, क्योंकि उन्होंने बहुत ही छोटी उम्र में अपने मां-बाप को खो दिया था। यहां तक कि वे अपने स्कूल की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर सके थे। किशोरावस्था में कदम रखने के बाद उन्होंने बेसबॉल खेलना शुरू किया था, लेकिन चोट की वजह से उन्हें इस खेल को भी छोड़ना पड़ा। आखिरकार उन्होंने बिजनेस में अपना हाथ आजमाया। नई-नई चीजें सीखते रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि जब वे 40 साल के हुए, तब तक उन्होंने अपने बिजनेस को बहुत बड़ा बना लिया था।

धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सफलता को भुनाना शुरू कर दिया। कई किताबें उन्होंने लिख डाली। कई सेमिनार का उन्होंने आयोजन किया। इस तरह से वे कामयाबी की सीढ़ियां अपनी जिंदगी में चढ़ते चले गए। करीब 40 साल पहले फ्रैंक दुनिया छोड़ गए, लेकिन अपने पीछे वे किताबों का खजाना छोड़ गए। उनकी किताब ‘मैं असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा?’ इन्हीं में से एक है।

क्यों पढ़ें मैं असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा? By Frank Bettger

दोस्तों यदि आप उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें बिजनेस में अच्छी रुचि है, लेकिन यह नहीं मालूम कि अपने उत्पादों को किस तरीके से बेचा जाए और किस तरीके से बिजनेस को आगे बढ़ाया जाए, तो आपको फ्रैंक बेट्गर की यह किताब जरूर पढ़नी चाहिए। वह इसलिए कि इस किताब में आपको यह पढ़ने को मिलता है कि किस तरीके से आप अपने उत्पादों की सेलिंग को बढ़ाकर अपने व्यापार को काफी दूर तक ले जा सकते हैं। यह किताब आपको बताती है कि कोई भी डील करने के लिए आपके अंदर कौन-कौन सी क्वालिटी होनी चाहिए। इसके अलावा यह किताब आपको बिजनेस में सफलता पाने के लिए कई तरह के गुर भी बताती है। यह किताब आपको कुछ ऐसे सबक देती है, जो आपके बिजनेस के साथ आपकी जिंदगी को भी बेहतर बनाने में आपके बहुत काम आएगा।

पहले सोचें, फिर करें कोई काम

जी हां, फ्रैंक बेट्गर की किताब ‘मैं सेलिंग में असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा?’ यह एक बहुत बड़ी सीख देती है। अपनी इस किताब में फ्रैंक बताते हैं कि आप जब भी किसी काम को शुरू करने जा रहे हैं, तो इसके लिए यह बहुत ही जरूरी है कि उस काम के बारे में आप बहुत ही अच्छी तरीके से सोच-विचार कर लें। यदि आप किसी भी तरह की परेशानी या विपत्ति से बचना चाहते हैं, तो ऐसे में यह बहुत ही जरूरी है कि आप प्राथमिकताओं के मुताबिक अपने काम तय कर लें और उसी के मुताबिक अपने कदम बढ़ाएं।

खुद पर भरोसा सबसे जरूरी

बिल्कुल! जब तक आप खुद पर यकीन ही नहीं करते हैं, तब तक भला कोई और आप पर भरोसा कैसे कर पाएगा? जिस उत्पाद को आप बेचना चाहते हैं; जो सेवा आप देना चाहते हैं या फिर जो आईडिया आप दूसरों को बेचना चाहते हैं, उसके बारे में जब तक आपको बहुत अच्छी जानकारी नहीं होगी; जब तक आपको खुद इन पर विश्वास नहीं होगा, तब तक आप यह जान लें कि कोई भी आपकी चीजों पर भरोसा नहीं करने वाला। इसलिए यदि आप अपने बिजनेस को कामयाब बनाना चाहते हैं, यदि आप अपने उत्पादों की सेलिंग को बढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए यह बहुत ही जरूरी है कि आपके अंदर आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा हो।

