कैसे करें बीटीसी परीक्षा की तैयारी

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भारतीय संस्कृति में गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊंचा माना जाता है। जो छात्र अध्यापन के क्षेत्र को अपना पेशा बनाना चाहते हैं उनके लिए संभावनाओं का कोई अंत नहीं है। विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं में एक प्रमुख परीक्षा है बीटीसी अथार्थ बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट। आइये इसके बारे में थोड़ा और जानते हैं:

बीटीसी परीक्षा क्या है?

 इस परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राइमिरी कक्षा के अध्यापकों के लिए आयोजित करता है। इस कोर्स में छोटे बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता की जानकारी दी जाती है। इसके अंतर्गत शिक्षक उस तकनीक का अध्ययन करते हैं जिसमें कक्षा एक से लेकर कक्षा पाँच तक के छात्रों को कैसे पढ़ाया जाये, इसकी विस्तार से जानकारी दी जाती है। मूल रूप से यह दो वर्ष का पाठ्यक्रम है जिसे उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग देख रेख करता है। लेकिन अब सरकार ने इसका नाम बदल कर डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन नाम रख दिया है जिसे बेसिक शिक्षा परिषद ने स्वीकार भी कर लिया है।

बीटीसी करने हेतु पात्रता :

कोई भी भारतीय युवा जिसकी न्यूनतम आयु 21 वर्ष हो, १२वीं पास करने के बाद इसे करने की योग्यता रखता है।

बीटीसी की उपयोगिता एवं वेतन :  

बीटीसी करने के बाद आप एक योग्य प्राइमिरी कक्षा के अध्यापक बन जाते हैं। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के पश्चात उसे एक प्रतिष्ठित पद प्राप्त होता है साथ ही साथ उस पद की गरिमा के अनुसार आकर्षक वेतन प्राप्त होता है। इस वेतन का प्राथमिक स्तर 1900 है जो उसके कार्य की प्रगति के अनुसार बढ़ता ही रहता है।

बीटीसी परीक्षा की तैयारी करना:

बीटीसी की तैयारी करने के लिए छात्रों को एक प्रवेश परीक्षा की तैयारी करनी होती है।

बीटीसी में एडमिशन हेतु परीक्षार्थी को एन्टेरेन्स परीक्षा को सफलता से पार करने के लिए परीक्षार्थी को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-

).समय सारणी  बनाना:

सर्वप्रथम परीक्षार्थी को समय सारणी बना लेना चाहिए  क्यूकी इसके बिना पढ़ाई व्यवस्थित रुप से नहीं हो पाती है।

२).डर एवं अनावश्यक तत्व को दूर रखना:

परीक्षा में सफल होना या न होने के डर को अपने मन से निकाल कर अपने मनोबल को ऊंचा रखकर अध्ययन में ध्यान देना चाहिए।

३).एकाग्रता हेतु ध्यान करना आवश्यक है:

 परीक्षा कोई सी भी हो छात्र को एकाग्र होकर अध्ययन करना नितांत आवश्यक है। इससे मानसिक शांति मिलती है और संयमित मन से मनोबल ऊंचा रखने में आसानी होती है।

४). समय प्रबंधन:

किसी भी कार्य की सफलता के लिए उसका समय प्रबंधन करना बहुत जरूरी है। परीक्षा अवधि को ध्यान रखते हुए प्रश्नपत्र को हल करने की तैयारी करना चाहिए ताकि परीक्षा के दौरान आपके पूरे प्रश्न हल हो पाएं।

उपर्युक्त बिंदुओं पर ध्यान रखते हुए परीक्षा की तैयारी की जाए तो अवश्य बीटीसी परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

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