क्या है Indian Railways का Meri Saheli Initiative?

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Meri Saheli Initiative को Indian Railways की तरफ से शुरू किया गया है, ताकि देशभर में सभी क्षेत्रों में जो महिलाएं ट्रेन से यात्रा कर रही हैं, उन्हें पूरी तरीके से सुरक्षा प्रदान की जाए और यात्रा करने के दौरान महिलाएं खुद को महफूज महसूस कर सकें। देशभर में ट्रेन से यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यात्रा के दौरान भयमुक्त माहौल तैयार करने में भारतीय रेलवे की इस पहल से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। इस लेख में हम आपको इसी पहल के बारे में बता रहे हैं।

इस लेख में आपके लिए है:

  • Meri Saheli Initiative की कैसे हुई शुरुआत?
  • Meri Saheli Indian Railways ने क्यों किया शुरू?
  • Meri Saheli Initiative की विशेषताएं
  • महिला विंग रहेगी सक्रिय

Meri Saheli Initiative की कैसे हुई शुरुआत?

  • Meri Saheli Indian Railways की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे सबसे पहले पिछले सितंबर में शुरू किया गया था। पायलट परियोजना के रूप में इसकी शुरुआत सबसे पहले दक्षिण पूर्व रेलवे में हुई थी।
  • जब दक्षिण पूर्व रेलवे में ट्रेन से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों ने भारतीय रेलवे की इस पहल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी तो इससे उत्साहित होकर रेलवे ने अपने सभी क्षेत्रों के साथ कोंकण रेलवे के लिए भी मेरी सहेली इनीशिएटिव को गत 17 अक्टूबर से बढ़ा दिया।
  • Meri Saheli Initiative की शुरूआत दरअसल रेलवे सुरक्षा बल की तरफ से की गई है, जिसे हम आरपीएफ के नाम से भी जानते हैं। RPF ने ट्रेन से यात्रा करने के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है।
  • रेल मंत्रालय की तरफ से बीते 27 अक्टूबर को इसे लेकर एक ट्वीट भी किया गया था, जिसमें बताया गया कि आरपीएफ के कर्मचारी रेल यात्रा के दौरान आपातकालीन स्थिति में महिला यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर 182 पर संपर्क साधने पर सुरक्षा नियंत्रण के इस्तेमाल से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह देते हैं और उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करवाते हैं।

Meri Saheli, Indian Railways ने क्यों किया शुरू?

  • जो महिला यात्री ट्रेन में यात्रा कर रही हैं, उन्हें अपने शुरुआती स्टेशन से लेकर गंतव्य स्टेशन तक ट्रेन में पूरी तरह से सुरक्षा मिले, इसी उद्देश्य से मेरी सहेली पहल को भारतीय रेलवे ने शुरू किया है।
  • भारतीय रेलवे द्वारा इस पहल के शुरू किए जाने से चाहे छोटी दूरी के मार्ग हों या फिर लंबे दूरी के मार्ग, ट्रेन से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के बीच सुरक्षा की भावना विकसित होगी।
  • ट्रेन में यात्रा करने के दौरान महिलाओं के सामने सुरक्षा से जुड़े किसी भी तरह के मुद्दे हों या किसी भी तरह की समस्याएं, इन सभी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए और इन सभी को माकूल जवाब देने के लिए ही भारतीय रेलवे ने यह पहल की है।
  • Meri Saheli Initiative को सबसे पहले पश्चिम रेलवे की दो ट्रेनों 12955 मुंबई सेंट्रल-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 02925 बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल ट्रेन में भारतीय रेलवे ने शुरू किया है।

