अवनि चतुर्वेदी ने उड़ाया फाइटर प्लेन और कर लिया ये खिताब अपने नाम

188

इन पंक्तियों को जिसने भी लिखा होगा, क्या खूब लिखा है। क्योंकि अगर हौसला और जज्बा हो, तो एक दिन आसमान की ऊंचाईयों को भी छूआ जा सकता है। ये लाइनें भार की उस महिला पर सटीक बैठती है,जिसने पहली बार अकेले ही फाइटर जेट उड़ाया। जी हां, हम बात कर रहे हैं अवनि चतुर्वेदी की। फ्लाइंग ऑफिसर अवनि ने अकेले मिग-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाने का ख़िताब अपने नाम कर लिया है। ना सिर्फ इतना, अवनि इंडियन एयरफोर्स में पहली महिला फाइटर पायलट भी बन चुकी हैं। अवनि ने मिग-21 में गुजरात के जामनगर एयरबेस से उड़ान भरी और एक बार में ही इसे पूरा भी कर लिए। मिग-21 ‘बाइसन’ की दुनिया में सबसे ज्यादा लैंडिंग और टेक-ऑफ स्पीड है।

महज 24 साल की फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी आज सबके लिए एक प्रेरणा हैं, अवनि मध्यप्रदेश के रीवा की रहने वाली है। अवनि का जन्म सतना जिले के कोठीकंचन गांव में हुआ था। शहडोल जिले से अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद अवनि ने राजस्थान की वनस्थली यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की। अवनि के पिता मध्य प्रदेश सरकार के जल संसाधन विभाग में इंजीनियर हैं और मां एक हाउस वाइफ। अवनि का भाई भारतीय सेना में कैप्टन है। अवनि को उनके भाई से हे भारतीय सेना में काम करने की प्रेरणा मिली।

अवनि के पिता दिनांकर चतुर्वेदी कहते हैं की अवनि बचपन से ही काफी शांत स्वभाव की थी। उसे हमेशा से ही अनुशासन में रहना पसंद है और वह पढ़ाई में भी काफी अच्छी रही है। उसने 10वीं और 12वीं दोनों ही बोर्ड एग्जाम में अपने स्कूल में टॉप किया था । साल 2003 में कल्पना चावला की मौत के बाद अवनि ने उनके बारे में पढ़ा, तब पहली बार पहली बार अवनि ने अंतरिक्ष में उड़ान भरने की इच्छा ज़ाहिर की।

आपको बता दें कि महिला फाइटर पायलट बनने के लिए साल २०१६ में भारत में पहली बार तीन महिलाओं, मोहना सिंह, अवनि चतुर्वेदी और भावना को चुना गया था । 2016 के पहले भारतीय वासुसेना में महिलाओं को फाइटर प्लेन चलाने के लिए नियुक्त नहीं किया जाता था। उस वक्त तक महिलाएं केवल हेलीकॉप्टर और दूसरे विमान ही उड़ाती थीं। पर आज इंडियन एयरफोर्स में 94 महिला पायलट हैं जो देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

अवनि मानति हैं कि महिलाओं के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। फ्लाइंग के लिए किसी भी तरह की मसल् पावर की जरुरत नहीं होती है। सबकुछ सिर्फ आपके हौसले और फ्लाइंग में आपके कौशल पर निर्भर करता है।

अपनी ही तरह दूसरी महिलाओं के लिए अवनि आज एक रोल मॉडल है। वहीं अवनि का मन्ना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में काम करने के लिए सक्षम हैं।

Comments