आखिरकार कौन हैं रोहिंग्या शरणार्थी ?

रोहिंग्या कौन है :-

rohingyaरोहिंग्या म्यांमार के उत्तर पश्चिमी छोर पर बांग्लादेश की सीमा पर बसे रखाइन प्रांत के रहने वाले हैं। म्यांमार सरकार की 2014 की जनगणना के अनुसार, रखाइन प्रांत की आबादी 21 लाख है जिसमें 20 लाख बौद्ध हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार इसमें 29,000 मुसलमान हैं। राज्य की करीब 10 लाख की आबादी को इस जनगणना में शामिल नहीं किया गया है और ये 10 लाख लोग इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं और इन्हीं को रोहिंग्या मुसलमान माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि ये अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हैं।

1982 में एक नया नागरिक कानून पास हुआ, जिससे प्रभावी रूप से रोहिंग्या को राज्यविहीन कर दिया गया। कानून के मुताबिक, इस बार भी रोहिंग्या को देश के 135 जाति समूहों में शामिल नहीं किया गया। इस कानून ने नागरिकता की तीन स्तरों की स्थापना की।  (प्राकृतिक नागरिकता) की नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह साबित करना ज़रूरी था कि व्यक्ति 1948 से म्यांमार में रह रहा हो, इसके साथ ही उसे एक राष्ट्रीय भाषा बोलनी आती हो। ज़्यादातर रोहिंग्या के पास ऐसा कोई सबूत नहीं था कि वे वहां 1948 से रह रहे हैं।

इस कानून के परिणाम के अनुसार, उनके शिक्षा, काम, यात्रा, विवाह, नौकरी, स्वास्थ्य सेवाएं और धार्मिक कार्यों के अधिकारों पर रोक लगा दी गई। रोहिंग्या वोट नहीं दे सकते थे। आंकड़ों के अनुसार, 1970 से अब तक लगभग 10 लाख रोहिंग्या म्यांमार छोड़ चुके हैं। शरणार्थियों की अंतराष्ट्रीय संस्था के मुताबिक, अक्टूबर 2016 से जुलाई 2017 तक 87,000 रोहिंग्या म्यांमार से बांग्लादेश जा चुके हैं।

रोहिंग्या शरणार्थी का मामला :-

म्यांमार में 25 अगस्त को भड़की हिंसा में क़रीब 400 मौतों की ख़बर है। म्यांमार में बौद्ध बहुसंख्यक हैं और ये रोहिंग्या को अप्रवासी मानते हैं। रोहिंग्या समुदाय 12वीं सदी के शुरुआती दशक में म्यांमार के रखाइन इलाके में आकर बस तो गया, लेकिन स्थानीय बौद्ध बहुसंख्यक समुदाय ने उन्हें आज तक नहीं अपनाया है। 2012 में रखाइन में कुछ सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद रोहिंग्या और सुरक्षाकर्मियों के बीच व्यापक हिंसा भड़क गई। तब से म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा जारी है। रोहिंग्या और म्यांमार के सुरक्षा बल एक-दूसरे पर अत्याचार करने का आरोप लगा रहे हैं। ताजा मामला 25 अगस्त को हुआ, जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया। इस लड़ाई में कई पुलिस वाले घायल हुए, इस हिंसा से म्यांमार के हालात और भी खराब हो गए। तब से रोहिंग्या का पलायन शुरू है ।

रोहिंग्या की ताज़ा स्थिति :-

25 अगस्त को रोहिंग्या चरमपंथियों ने म्यामांर के उत्तर रखाइन में पुलिस पोस्ट पर हमला कर 12 सुरक्षाकर्मियों को मार दिया था। इस हमले के बाद सेना ने अपना क्रूर अभियान चलाया और तब से ही म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों का पलायन जारी है। आरोप है कि सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों को वहां से खदेड़ने के मक़सद से उनके गांव जला दिए और नागरिकों पर हमले किए। पिछले महीने शुरू हुई हिंसा के बाद से अब तक करीब 3,79,000 रोहिंग्या शरणार्थी सीमा पार करके बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं।

 

 

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