Meri Saheli Initiative की विशेषताएं

  • Meri Saheli Initiative के लिए Indian Railways ने एक कार्य नीति तैयार की है। जो युवा महिला RPF कर्मचारी हैं, उनकी एक टीम बना दी गई है। जो महिला यात्री ट्रेनों में यात्रा कर रही हैं और खास तौर पर वैसी महिलाएं जो अकेली यात्रा कर रही हैं, उन लोगों से यह टीम उनके स्टेशनों पर मिलेगी और उनसे बातचीत करके उनसे पता करेगी कि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं हो रही है।
  • इसके अलावा ये महिला आरपीएफ कर्मी इन महिलाओं को यह भी बताएंगी कि यात्रा के दौरान उन्हें किस तरह की सावधानियां बरतनी हैं। महिला यात्रियों को वे बताएंगी कि यदि उन्हें ट्रेन के कोच में किसी भी तरह की परेशानी होती है या उन्हें किसी भी तरह का खतरा महसूस होता है तो ऐसे में वे 182 हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सकती हैं।
  • जिन सीटों पर महिला यात्री मौजूद हैं, उन सीटों की संख्या के बारे में आरपीएफ की टीम जानकारी जमा करेगी। इनसे मिलकर यह टीम इन महिला यात्रियों को बताएगी कि ट्रेन किन-किन स्टेशनों पर रुकने वाली है।
  • रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ के जवान भी प्लेटफार्म पर ड्यूटी कर रहे होंगे, जो कि महिला यात्रियों से संबंधित कोचों के साथ उनके बर्थ पर अपनी नजर बनाए रखेंगे। यदि उन्हें महसूस होता है कि किसी तरह की कोई दिक्कत है, तो वे महिला यात्रियों से बातचीत करके इसे पता भी करेंगे और किसी तरह की जरूरत होने पर मदद भी मुहैया कराएंगे।
  • महिला यात्रियों की पहचान RPF की टीमें पहले ही कर लेंगी। ऐसे में जब वे अपने गंतव्य स्टेशन पर पहुचेंगी तो वहां इन महिला यात्रियों से ये टीमें उनकी प्रतिक्रिया भी हासिल करेंगी। महिला यात्रियों से जो प्रतिक्रिया यात्रा को लेकर प्राप्त होती है, उसका अच्छी तरीके से विश्लेषण किया जाएगा। यदि किसी तरह के सुधारात्मक कार्रवाई की जरूरत होती है, तो भारतीय रेलवे इसे गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल अमल भी करेगा।
  • रेल मंत्रालय ने कहा है कि मेरी सहेली पहल के अंतर्गत यदि किसी तरह का इमरजेंसी कॉल कवर की जा रही ट्रेनों से आता है तो वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर इनकी अच्छी तरह से निगरानी की जाएगी और इनसे तत्काल निपटा भी जाएगा।

महिला विंग रहेगी सक्रिय

  • महिला विंग में महिला अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगी।
  • महिला यात्रियों की पहचान के लिए ये पेट्रोलिंग करती रहेंगी। कोच नंबर और सीट नंबर जैसी चीजें ये नोट करके रखेंगी।
  • महिलाओं को ये हेल्पलाइन नंबर 182 के अतिरिक्त जीआरपी सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 1512 के बारे में भी बताएंगी।
  • महिलाओं को ये अजनबियों के साथ भोजन नहीं करने, सामान की देखभाल करने और सिर्फ अधिकृत आईआरसीटीसी स्टॉल से भोजन खरीदने जैसी सावधानियां बरतने की सलाह देंगी।

निष्कर्ष

Meri Saheli Initiative की दरकार Indian Railways में लंबे अरसे से थी, क्योंकि ट्रेनों में महिला यात्रियों के साथ होने वाले अपराध समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इस वजह से ट्रेन से यात्रा करने में देश के कई क्षेत्रों में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थीं। महिलाओं के इस डर को खत्म करने के लिए और सुरक्षित तरीके से उनकी यात्रा पूरी कराने के लिए भारतीय रेलवे ने जितनी तैयारी के साथ यह पहल की है, उससे यह कहा जा सकता है कि बहुत जल्द इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगेंगे।

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