जरूरत समझ लिया तो और क्या चाहिए

दोस्तों! कोई भी आदमी किसी भी चीज को तभी खरीदता है, जब उसे उस चीज की जरूरत होती है। इसलिए फ्रैंक बेट्गर की इस किताब में एक महत्वपूर्ण सीख यह भी दी गई है कि आप सामने वाले की जरूरत को परखने की कोशिश करें। आप यह पता लगाएं कि आखिर सामने वाला कौन-सी चीज खरीदना चाहता है। यदि आपको यह बात समझ में आ गई, तो इसके मुताबिक आप अपनी चीजों को बेच सकते हैं। यकीन मानिए, इससे आपकी सेलिंग इतनी बढ़ जाएगी, जिसके बारे में आपने पहले कभी सोचा भी नहीं होगा।

आपके उत्साह से बढ़ेगी सेलिंग

क्या आपने कभी यह गौर किया है कि यदि आपके सामने कोई व्यक्ति बहुत ही उत्साह से पेश आता है, तो आपको अपने अंदर भी एक गजब की सकारात्मकता महसूस होती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उत्साह एक ऐसा गुण है, जो अपने आसपास के माहौल में भी जोश भर देता है। फ्रैंक बेट्गर की किताब ‘मैं असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा?’ भी यह बताती है कि आप यदि अपने उत्पादों को बेचना चाहते हैं और अपने बिजनेस को वाकई बढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए यह बहुत ही जरूरी है कि आप अपनी ज़िंदगी में उत्साह से परिपूर्ण रहें। जब आप पूर्ण उत्साह के साथ अपनी चीजों को बेचते हैं, तो सामने वाला भी उतने ही उत्साह और उतनी ही खुशी से आपकी चीजों को खरीदने में रुचि दिखाता है। यह उत्साह केवल आपके बिजनेस को ही नहीं चमकाता, बल्कि आपकी व्यक्तिगत जिंदगी में भी यह रौनक फैलाने का काम करता है।

पूछेंगे तभी तो जानेंगे

फ्रैंक बेट्गर की किताब ‘मैं सेलिंग में असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा?’ अपने बिजनेस को रफ्तार देने के लिए एक और कारगर उपाय यह भी बताती है कि पूछने की कला आपको अंदर विकसित कर लेनी चाहिए। जी हां दोस्तों, आप सामने वाले से जितना अधिक पूछेंगे, उतना अधिक आपको यह मालूम होगा कि उसे कौन-सी चीज पसंद है और वह किन चीजों को खरीदना चाहता है। एक बार आपको सामने वाले की पसंद और जरूरत के बारे में पता चल गया, तो इसके बाद आपको खुद मालूम है कि आपको क्या करना है।

ठीक से सुनना भी जरूरी

मैं असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा? By Frank Bettger अच्छी तरीके से सुनने की आवश्यकता पर विशेष बल देती है। इस किताब के मुताबिक जब आप सामने वाले को बहुत ही अच्छी तरीके से सुनते हैं, तो आपको अपने बिजनेस को बेहतर बनाने से संबंधित कई नए आइडियाज मिल जाते हैं। इससे अपने उत्पादों को बेच पाना आपके लिए और सरल हो जाता है। इस तरह से यह आपकी कामयाबी का मार्ग प्रशस्त करता है।

चलते-चलते

मैं असफलता से सफलता तक कैसे पहुंचा? book summary in Hindi पढ़ने के बाद आपके अंदर अपने बिजनेस को सफल बनाने के लिए इतनी अधिक जानकारी और इतनी अधिक ऊर्जा मौजूद होगी कि यदि आप इन पर अमल करना शुरू कर दें, तो इससे आपको कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने से कोई रोक नहीं पायेगा। इस किताब की सबसे खास बात यह भी है कि यह आपके अंदर एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, जो कि आपके अंदर ज़िंदगी जीने का एक नया नजरिया विकसित कर देती है। तो देर किस बात की दोस्तों! अभी आर्डर करें यह किताब और अपने बिजनेस को उतार दें कामयाबी की एक नई राह पर।

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