आखिर क्या अंतर है एटम बम और हाईट्रेजेन बम में ?

दुनिया के परमाणु हथियारों में प्रमुख रूप से दो तरह के हथियार शामिल हैं पहला एटम बम और दूसरे जो ज्यादा शक्तिशाली हैं, हाइड्रोजन बम। इन दोनों बमों में आखिर क्या अंतर है?

nuclear weapons
एटम बम :-

एटम बम नाभिकीय विखंडन पर आधारित होते हैं । इसमें हथियार में लगे यूरेनियम या प्लूटोनियम परमाणु के टूटने से भारी मात्रा में ऊर्जा पैदा होती है। इस बम का सबसे पहला विस्फोट अमेरिका के न्यू मेक्सिको राज्य के रेगिस्तान में परीक्षण के दौरान 16 जुलाई 1945 में हुआ था।

चीन का पहला एटम बम परीक्षण :-

अभी तक किसी भी युद्ध में हाइड्रोजन बम का इस्तेमाल नहीं हुआ है। दुनिया के परमाणु हथियारों के जखीरे में बहुत सारे हाइड्रोजन बम भी शामिल हैं। इस बम में एक दो चरणों की प्रक्रिया होती है, जिसमें एटम बम विस्फोट भारी मात्रा में ऊष्मा पैदा करता है और फिर इसके नतीजे में नाभिकों का आपस में जुड़ना शुरू होता है जिसमें और ज्यादा बड़ा धमाका होता है। अमेरिका की सेना ने 1952 में पहले हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था, जो एटम बम की तुलना में 700 गुना ज्यादा ताकतवर था। एक साल बाद सोवियत यूनियन ने भी हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया। 1961 में रूस ने आर्कटिक में अब तक का सबसे बड़ा धमाका किया था, जिसे “त्सार बॉम्बा” कहा जाता है। इसमें 57,000 किलोटन के बल का प्रयोग किया गया।

हाइड्रोजन बम :-

एटम बमों से कई गुना ज्यादा ताकतवर हैं हाइड्रोजन या थर्मोन्यूक्लयर। यह हाइड्रोजन आइसोटोप्स के आपस में मिलने के सिद्धांत पर काम करते हैं। इसमें दो परमाणु नाभिकों के मिलने से भारी मात्रा में ऊर्जा पैदा होती है और सूर्य की असीमित ऊर्जा का स्रोत भी उसके गर्भ में होने वाली यही प्रक्रिया है।

हाइड्रोजन बम कैसे काम करता है :-

इसके लिए दो चरण की जरुरत होती है सबसे पहले न्यूक्लियर फ्यूज़न की जरुरत होती है और दूसरी क्रिया में न्यूक्लियर फ्यूज़न यानि विखंडन की क्रिया और ऐसे में शुरूआती क्रिया में फिजन होता है जिसकी वजह से एक्सरे निकलती है और जिस से निर्धारित तापमान जो फ्यूज़न  की क्रिया के लिए चाहिए होता है। जिसकी वजह से हाइड्रोजन के समस्थानिको के बीच सलयंन होता है फिर हाइड्रोजन के आईसोटोप बनते है, जो दोनों एक-दूसरे को विकर्षित करते है लेकिन एक्सरे की वजह से यह रेपेल कम होने लगता है और इसी वजह से इन आईसोटोप के फ्यूज़न  से बहुत अधिक मात्रा में उर्जा निकलती है। घातक किरणें भी ऐसे में हाइड्रोजन तो हीलियम में बदल जाता है |

क्या अंतर है हाइड्रोजन और एटम बम में  :

हाइड्रोजन बम, एटम बम से भी अधिक क्षति पैदा करने क्षमता रखता है क्योंकि इसमें परमाणु बम से कहीं अधिक उर्जा निकलती होती है, जिसकी वजह से यह 1000 गुना अधिक तबाही मचा सकता है साथ ही यह एटम बम से छोटा होता है लेकिन यह किसी भी युध्द में इस्तेमाल नहीं हुआ है जबकि एटम बम का इस्तेमाल अमेरिका जापान से युद्ध के समय में हिरोशिमा और नागासाकी पर कर चूका है जिसमे कुल 1,85,000 लोग मारे गए थे |

 

Comments